NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
एस्सार ग्रुप क्या इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कानून प्रक्रिया से बच रहा है?
डेढ़ साल की आईबीसी रिज़ॉल्यूशन प्रक्रिया के निर्णायक मोड़ पर एसबीआई एस्सार स्टील इंडिया लिमिटेड में अपने पूरे ऋण को नीलाम कर रहा है। एसबीआई के इस कदम पर विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं।
पृथ्वीराज रूपावत
23 Jan 2019
ESSAR
Image Courtesy: indian express

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने 16 जनवरी को एस्सार स्टील इंडिया लिमिटेड को दिए 15,431.44 करोड़ रुपए के कर्ज की नीलामी का ऐलान किया है। एस्सार के इस बकाया कर्ज पर संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियां, बैंक और वित्तीय संस्थान बोली लगा सकते हैं। नीलामी के लिए ख़रीदारों को 30 जनवरी को बुलाया गया है। बैंक ने तय किया है कि वह इस कर् को ख़रीदने वालों से कम से कम 9,587.64 करोड़ रुपए लेगा।

यह ऐसे समय में हुआ है जब अहमदाबाद स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) 31 जनवरी को अपना आदेश सुनाएगा। यह इस बात को लेकर आदेश देगा कि एस्सार स्टील के कुल कर्ज को निपटाने के लिए एस्सार एशिया होल्डिंग्स लिमिटेड (ईएसएएचएल) को अनुमति दी जाए या आर्सेलर मित्तल की समाधान योजना को मंजूरी दी जाए। आर्सेलर मित्तल की समाधान योजना को पहले ही कमेटी ऑफ क्रेडिटर (सीओसी) द्वारा मंज़ूरी दे दी गई थी जिसमें इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) समाधान प्रक्रिया के सदस्य के रूप में बड़ी स्टेकहोल्डर एसबीआई है। लेकिन इस महत्वपूर्ण मोड़ पर एस्सार स्टील को दिए क़र्ज़ को नीलाम करने के लिए एसबीआई द्वारा अचानक उठाया गया कदम पूरे आईबीसी रिज़ॉल्यूशन क्रिया और आईबीसी क़ानून की सत्यनिष्ठा को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।

एस्सार स्टील में ईएसएएचएल का 72 फीसदी शेयर है। एस्सार स्टील पर बकाया लगभग 54,389 करोड़ रुपये का निपटारा करने के लिए ईएसएएचएल की पेशकश को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि एसबीआई अपने ऋण को काफी कम क़ीमतों पर क्यों बेचना चाहता है।

एसबीआई के इस क़दम पर सवाल उठाते हुए सुचेता दलाल ने मनीलाइफ में लिखा 'यह बेहद अजीब है क्योंकि एसबीआई सीओसी का हिस्सा था जो पहले ही एलएन मित्तल के 42,000 करोड़ के बिड की मंज़ूरी दे चुका है और यह इस समूह का सबसे बड़ा ऋणदाता है। इसके अलावा जब एस्सार स्टील ने असुरक्षित लेनदारों को पैसे देने सहित पूरे पुनर्भुगतान का वादा किया है तो एसबीआई इतनी जल्दी में ऋण को कम क़ीमत पर क्यों बेच सकता है? कुल मिलाकर एसबीआई एक सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक (पीएसबी) है और यह पैसा जनता का है।” दलाल ने यह भी सवाल किया कि एस्सार समूह अचानक सभी ऋण कैसे चुकाएगा जबकि उसकी सहायक एस्सार समूह क़रीब डेढ़ साल से अधिक समय से विलफुल डिफॉल्टर रहा है।


यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एस्सार समूह पर विदेशी ऋणदाताओं के पुनर्भुगतान शर्त के मुताबिक भुगतान न करने का रिकॉर्ड है और विदेशों में कई मुक़दमों और वसूली कार्रवाई का सामना कर रहा है।

एस्सार स्टील का गुजरात के हज़ीरा में प्रति वर्ष 10 मिलियन टन (एमटी) का मिल है जो अयस्क से संबंधित कार्य, पेलेट मेकिंग, आयरन मेकिंग, स्टील मेकिंग और डाउनस्ट्रीम की प्रक्रिया में शामिल है।

एस्सार स्टील की आईबीसी समाधान प्रक्रिया में हुए प्रमुख घटनाक्रम निम्नलिखित हैं:

जून 2017: भारतीय रिजर्व बैंक ने एस्सार स्टील को नॉन-परफॉर्मिंग असेट (विलफुल डिफॉल्टर) घोषित किया और आईबीसी समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए सूचित किया।

अगस्त 2017: एनसीएलटी अहमदाबाद ने एस्सार स्टील के मामले की सुनवाई शुरू की जबकि सीओसी और समाधान पेशेवरों ने आईबीसी समाधान प्रक्रिया शुरू की।

अप्रैल 2018: एनसीेएलटी ने सीओसी को नूमेटल मौरिशस और आर्सेलर मित्तल इंडिया द्वारा प्रस्तुत समाधान योजनाओं पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया। जबकि नूमेटल के मालिकों में से एक रेवंत रुइया हैं जो एस्सार स्टील के प्रमोटर परिवार के एक सदस्य हैं। आर्सेलर मित्तल एलएन मित्तल द्वारा स्थापित किया गया था।

4 अक्टूबर 2018: सुप्रीम कोर्ट ने आर्सेलर मित्तल और नुमेटल को एस्सार स्टील के लिए बोली लगाने का एक और मौका दिया यदि वे दो सप्ताह के भीतर अपने नॉन-परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) के बकाया को चुका देते हैं।

25 अक्टूबर 2018: एस्सार स्टील के सीओसी ने आर्सेलर मित्तल को क़र्ज़दार कंपनी सौंपने के पक्ष में मतदान किया क्योंकि इसने अपनी सहायक कंपनियों उत्तम गाल्वा और केएसएस पेट्रोन के लगभग 7000 करोड़ रुपए के बकाया राशि को चुका दिया था। आर्सेलर मित्तल की समाधान योजना में ऋणदाताओं को 42,000 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान और पूंजीगत व्यय के लिए अतिरिक्त 8,000 करोड़ रुपए की परिकल्पना की गई थी।


ठीक इसी दिन एस्सार समूह के ईएसएएचएल ने सीओसी को प्रस्ताव दिया कि वह एस्सार स्टील के कुल ऋण 54,389 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी और इसकी सहायक कंपनी को पुनः प्राप्त करेगी।

16 जनवरी 2019: एस्सार स्टील का प्रमुख ऋणदाता एसबीआई ने 15,431.44 करोड़ रुपए का अपने पूरे ऋण जोखिम को नीलाम करने की घोषणा की।

हालांकि आईबीसी प्रक्रिया में देरी या नूमेटल की बोली लगाने के एस्सार समूह के प्रयासों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यह समूह विशाल ऋण चुकाने में असमर्थता के बावजूद अपनी स्टील निर्माता कंपनी को कायम रखने को लेकर हताश है।

भले ही इस मामले में एनसीएलटी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए और एसबीआई आईबीसी प्रक्रिया से बाहर रहे ऐसे में आईबीसी क़ानून अपने उद्देश्य से विफल कर रहा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 से शुरू हुए आईबीसी प्रक्रिया में अब तक 900 से अधिक मामलों में से केवल 18 मामलों को ही समाधान योजनाओं के तहत बंद किया गया है और छोटे व्यवसायों से संबंधित 76 मामलों को अब तक ऋणमुक्त कर दिया गया है।
 

insolvency and bankruptcy essar SBI state bank of india ESAHL

Related Stories


बाकी खबरें

  • hunger crisis
    डॉ. राजू पाण्डेय
    चिंता: ग्लोबल हंगर इंडेक्स को लेकर भी असहिष्णु सरकार
    29 Oct 2021
    पिछले कुछ समय से सरकार ऐसे हर आकलन को खारिज करती रही है जो उसकी असफलताओं को उजागर करता है।
  • climate
    टिकेंदर सिंह पंवार
    जलवायु परिवर्तन का संकट बहुत वास्तविक है
    29 Oct 2021
    भविष्य में आने वाली अधिक आपदाओं का मुक़ाबला करने के लिए आपदा जोखिम को कमतर करने वाले सिद्धांतों को मज़बूत करने की ज़रूरत है।
  • Supreme Court on Pegasus
    अजय कुमार
    पेगासस जासूसी कांड पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी: 46 पन्नों के आदेश का निचोड़
    29 Oct 2021
    केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र कर सरकार को निजता के अधिकार के उल्लंघन से जुड़े सवालों के जवाब देने से छूट नहीं मिल सकती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 14,348 नए मामले, 805 मरीज़ों की मौत
    29 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.47 फ़ीसदी यानी 1 लाख 61 हज़ार 334 हो गयी है।
  • exxon
    इलियट नेगिन
    प्रतिबंधित होने के बावजूद एक्सॉनमोबिल का जलवायु विज्ञान को ख़ारिज करने वालों को फंड देना जारी
    29 Oct 2021
    अमेरिकी तेल और गैस की प्रमुख कंपनी एक्सॉनमोबिल ने जलवायु विज्ञान को लेकर संदेह पैदा करने के लिए 39 मिलियन डॉलर से ज़्यादा ख़र्च किए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License