NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गर्मी की छुट्टियां खत्म होते ही अदालत के सामने अयोध्या और रफ़ाल जैसे कई अहम मामले
संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट रफ़ाल मामले से जुड़ी समीक्षा याचिकाओं पर जल्द फैसला सुनाएगा। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए पर भी सुनवाई होनी है।
भाषा
29 Jun 2019
Supreme Court

छह सप्ताह के ग्रीष्म अवकाश के बाद उच्चतम न्यायालय एक जुलाई से खुल रहा है और अब उसे अयोध्या और रफ़ाल जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुकदमों से निपटना होगा।

राहुल गांधी ने रफ़ाल मामले में ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी को लेकर अपने खिलाफ चल रही अवमानना की कार्रवाई के लिए शीर्ष अदालत से माफी मांग ली थी, लेकिन मामले में सुनवाई अभी होनी है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में न्यायालय 31 न्यायाधीशों के साथ एक जुलाई से अपना काम शुरू करेगा। संभावना है कि वह रफ़ाल मामले से जुड़ी समीक्षा याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा।

फ्रांस से 36 रफ़ाल लड़ाकू विमानों की खरीद को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को शीर्ष अदालत ने 14 दिसंबर, 2018 को खारिज कर दिया था। पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा व अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने न्यायालय के आदेश की समीक्षा के लिए याचिका दायर की है।

इतना ही नहीं, प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी में शीर्ष अदालत का गलत हवाला देने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर भी सुनवाई करेगी।

गांधी इस मामले में माफी मांग चुके हैं और उन्हें अवमानना की कार्रवाई बंद करने का आग्रह किया है।

राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले में भी सभी की नजरें बंद कमरे में हुई सुनवाई के परिणाम पर टिकी रहेंगी। शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एफ. एम. कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पैनल ने मामले का सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिए सुनवाई की थी।

इस पैनल में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पांचू भी शामिल हैं। इन्हें आशा है कि इस विवादित मुद्दे का कोई न कोई सौहार्दपूर्ण हल ज़रूर निकलेगा। न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने पैनल को 15 अगस्त तक का वक्त दिया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 याचिकाएं दायर की गई हैं। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लल्ला में बराबर-बराबर बांट दिया था।

इसके अलावा न्यायालय वकील इंदिरा जयसिंह पति आनंद ग्रोवर तथा उनके एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के खिलाफ जांच करने और प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर भी सुनवाई करेगा। उनपर विदेशों से चंदा लेने और उस धन का इस्तेमाल करने में नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।

यह याचिका वकीलों के एक स्वयंसेवी संस्थान ‘लॉयर्स वॉइस’ ने दायर की है।

शीर्ष अदालत संविधान के अनुच्छेद 370 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली भाजपा नेता व वकील अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर भी सुनवाई करेगी। साथ ही जम्मू-कश्मीर से ही जुड़े संविधान के अनुच्छेद 35ए पर भी सुनवाई होगी।

summer vacation
Supreme Court
Ayodhya Case
Rafale deal
Rafale Controversy
CJI Ranjan Gogoi
Rahul Gandhi

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    मोदी  महंगाई पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाते?
    23 Apr 2022
    मोदी के पास कोई सुराग नहीं है कि कीमतों को कैसे नियंत्रित किया जाए। उनकी समस्या यह है कि वे महंगाई पर अपने बुलडोजर नहीं चला सकते।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रती भाषण: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ‘बेहतर हलफ़नामा’ दाख़िल करने का दिया निर्देश
    23 Apr 2022
    दिल्ली की ‘धर्म संसद’ में कोई हेट स्पीच नहीं हुई, पुलिस के इस हलफ़नामे पर देश की सुप्रीम कोर्ट में एकबार फिर दिल्ली पुलिस की किरकिरी हुई है, लेकिन पुलिस इससे कोई सबक़ लेगी, नहीं लगता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में ढाई हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    23 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,527 नए मामले सामने आए हैं। दिल्ली आज फिर एक हज़ार से ज़्यादा नए मामले सामने आए। 
  • सबरंग इंडिया
    असम की अदालत ने जिग्नेश मेवाणी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
    23 Apr 2022
    मेवाणी को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया था और गुरुवार सुबह उन्हें असम ले जाया गया था; रात के समय अदालत में कार्यवाही के दौरान उनकी जमानत याचिका खारिज
  • दमयन्ती धर
    चुनाव से पहले गुजरात में सांप्रदायिकता तनाव, उन जिलों में दंगों की कोशिश जहां भाजपा मजबूत नहीं
    23 Apr 2022
    गुजरात में चुनावों से पहले सांप्रदायिकता का एक पैटर्न है। संयोग से, पिछले एक हफ्ते में जिन जगहों पर सांप्रदायिक तनाव देखा गया, वे सभी भाजपा के गढ़ नहीं माने जाते हैं
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License