आज जब मीडिया कुछ विशेष लोगों के हाथों की कठपुतली बन चुका है, एक कठपुतली ने सोचा कि वो ही मीडिया बन जायेI
माता बनाकर सामाजिक बँटवारे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गाय खतरे में है ?
जंतर मंतर पर बिखरे कूड़े के ढेर में पड़े अख़बारों से जन्मी गऊ पत्रकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में घूमकर जानने की कोशिश की कि कैसे उनके समुदाय का दुरुपयोग राजनीतिक फायदे और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है I
इस एपीसोड में गऊ पत्रकार कानपुर पहुँची, जहाँ चमड़ा रंगाई का काम बर्बाद हो चुका है I इसके बाद उन्होंने राजस्थान के नीम का थाना का दौरा भी किया I यहाँ भू-माफ़िया ने जानवरों की चारागाह ज़मीनों को तबाह कर दिया है और दूसरी तरफ किसान हर दिन गायें के आतंक में बिताते हैं I
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