आकांक्षी होना अच्छी बात है लेकिन जन-हित, समाज-हित को दरकिनार कर किन्हीं निहित स्वार्थों के लिए अति-महत्वाकांक्षी होना बुरी बात है. राष्ट्रीय राजनीति में इस सप्ताह तीन अति-महत्वाकांक्षी लोग अलग-अलग कारणों से चर्चा और विवाद में हैं
आकांक्षी होना अच्छी बात है लेकिन जन-हित, समाज-हित को दरकिनार कर किन्हीं निहित स्वार्थों के लिए अति-महत्वाकांक्षी होना बुरी बात है. राष्ट्रीय राजनीति में इस सप्ताह तीन अति-महत्वाकांक्षी लोग अलग-अलग कारणों से चर्चा और विवाद में हैं. किसान आंदोलन के बारे में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आई खास टिप्पणी का क्या अर्थ है? #HafteKiBaat के नये एपिसोड में कैप्टेन अमरिन्दर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू व प्रशांत किशोर की निजी महत्वाकांक्षाओं की अंतर्कथा बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार Urmilesh.
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