NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विकास दुबे के ऊपर 5 लाख का इनाम, लेकिन अब भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं?
उत्तर प्रदेश पुलिस की लगभग 40 टीमें और लखनऊ एसटीएफ़ विकास दुबे की तलाश में लगातार लगी हुई हैं। बावजूद इसके कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की मौत का कथित ज़िम्मेदार विकास दुबे पांच दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
सोनिया यादव
08 Jul 2020
विकास दुबे के ऊपर 5 लाख का इनाम, लेकिन अब भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं?

तीन जुलाई से फरार चल रहा कानपुर का मशहूर हिस्ट्रीशीटर और आठ पुलिसकर्मियों की मौत का मुख्य अभियुक्त विकास दुबे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार पुलिस की 40 से ज्यादा टीमें उसकी तलाश में लगी हैं, जगह-जगह छापेमारी की जा रही है, इनाम राशि को भी बढ़ाकर पांच लाख कर दिया गया है बावजूद इसके अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

पुलिस के मुताबिक हमीरपुर ज़िले के मदौहा में बुधवार, 8 जुलाई यानी आज सुबह हुए एक एनकाउंटर में विकास दुबे का राइट हैंड कहलाने वाला अमर दुबे मारा गया है। पुलिस को उसके पास से ऑटोमैटिक हथियार भी मिला है।

राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि इस मामले में तीन अन्य लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है।

प्रशांत कुमार के अनुसार, "विकास दुबे के साथ अमर दुबे की सोशल मीडिया पर बहुत सारी तस्वीरें हैं। अमर दुबे के पास से एक अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुआ है। इसके साथ ही अन्य अपराधी श्यामू बाजपेयी, जहान यादव, संजू दुबे को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।"

बता दें कि कानपुर के बिकरू गांव में 2-3 जुलाई की रात विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। जिसके बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया था। जगह-जगह विकास दुबे की तलाश में पुलिस की दर्जनों टीमें लगाई गईं, सैकड़ों फ़ोन नंबर्स को सर्विलांस पर लगाया गया है और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है लेकिन विकास दुबे का सुराग पुलिस को अभी तक नहीं मिल सका है।

इसे भी पढ़ें : कानपुर: घेरे में क़ानून व्यवस्था, अपराध और राजनीति का गठजोड़

मामले में नया अपडेट क्या हैं?

-    लखनऊ एसटीएफ जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है, उसके डीआईजी अनंत देव का ट्रांसफर कर दिया गया है। सुधीर कुमार लखनऊ एसटीएफ के एसएसपी बनाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि इस तबादले के पीछे अनंत देव का कानपुर कनेक्शन है। बता दें कि अनंत देव पहले कानपुर के एसएसपी थे। उस दौरान 3 जुलाई की घटना में शहीद हुए डीएसपी देवेंद्र मिश्र ने चौबेपुर के स्टेशन अफसर विनय तिवारी और विकास दुबे के बीच रिश्ते को लेकर शिकायत की थी। लेकिन तब अनंत देव ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

–    6 जुलाई को विकास के फरीदाबाद के एक होटल में छिपे होने के खबर सामने आई लेकिन इससे पहले की पुलिस वहां छापेमारी करने पहुंचती, विकास दुबे फरार हो चुका था। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी स्पष्ट तौर पर कहने से बच रही है।

 –    कानपुर पुलिस ने विकास की बहू, पड़ोसी और डोमेस्टिक हेल्पर को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के ऊपर एनकाउंटर वाली रात को विकास का साथ देने का आरोप है।

 –    इस मामले में चौबेपुर के एसओ विनय तिवारी समेत चार पुलिसकर्मियों को अब तक निलंबित किया जा चुका है और रडार पर सिर्फ़ चौबेपुर थाने के पुलिसकर्मी ही नहीं बल्कि बड़े अफ़सर भी आ गए हैं। चौबेपुर के अलावा बिल्हौर, ककवन और शिवराजपुर थाने समेत करीब 200 पुलिसवाले शक के दायरे में हैं। इन सभी पुलिसवालों के मोबाइल CDR (कॉल डीटेल रिकॉर्ड) खंगाले जा रहे हैं।

 मालूम हो कि इससे पहले शनिवार, 4 जुलाई को पुलिस ने जेसीबी मशीन का इस्तेमाल करते हुए विकास दुबे का किलानुमा घर, बाहर खड़ी कई महंगी गाड़ियों को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई लोगों ने सवाल भी उठाए गए कि आखिर किस कानून के तहत पुलिस प्रशासन ने इस घर को नष्ट किया है।

विकास को पकड़ने गई पुलिस कितनी तैयार थी?

गौरतलब है कि इस मामले में पुलिसवालों की संलिप्तता, विकास दुबे के राजनीतिक गठजोड़ के अलावा भी कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। जैसे मीडिया रिपोट्स में कहा जा रहा है कि बिल्हौर के क्षेत्राधिकारी (सीओ/डीएसपी) देवेंद्र मिश्र और चौबेपुर के थाना प्रभारी विनय तिवारी के बीच पहले से ही अनबन थी, दोनों में किसी तरह का तालमेल नहीं था। फिर ऐसी स्थिति में किस अधिकारी की मांग पर, किस अधिकारी ने आनन-फ़ानन में दबिश डालने की अनुमति दी, इस सवाल का जवाब फ़िलहाल किसी के पास नहीं है।

दूसरा सवाल और महत्वपूर्ण है कि इस दबिश से पहले पुलिस ने क्या ज़रूरी तैयारी की गई थी? जब विकास दुबे का तीन दशकों से अपराध की दुनिया में बोलबाला रहा है तो आखिर पुलिसबल बिना बुलेटप्रूफ जैकेट, प्रोटेक्टर और हेलमेट के वहां दबिश डालने क्यों गए? खबरों के मुताबिक ज़्यादातर लोगों के सिर में और सीने में गोलियां लगी हैं, जिससे शायद बचा जा सकता था।

3 जुलाई की घटना के बाद भले ही विकास दुबे राज्य के टॉप अपराधियों की लिस्ट में शामिल हो गया हो लेकिन इससे पहले सिर्फ एक थाने में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद उसका नाम कानपुर ज़िले के टॉप टेन क्रिमिनल्स या मोस्ट वांटेड की लिस्ट में नहीं था।

UttarPradesh
kanpur encounter
Vikas Dubey
UP police
UP Police Encounter
Yogi Adityanath . yogi sarkar .BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?


बाकी खबरें

  • brooklyn
    एपी
    ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी से जुड़ी वैन मिली : सूत्र
    13 Apr 2022
    गौरतलब है कि गैस मास्क पहने एक बंदूकधारी ने मंगलवार को ब्रुकलिन में एक सबवे ट्रेन में धुआं छोड़ने के बाद कम से कम 10 लोगों को गोली मार दी थी। पुलिस हमलावर और किराये की एक वैन की तलाश में शहर का चप्पा…
  • non veg
    अजय कुमार
    क्या सच में हिंदू धर्म के ख़िलाफ़ है मांसाहार?
    13 Apr 2022
    इतिहास कहता है कि इंसानों के भोजन की शुरुआत मांसाहार से हुई। किसी भी दौर का कोई भी ऐसा होमो सेपियंस नही है, जिसने बिना मांस के खुद को जीवित रखा हो। जब इंसानों ने अनाज, सब्जी और फलों को अपने खाने में…
  • चमन लाल
    'द इम्मोर्टल': भगत सिंह के जीवन और रूढ़ियों से परे उनके विचारों को सामने लाती कला
    13 Apr 2022
    कई कलाकृतियों में भगत सिंह को एक घिसे-पिटे रूप में पेश किया जाता रहा है। लेकिन, एक नयी पेंटिंग इस मशहूर क्रांतिकारी के कई दुर्लभ पहलुओं पर अनूठी रोशनी डालती है।
  • एम.के. भद्रकुमार
    रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं
    13 Apr 2022
    यह दोष रेखाएं, कज़ाकिस्तान से म्यांमार तक, सोलोमन द्वीप से कुरील द्वीप समूह तक, उत्तर कोरिया से कंबोडिया तक, चीन से भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तक नज़र आ रही हैं।
  • ज़ाहिद खान
    बलराज साहनी: 'एक अपरिभाषित किस्म के कम्युनिस्ट'
    13 Apr 2022
    ‘‘अगर भारत में कोई ऐसा कलाकार हुआ है, जो ‘जन कलाकार’ का ख़िताब का हक़दार है, तो वह बलराज साहनी ही हैं। उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बेहतरीन साल, भारतीय रंगमंच तथा सिनेमा को घनघोर व्यापारिकता के दमघोंटू…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License