NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन: किसानों को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मिली
पुलिस ने कहा कि किसानों को उत्तरी दिल्ली के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गयी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Nov 2020
किसान आंदोलन
Image courtesy: Times of India

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि केंद्र के नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी गई। यह कदम सिंघू बार्डर पर किसानों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच संघर्ष के बीच उठाया गया है। पुलिस ने कहा कि किसानों को उत्तरी दिल्ली के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गयी है।

दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ऐश सिंघल ने कहा, ‘किसान नेताओं के साथ बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गयी है। हम किसानों से शांति बनाये रखने की अपील करते हैं।’ इससे पहले दिन में दिल्ली पुलिस ने सिंघु बार्डर पर किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस का इस्तेमाल किया क्योंकि ये लोग केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपने मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे।

किसानों ने दिल्ली में दाखिल होने के प्रयास में पुलिस पर पथराव भी किया और बैरीकेड के साथ तोड़-फोड़ की। किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए शहर की सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

‘काले कानून’ वापस लेने होंगे: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को किसानों की मांगें माननी होंगी और ‘काले कानून’ वापस लेने होंगे।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए था कि जब-जब अहंकार सच्चाई से टकराता है, पराजित होता है। सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे किसानों को दुनिया की कोई सरकार नहीं रोक सकती।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मोदी सरकार को किसानों की मांगें माननी ही होंगी और काले क़ानून वापस लेने होंगे। ये तो बस शुरुआत है!’

उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने की अनुमति दे दी गई है और वे बुराड़ी के मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे पहले हरियाणा में कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

नौ स्टेडियमों को अल्पकालिक जेल में बदलने की मांग केजरीवाल सरकार ने ठुकरा दी

इससे पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सरकार ने दिल्ली पुलिस की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने कृषि प्रदर्शनों के मद्देनजर नौ स्टेडियमों को अल्पकालिक जेल में परिवर्तित करने की मांग की थी।

दिल्ली सरकार में गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘किसानों की मांगें जायज हैं। केंद्र सरकार को किसानों की मांगें तुरंत माननी चाहिए। किसानों को जेल में डालना इसका समाधान नहीं है। इनका आंदोलन बिल्कुल अहिंसक है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘अहिंसक तरीके से आंदोलन करना हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है। उसके लिए उन्हें जेल में नहीं डाला जा सकता है। इसलिए स्टेडियम को जेल बनाने की दिल्ली पुलिस की इस अर्जी को दिल्ली सरकार नामंजूर करती है।’

बुराडी के विधायक ने की पुलिस से मुलाकात

बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात कर अपने निर्वाचन क्षेत्र स्थित निरंकारी मैदान में केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को कोई परेशानी नहीं हो यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

'दिल्ली चलो' मार्च के तहत बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे पंजाब से आए किसानों ने दिल्ली-हरियाणा सिंघू बॉर्डर पर पुलिस पर पथराव किया और अवरोधकों को भी तोड़ दिया। पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दे दी।

 पुलिस ने कहा है कि किसानों के प्रवेश करने और बुराड़ी के मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई है। झा ने कहा कि उन्होंने किसान प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि वह इस बात की पूरी कोशिश करेंगे कि प्रदर्शन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

DILLI CHALO
farmers protest
AIKS
Narendra modi
Delhi Farmers Protest
punjab
Haryana
farmers march
Farm Laws
Permission for Protest

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License