NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
गढ़चिरौली नक्सली हमला : एसपीओ का पालन नहीं करने पर पुलिस अधिकारी निलंबित
गृह राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने विधान परिषद में गढ़चिरौली जिला स्थित कुरखेड़ा के एसडीपीओ शैलेश काले को निलंबित करने की घोषणा की।
भाषा
21 Jun 2019
NAXALI

महाराष्ट्र सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में सैन्य बलों को लेकर निर्धारित की गई प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने को लेकर गढ़चिरौली जिले के एक उप संभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) को शुक्रवार को निलंबित कर दिया। एक मई को हुए नक्सली हमले में यह खामी सामने आने पर यह कदम उठाया गया है। नक्सली हमले में 15 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। 

गृह राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने विधान परिषद में गढ़चिरौली जिला स्थित कुरखेड़ा के एसडीपीओ शैलेश काले को निलंबित करने की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि इस मामले में मानक अभियान प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया जिसके कारण नक्सली हमला हुआ।

काले ने नक्सल प्रभावित जिले में एक स्थान पर जाने के लिए पुलिस कर्मियों को आदेश दिया था। घटनास्थल पर जाते समय निजी वाहन में सवार पुलिसकर्मी नक्सली हमले की चपेट में आ गए।

नक्सलियों ने एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट किया जिसमें 15 पुलिसकर्मी और निजी वाहन का चालक मारा गया।

कांग्रेस के प्रकाश गजभिये ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिये नक्सली खतरे का मामला उठाया था जिसके बाद केसरकर ने काले के निलंबन की घोषणा की।

मंत्री ने सदन में कहा, ‘‘हमने पाया कि मानक अभियान प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं और इसमें से किसी का पालन नहीं किया गया। हम आज ही अधिकारी को निलंबित कर देंगे।’’

Maharashtra
gadhchirauli
NAXAL
naxal attack
police
Maharashtra police

Related Stories

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

रिश्वत लेकर अपराधी छोड़ने के मामले में क्राइम ब्रांच प्रभारी व मुख्य आरक्षी बर्ख़ास्त

महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!

हिरासत में मौत पर वामदलों ने कहा- बिहार ‘पुलिस राज’ में तब्दील होता जा रहा है

महाराष्ट्र: महिला सुरक्षा को लेकर कितनी चिंतित है सरकार?

महाराष्ट्र: ‘काला जादू’ के शक में 7 दलितों की पिटाई, 70 साल के बुजुर्ग को भी नहीं छोड़ा

वाराणसी: सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह के मामले में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

महाराष्ट्र: जलगांव के हॉस्टल में लड़कियों से अभद्रता हमारे सिस्टम पर कई सवाल खड़े करती है!

तमिलनाडु हवालात हत्या: पुलिस के अंदर क़ानून का ख़ौफ़ पैदा करना ज़रूरी

महाराष्ट्र: पालघर मॉब लिंचिंग पर राजनीति तेज़, हमले के आरोप में 110 गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License