NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
कृषि बिलों को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद विरोध तेज़, पंजाब के सीएम धरने पर, कर्नाटक में बंद
नरेंद्र मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार और विरोधियों के बीच संघर्ष गहराता जा रहा है। देश के अलग अलग हिस्सों में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन अभी भी चल रहे हैं। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में धरने बैठ गए हैं। उधर कर्नाटक में आज एक दिन का राज्यव्यापी बंद है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Sep 2020
कर्नाटक में बंद
Image courtesy: The Indian Express

कृषि बिलों को लेकर पंजाब, हरियाणा और देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, पंजाब में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में धरने बैठ गए हैं। इसी बीच संसद से पास हुए तीन कृषि बिलों पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कृषि बिल कानून बन गए हैं।

आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में संसद ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी थी।

पंजाब के मुख्यमंत्री धरने पर

पंजाब कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है। राज्य की राजनीति में सक्रिय तीनों ही पार्टियां, सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्ष में बैठी अकाली दल और आम आदमी पार्टी, नए कानूनों के खिलाफ हैं और तीनों के बीच विरोध के प्रदर्शन को लेकर होड़ लगी हुई है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कृषि कानून के विरोध में आज धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। यह धरना प्रदर्शन शहीद भगत सिंह नगर में खटकर कलां में किया जा रहा है।

सोमवार को शहीद भगत सिंह की 113वीं जयंती पर अमरिंदर सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद धरना शुरू किया।

अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, "मैंने @INCPunjab के अपने सहयोगियों के साथ एसबीएस नगर में खट्टर कलां में किसान विरोधी क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। हमारे अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं और इस नए किसान बिल से वो बहुत अधिक प्रभावित होंगे। हम पंजाब के किसानों के लिए खड़े हैं और इसका विरोध करने के लिए सबकुछ करेंगे।"

I along with my colleagues from @INCPunjab held a protest against Centre's Anti-Farmer Laws at Khatkar Kalan in SBS Nagar. Most of our farmers are small & marginal who will be severely impacted by these legislations. We stand by Punjab’s farmers & will do everything to oppose it. pic.twitter.com/OEbKx7qxgf

— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) September 28, 2020

दूसरी ओर किसान क़ानून के विरोध में शिरोमणि अकाली दल एक अक्तूबर को पंजाब में बड़ा किसान मार्च करेगी और राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी के भगवंत मान ने ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा का आयोजन कर कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया है। ताकि वह इन्हें सरकार को बढ़ा सकें। साथ ही पंजाब में नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने बताया कि वे बीजेपी नेताओं, सांसदों और मंत्रियों के आवास का घेराव करेंगे।

नेताओं के अलावा पंजाबी सिंगर और ऐक्टर भी किसानों के समर्थन में आए हैं। किसानों के हक की आवाज उठाने के लिए कुछ जाने-माने चेहरे हरभजन मान, रंजीत बावा, हरजीत हरमन, संदीप ब्रार, कंवर ग्रेवाल, लाखा सिधाना बटाला में आज प्रदर्शन करने जा रहे हैं। साथ ही किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि वे प्रदर्शन को फीका नहीं पड़ने देंगे।

किसानों की आवाज़ संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि संबंधी कानूनों को लेकर सोमवार को सरकार पर फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि किसानों की आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई।

उन्होंने राज्यसभा में इन विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान हुए हंगामे से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘कृषि संबंधी कानून हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान हैं। उनकी आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई। यहां इस बात का सबूत है कि भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है।’

कांग्रेस नेता ने जिस खबर का हवाला दिया उसमें दावा किया गया है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा था कि सदन में कृषि संबंधी विधेयकों पर मतदान की मांग करते समय विपक्षी सदस्य अपनी सीट पर नहीं थे, लेकिन राज्यसभा टीवी की फुटेज से इसकी उलट बात साबित होती है।

वहीं, एनडीए से अलग हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तीन कृषि विधेयकों की मंजूरी को ‘दुखद, निराशाजनक और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। एक बयान जारी कर बादल ने कहा कि देश के लिए आज ‘काला दिन’ है क्योंकि राष्ट्रपति ने राष्ट्र के अंत:करण के अनुरूप काम करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें बहुत उम्मीद थी कि राष्ट्रपति इन तीनों विधेयकों को अकाली दल और कुछ अन्य दलों की मांग के अनुरूप संसद को पुनर्विचार के लिए वापस देंगे।’

देश भर में चल रहे हैं प्रदर्शन

इसी बीच देश के अलग अलग कोनों में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन अभी भी चल रहे हैं। दिल्ली में कुछ किसानों ने सोमवार सुबह विरोध में एक ट्रैक्ट्रर को आग लगा दी। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया। प्रदर्शन और ट्रैक्टर जलाने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी पंजाब के रहने वाले हैं।

रविवार 27 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में तीनों कानूनों का समर्थन किया और कहा कि अब किसानों के पास अपना उत्पाद देश में कहीं भी और किसी को भी बेचने की शक्ति है।

उन्होंने कहा कि 2014 में जब फलों और सब्जियों को एपीएमसी कानून की परिधि से बाहर निकाला था उसके बाद किसानों को अपने फलों और सब्जियों को मंडियों के बाहर भी जहां चाहें वहां बेचने की सुविधा मिली थी।

हालांकि खुद किसान उनकी बातों और दावों को पसंद नहीं कर रहे हैं। कर्नाटक में आज किसान संगठनों का राज्यव्यापी बंद है। कर्नाटक में कई किसान, दलित और कन्नड़ संगठन इस एक दिवसीय बंद को सफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसका असर कर्नाटक के बड़े हिस्से में प्रभावी तौर पर देखा गया, हालांकि मंगलुरु और उडुपी जैसे जिलों में इसका कोई खास असर नहीं नजर आया, क्योंकि इन क्षेत्रों में संघ परिवार के समूहों का प्रभाव है।

दोनों विपक्षी दल, कांग्रेस और जद (एस) ने इन संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद को अपना समर्थन दिया है और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति भी अपने राज्य मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर भारत बंद में भाग ले रही है।

राज्यव्यापी बंद को विफल करने के लिए सख्त कदम उठाते हुए कर्नाटक सरकार ने प्रमुख परिवहन निगमों को अपने कार्यों को जारी रखने का निर्देश दिया था, लेकिन बेलागवी, धारवाड़ जैसे कुछ जिलों में किसान और कन्नड़ समर्थक कार्यकतार्ओं ने बस स्टेशनों को सीज कर दिया और वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं दी।

बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त कमल पंथ ने अपने ट्विटर के माध्यम से कहा कि पुलिस ने सभी उपाय किए हैं और वे उन लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे, जो शहर में जबरन बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं।

उधर, कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश सिंह बघेल ने भई कहा है कि वो इन कानून के खिलाफ छत्तीसगढ़ विधान सभा में प्रस्ताव ले कर आएंगे।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ 

Farm bills 2020
Agriculture Bill
Ram Nath Kovind
Amrinder Singh
punjab
karnataka
Nationwide Protest
Narendra modi
modi sarkar
BJP
Congress
Rahul Gandhi

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?

आख़िर किसानों की जायज़ मांगों के आगे झुकी शिवराज सरकार

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

ग्राउंड रिपोर्टः डीज़ल-पेट्रोल की महंगी डोज से मुश्किल में पूर्वांचल के किसानों की ज़िंदगी

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?

उप्र चुनाव: उर्वरकों की कमी, एमएसपी पर 'खोखला' वादा घटा सकता है भाजपा का जनाधार


बाकी खबरें

  • BCI
    भाषा
    बीसीआई ने खोसला को दोषी ठहराने के ख़िलाफ़ जारी वकीलों की हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया
    09 Nov 2021
    बीसीआई ने कहा कि यह कानून के तहत प्रदत्त वैध तरीका नहीं है। एक निचली अदालत ने 1994 में एक महिला वकील के साथ मारपीट करने के मामले में 29 अक्टूबर को खोसला को दोषी ठहराया था। सजा पर बहस 15 नवंबर को होगी।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चैक: भाजपा द्वारा बुंदेलखंड में घर-घर नल से जल का दावा ग़लत
    09 Nov 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश के आधिकारिक अकाउंट से एक ट्वीट किया गया है। ट्वीट किये गए ग्रैफिक में बुंदेलखंड में पानी के संबंध में दो तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। इन तस्वीरों के जरिये सपा, बसपा, कांग्रेस…
  • rafale
    भाषा
    रफ़ाल मामले पर पर्दा डालने के लिए मोदी सरकार और सीबीआई-ईडी के बीच सांठगांठ हुई: कांग्रेस
    09 Nov 2021
    कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से ये आरोप उस वक्त लगाए गए हैं जब फ्रांस के पोर्टल ‘मीडिया पार्ट’ ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि रफ़ाल निर्माता कंपनी दसॉल्ट की ओर से बिचौलियों को कम से कम 75…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर्यावरण को दांव पर लगाकर पर्यावरणविद् का सम्मान!
    09 Nov 2021
    पर्यावरण को बचाना ही पर्यावरण का सच्चा सम्मान है। पर्यावरण को लेकर देश-दुनिया में चिंता है, ऐसे में पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा को पद्मश्री से सम्मानित किया जाना अच्छा कदम है, लेकिन इससे भी अच्छा होता…
  • Demonetisation
    अनिल जैन
    नोटबंदी: पांच साल में इस 'मास्टर स्ट्रोक’ ने अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया
    09 Nov 2021
    नोटबंदी का फ़ैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हर लिहाज से आत्मघाती साबित हुआ। इसीलिए सरकार और उसके ढिंढोरची की भूमिका निभा रहे मीडिया ने भी नोटबंदी के पांच साल पूरे होने पर इस मसले पर पूरी तरह खामोशी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License