NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। आइटी सेल और भाजपा के नेता धड़ल्ले से इसका प्रचार कर रहे हैं।
राज कुमार
16 Mar 2022
pramod samvant

इन दिनों विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” काफी चर्चा में है। फ़िल्म 1990 में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार और पलायन पर केंद्रित है। भाजपा इस फ़िल्म को लेकर काफी उत्साहित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के तमाम नेता और आइटी सेल के लोग इस फ़िल्म का प्रचार कर रहे हैं। फ़िल्म को कई भाजपा शासित प्रदेशों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और गुजरात आदि राज्यों में टैक्स फ्री कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ, मनोहर लाल खट्टर से लेकर प्रमोद सावंत तक फ़िल्म को प्रमोट कर रहे हैं। इसी सिलसिले में भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। आइटी सेल और भाजपा के नेता धड़ल्ले से इसका प्रचार कर रहे हैं।

14 मार्च को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा भाजपा अध्यक्ष और अन्य नेताओं के साथ द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म देखी। उसके बाद प्रेस को संबोधित करते हुए प्रमोद सावंत ने कहा कि “ये 1990 की स्टोरी है यानी तब की सरकार ने किस प्रकार से अत्याचार जम्मू कश्मीर के लोगों के ऊपर किया। तब की सरकार जो कांग्रेस की सरकार देश में थी 1990 में। मैं तो जम्मू-कश्मीर की बात ही छोड़ दूं, जो देश में 1990 में सरकार थी, उस दौरान कश्मीरी पंडितों, ना सिर्फ कश्मीरी पंडित बल्कि कश्मीर में जो लोग रहते थे उनके ऊपर जो अत्याचार हुआ है, वो पूरे देश को पता लगना ज़रूरी है”।

अब सवाल उठता है कि क्या प्रमोद सावंत का दावा सही है? क्या सचमुच 1990 में देश में कांग्रेस की सरकार थी? आइये, पड़ताल करते हैं।

क्या 1990 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी?

इस तथ्य के बारे में इस समय काफी कंफ्यूज़न चल रही है और भाजपा कांग्रेस को निशाना बनाने से नहीं चूक रही। लेकिन सच्चाई क्या है?

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार देश की नौंवी लोकसभा के लिये 1989 में चुनाव हुए थे। उस चुनाव में किसी भी राजनैतिक दल को बहुमत हासिल नहीं हुआ था। कांग्रेस को 197 सीट, नेशनल फ्रंट को 143 और भाजपा को 85 सीटें हासिल हुईं थी। उस वक्त देश में कांग्रेस के खिलाफ लहर थी और ग़ैर-कांग्रेसी दलों ने कांग्रेस को हराने के लिए नेशनल फ्रंट नाम से गठबंधन बनाया था जिसे भाजपा ने भी समर्थन दिया था। नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष एनटी रामाराव थे और संयोजक थे वीपी सिंह। नेशनल फ्रंट कांग्रेस को हराने और केंद्र में सरकार बनाने में कामयाब रहा था। तो असल में 1990 में देश में कांग्रेस नहीं बल्कि जनता दल और भाजपा गठबंधन की सरकार थी। जिस गठबंधन में स्थानीय राजनैतिक दल भी शामिल थे। भारत सरकार की वेबसाइट पर मौजूद प्रधानमंत्रियों की सूची और कार्यकाल के रिकॉर्ड के अनुसार जनता दल के वरिष्ठ नेता और गठबंधन के संयोजक विश्वनाथ प्रताप सिंह (वीपी सिंह) को प्रधानमंत्री चुना गया था।

screenshot 

निष्कर्ष

पड़ताल से स्पष्ट है कि वर्ष 1990 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं थी बल्कि कांग्रेस विपक्ष में थी। उस समय नेशनल फ्रंट की सरकार थी, भाजपा जिसका हिस्सा थी। भाजपा नेता और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा किया गया दावा ग़लत है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

 

फ़ैक्ट चेकः योगी आदित्यनाथ ने जर्जर स्कूलों की तस्वीर ग़लत दावे के साथ सांझा की

फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी

pramod sawant
goa
The Kashmir Files
VP SIngh
fact check
Misinformation
Kashmiri Pandits

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

कश्मीर: एक और लक्षित हत्या से बढ़ा पलायन, बदतर हुई स्थिति

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?

फ़िल्म निर्माताओं की ज़िम्मेदारी इतिहास के प्रति है—द कश्मीर फ़ाइल्स पर जाने-माने निर्देशक श्याम बेनेगल

जेके पुलिस ने जारी की 'अनटोल्ड कश्मीर फाइल्स', हर धर्म के लोग कश्मीरी उग्रवाद का शिकार हुए

भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?

कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License