NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूरोप
रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ
ये प्रतिबंध जल्द ही उस दो-तिहाई रूसी कच्चे तेल के आयात को प्रभावित करेंगे, जो समुद्र के रास्ते ले जाये जाते हैं। हंगरी के विरोध के बाद, जो बाक़ी बचे एक तिहाई भाग ड्रुज़बा पाइपलाइन से आपूर्ति की जाती है, उसे अस्थायी रूप से इस प्रतिबंध से छूट दे दी गयी है।

पीपल्स डिस्पैच
01 Jun 2022
EU
फ़ोटो: ईयू काउंसिल/ट्विटर

यूरोपीय संघ (EU) के नेता 2022 के आख़िर तक रूस से होने वाले ज़्यादातर तेल आयात में कटौती करने को लेकर एक समझौते पर पहुंच गये हैं। इस फ़ैसले का ऐलान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष, चार्ल्स मिशेल ने की।उन्होंन, कहा है कि इस प्रतिबंध के तहत रूस से होने वाले कच्चे तेल के आयात का "तुरंत दो-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा आ जाता है, जिससे सैन्य संसाधन के वित्तपोषण का एक बड़ा स्रोत ख़त्म हो जायेगा।” यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देश 30 से 31 मई के बीच ब्रुसेल्स में दो दिवसीय यूरोपीय परिषद शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं।

रूस हर साल 430 बिलियन डॉलर के भुगतान के लिए इस ब्लॉक के 27% तेल आयात और 40% गैस की आपूर्ति करता है। सोमवार को घोषित यह व्यापार प्रतिबंध सिर्फ़ उसी तेल आयात को प्रभावित करेगा, जो कि समुद्र के रास्ते टैंकरों में लाया जाता है,यह कुल रूसी आयात का दो-तिहाई हिस्सा है। बाक़ी एक तिहाई हिस्सा, जिसे द्रुज़बा पाइपलाइन से लाया जाता है, उसे अस्थायी रूप से छूट दे दी गयी है। यह पाइपलाइन स्लोवाकिया, चेक गणराज्य और हंगरी को तेल की आपूर्ति करती है। हंगरी अपना 65% तेल रूस से पाइपलाइनों के ज़रिये आयात करता है। जैसा कि बताया जा रहा है कि हंगरी ने एक पूर्ण तेल प्रतिबंध का विरोध किया था, प्रधान मंत्री विक्टर ओर्बन ने कहा था कि यूरोपीय आयोग सदस्य देशों के साथ ठीक से बातचीत करने में विफल रहा है।यह देखते हुए कि इन प्रतिबंधों को सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से मंज़ूरी मिलनी चाहिए, हंगरी के इस विरोध के चलते हफ़्तों तक बातचीत जारी रही।

रिपोर्टों के मुताबिक़, पाइपलाइनों के ज़रिये होने वाले आयात की इस छूट के अलावा, लगता है कि हंगरी ने आपातकालीन उपायों का आश्वासन भी हासिल कर लिया है, जो "आपूर्ति में अचानक खलल पड़ने की स्थिति में इस प्रतिबंध को तोड़ पायेगा। इस बीच, जर्मनी और पोलैंड ने कथित तौर पर साल के आख़िर तक पाइपलाइन के आयात को रोकने को लेकर स्वेच्छा से काम किया है। यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि इससे 90% रूसी आपूर्ति को लाकर इस प्रतिबंध के दायरे को बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आयोग "जितनी जल्द हो सके", द्रुज़बा पाइपलाइन छूट पर फिर से विचार करेगा।

सोमवार को घोषित यह आयात प्रतिबंध यूरोपीय संघ की ओर से मास्को के ख़िलाफ़ स्वीकृत प्रतिबंधों के छठे पैकेज का हिस्सा है। दूसरे उपायों में रूस के सबसे बड़े बैंक, सबेर बैंक(SberBank) को SWIFT(एक सुरक्षित मैसेजिंग नेटवर्क,जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड में स्थित तीन डेटा केंद्रों से चलाया जाता है) से हटाया जाना शामिल है। मार्च में सात अन्य बैंकों को इस मैसेजिंग सिस्टम से रोक दिया गया था। मिशेल ने " रूसी सरकार के स्वामित्व वाले 3 और प्रसारकों पर प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों पर भी प्रतिबंध" लगाने का ऐलान किया था। यूरोपीय संघ पहले ही रूस से लोहा, इस्पात, सीमेंट और लकड़ी के आयात पर प्रतिबंध लगा चुका है। इसने अप्रैल में कोयले पर प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की थी, जिसे चार महीने के दौरान चरणबद्ध तरीक़े से लागू किया जायेगा। इस समुदाय ने दर्जनों राजनीतिक, सैन्य और वित्तीय संस्थाओं और व्यक्तियों के ख़िलाफ़ भी आर्थिक प्रतिबंध लगाये हैं।

राज्य और क्षेत्रीय सरकारों को यूरोपीय संघ के वित्तीय और पूंजी बाज़ारों से बाहर रखा गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य G7 देशों के बीच एक समन्वित कार्रवाई में भी रूस को मार्च में सामान्य व्यापार सम्बन्धों से निलंबित कर दिया गया था। मॉस्को पर लगाये गये इन व्यापक आर्थिक और व्यापार प्रतिबंधों के साथ-साथ यूक्रेन में चार महीने से लम्बे चल रहे युद्ध ने दुनिया भर में बढ़ते खाद्य और ऊर्जा के संकट को पैदा कर दिया है। रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया के गेहूं सहित खाद्यान्न के निर्यात का तक़रीबन एक तिहाई हिस्सा का निर्यात करते हैं। पिछले हफ़्ते इतालवी प्रधान मंत्री, मारियो ड्रैगी के साथ हुई बातचीत के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूस "अनाज और उर्वरक के निर्यात के ज़रिये खाद्य संकट को कम करने के लिए इस शर्त पर काम करेगा कि पश्चिम की ओर से लगाये गये राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतिबंध हटा लिए जायें।" पुतिन ने नौ संचालन की सुरक्षा को सुनिश्चित किये जाने के उपायों की भी बात की, जिसमें अज़ोव और काला सागर बंदरगाहों से नागरिक जहाजों के रोज़-ब-रोज़ बाहर निकलने के लिए मानवीय गलियारे को खोलना भी शामिल है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

https://peoplesdispatch.org/2022/05/31/european-union-reaches-agreement-to-ban-russian-oil-imports/

EU
European Union
Russia
Hungary

Related Stories

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 


बाकी खबरें

  • unemployment
    तारिक़ अनवर
    उत्तर प्रदेश: क्या बेरोज़गारी ने बीजेपी का युवा वोट छीन लिया है?
    14 Feb 2022
    21 साल की एक अंग्रेज़ी ग्रेजुएट शिकायत करते हुए कहती हैं कि उनकी शिक्षा के बावजूद, उन्हें राज्य में बेरोज़गारी के चलते उपले बनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
  • delhi high court
    भाषा
    अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
    14 Feb 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’ अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
  • ashok gehlot
    भाषा
    रीट पर गतिरोध कायम, सरकार ने कहा ‘एसओजी पर विश्वास रखे विपक्ष’
    14 Feb 2022
    इस मुद्दे पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने सदन में नारेबाजी व प्रदर्शन जारी रखा। ये विधायक तीन कार्यदिवसों से इसको लेकर सदन में प्रदर्शन कर…
  • ISRO
    भाषा
    इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित
    14 Feb 2022
    पीएसएलवी-सी 52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह ईओएस-04 और दो छोटे उपग्रहों को सोमवार को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर दिया। इसरो ने इसे ‘‘अद्भुत उपलब्धि’’ बताया है।
  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License