NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
एएमयू छात्रों ने ईद की ‘दावत’ का किया बहिष्कार
छात्रों का कहना है कि कश्मीर घाटी में सप्ताह भर से अधिक समय हो गया, सभी संचार साधन बंद पडे़ हैं। उन्हें घाटी में अपने परिवार वालों का हालचाल नहीं मिल पा रहा है इसलिए त्योहार मनाने का सवाल नहीं उठता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2019
AMU
फोटो साभार : indian express

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कश्मीरी छात्रों ने एएमयू गेस्ट हाउस में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल की ओर से सोमवार को आयोजित ईद की ‘दावत’ का बहिष्कार किया।

कश्मीरी युवकों ने कश्मीर घाटी में हाल के घटनाक्रम के प्रति विरोध दर्ज कराने के लिए यह बहिष्कार किया। उनका कहना है कि दावत पर बुलाना कश्मीरी लोगों के ज़ख़मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

एएमयू प्रशासन ने संपर्क करने पर बहिष्कार की पुष्टि करते हुए कहा कि कश्मीरी छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए हर कदम उठाए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की सलाह के अनुरूप उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी उपाय किए जा रहे हैं। कश्मीरी छात्रों ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईद की दावत पर बुलाना अंतरराष्ट्रीय जनमत को गुमराह करने और केन्द्र सरकार के असंवैधानिक कदम से उत्पन्न मानवीय संकट से ध्यान बांटने का खोखला प्रयास है। कश्मीरी छात्रों का सोशल मीडिया पर लिखा गया यह पोस्ट वायरल हो गया है।

इन छात्रों ने कहा कि कश्मीर घाटी में सप्ताह भर से अधिक समय हो गया, सभी संचार साधन बंद पडे़ हैं। उन्हें घाटी में अपने परिवार वालों का हालचाल नहीं मिल पा रहा है इसलिए त्योहार मनाने का सवाल नहीं उठता है। एएमयू में लगभग 1300 कश्मीरी छात्र पढ़ रहे हैं।

इधर, दिल्ली में भी कश्मीरी छात्रों ने ईद में घर से दूर रहने के दुख का इज़हार करते हुए सार्वजनिक तौर पर जंतर-मंतर पर ईद मनाई, जिसमें दिल्ली के प्रबुद्ध और नागरिक समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और इन छात्रों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की। (समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Aligarh Muslim university
UttarPradesh
Jammu and Kashmir
Article 370
eid
Delhi

Related Stories

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

UP: हिंदी में फेल 8 लाख स्टूडेंट हमारी जीवन चिंतन का हिंदी से दूर हो जाने का रिजल्ट है !

फेक्ट चेक: प्रयागराज में तबलीग़ी जमात पर टिप्पणी करने पर युवक की हत्या!

जम्मू कश्मीर में सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने की सीपीएम ने आलोचना की

बात बोलेगी : क्या हम कश्मीर को भारत का फिलिस्तीन बनाने की राह पर बढ़ रहे हैं !

उन्नाव बलात्कार कांड: सुप्रीम कोर्ट ने सारे मामले दिल्ली की अदालत को सौंपे

दुराचार कर सोशल मीडिया पर वायरल किया वीडियो : मुकदमा दर्ज


बाकी खबरें

  • Ukraine Russia
    पार्थ एस घोष
    यूक्रेन युद्ध: क्या हमारी सामूहिक चेतना लकवाग्रस्त हो चुकी है?
    14 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न उस पवित्र गाय के समान हो गया है जिसमें हर सही-गलत को जायज ठहरा दिया जाता है। बड़ी शक्तियों के पास के छोटे राष्ट्रों को अवश्य ही इस बात को ध्यान में रखना होगा, क्योंकि बड़े…
  • Para Badminton International Competition
    भाषा
    मानसी और भगत चमके, भारत ने स्पेनिश पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 21 पदक जीते
    14 Mar 2022
    भारत ने हाल में स्पेनिश पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय (लेवल दो) प्रतियोगिता में 11 स्वर्ण, सात रजत और 16 कांस्य से कुल 34 पदक जीते थे।
  • भाषा
    बाफ्टा 2022: ‘द पावर ऑफ द डॉग’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म
    14 Mar 2022
    मंच पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार देने आए ‘द बैटमैन’ के अभिनेता एंडी सर्किस ने विजेता की घोषणा करने से पहले अफगानिस्तान और यूक्रेन के शरणार्थियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार के लिए सरकार पर निशाना…
  • उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: दक्षिण अमेरिका में वाम के भविष्य की दिशा भी तय करेंगे बोरिक
    14 Mar 2022
    बोरिक का सत्ता संभालना सितंबर 1973 की सैन्य बगावत के बाद से—यानी पिछले तकरीबन 48-49 सालों में—चिली की राजनीतिक धारा में आया सबसे बड़ा बदलाव है।
  • indian railway
    बी. सिवरामन
    भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा
    14 Mar 2022
    यह लेख रेलवे के निजीकरण की दिवालिया नीति और उनकी हठधर्मिता के बारे में है, हालांकि यह अपने पहले प्रयास में ही फ्लॉप-शो बन गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License