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नज़रिया
भारत
राजनीति
गऊ पत्रकार: गऊ गाथा-भाग 2
आज जब मीडिया कुछ विशेष लोगों के हाथों की कठपुतली बन चुका है, एक कठपुतली ने सोचा कि वो ही मीडिया बन जायेI
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
17 May 2019

माता बनाकर सामाजिक बँटवारे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गाय खतरे में है?

जंतर मंतर पर बिखरे कूड़े के ढेर में पड़े अख़बारों से जन्मी गऊ पत्रकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में घूमकर जानने की कोशिश की कि कैसे उनके समुदाय का दुरुपयोग राजनीतिक फायदे और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा हैI

इस एपीसोड में गऊ पत्रकार कानपुर पहुँची, जहाँ चमड़ा रंगाई का काम बर्बाद हो चुका हैI इसके बाद उन्होंने राजस्थान के नीम का थाना का दौरा भी कियाI यहाँ भू-माफ़िया ने जानवरों की चारागाह ज़मीनों को तबाह कर दिया है और दूसरी तरफ किसान हर दिन गायें के आतंक में बिताते हैंI

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License