NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रविदास मंदिर : सुप्रीम कोर्ट के प्रस्ताव से सहमत नहीं दलित समुदाय, कहा- आस्था नहीं, हक़ का मामला
कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों से कहा कि वे मंदिर के लिए बेहतर जगह के लिए सर्वमान्य समाधान के साथ आएं। पीठ ने इस प्रकरण से जुड़े पक्षकारों से कहा कि वे वैकल्पिक स्थान के बारे में ऐसा समाधान निकालें जो सभी के लिए ठीक हो। कोर्ट ने इस मामले को 18 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है।
सोनिया यादव
05 Oct 2019
ravidas temple
Image courtesy: National Herald

दिल्ली स्थित गुरु रविदास मंदिर के मामले ने शुक्रवार 4 अक्तूबर को एक नया मोड़ ले लिया। मंदिर संबंधित पुनर्निर्माण याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम बात कही, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एस. रवीन्द्र भट्ट की पीठ ने कहा कि वह सभी की भावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन कानून का पालन तो करना ही होगा। कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों से कहा कि वे मंदिर के लिए बेहतर जगह के लिए सर्वमान्य समाधान के साथ आएं। पीठ ने इस प्रकरण से जुड़े पक्षकारों से कहा कि वे वैकल्पिक स्थान के बारे में ऐसा समाधान निकालें जो सभी के लिए ठीक हो। कोर्ट ने इस मामले को 18 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका को दो पूर्व सांसदों-अशोक तंवर और प्रदीप जैन आदित्य द्वारा 27 अगस्त को दायर की गई थी। याचिका में उन्होंने अपने पूजा के अधिकार को लागू करने की अनुमति मांगी थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील विकास सिंह ने दलील दी कि मामला मंदिर में पूजा के अधिकार का है। तब बेंच ने कहा कि हम लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं उसके खिलाफ नहीं हैं। इस मामले में बेहतर उपाय के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वह अटॉर्नी जनरल से बात करें और समस्या के समाधान लेकर सामने आएं।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरु रविदास मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारिणी सदस्य विजय सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया, 'हमें कोई और स्थान मंजूर नहीं है। अगर फैसला हमारे हक़ में नहीं होता तो हम फिर से शांतिपूर्वक धरना देंगे। सिकंदर लोदी द्वारा ये जमीन दी गई थी, जिसके सारे साक्ष्य हमारे पास मौजूद हैं। ये केवल स्थान का मसला नहीं है, ये हमारे मंदिर और आस्था का मामला है। वह एक पवित्र स्थान है और वहां 500-600 सालों से पूजा अर्चना हो रही थी।"

ये भी पढ़े : रविदास मंदिर गिराए जाने के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर उतरा दलित समुदाय  

वरिष्ठ अधिवक्ता और भीम आर्मी प्रमुख के वकील महमूद प्राचा ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, "हम किसी से अपनी आस्था की रक्षा की गुहार नहीं लगा रहे, हम न्याय मांग रहे हैं। डीडीए द्वारा सच्चाई को छिपा कर सभी अदालतों को गुमराह किया गया है। हम चाहते हैं कि पहले बुनियादी सच्चाई का पता लगाया जाए कि उस स्थान पर मंदिर था या नहीं और जो भी दोषी हो उस पर कार्रवाई हो। डीडीए अधिकारियों द्वारा साजिश के तहत मंदिर को ढाहा गया। बुनियादी तौर पर ये साबित करने की कोशिश की गई है कि वहां कोई मंदिर ही नहीं था, वहां गुरु रविदास कभी ठहरे ही नहीं थे, न ही सिकंदर लोदी ने कभी वो जगह दी थी, जो कि सरासर गलत है।"

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण ने 10 अगस्त को तुगलकाबाद स्थित संत रविदास का मंदिर ढाह दिया था। इस मामले को लेकर रविदास समाज का विरोध दिल्ली, पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश तक देखने को मिला। 21अगस्त को दिल्ली में हुए विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद समेत96लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों पर दंगा फैलाने, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप है।

इस संबंध में अधिवक्ता प्राचा ने कहा, "अगर ये आस्था का ही मसला है, और उच्चतम न्यायलय ये कह रहा है कि हम सभी का सम्मान करते हैं तो फिर भीम आर्मी के लोगों को जेल में क्यों बंद रखा गया है? उनकी अदालत पुलिस स्टेशन में ही क्यों लगाई जाती है। क्या ये सरकार की दमनकारी नीति नहीं है! हम आस्था के नाम पर मंदिर की जगह भीख में नहीं मांग रहे, हम अपना हक़ मांग रहे हैं। गुरु रविदास उस स्थान पर रहे थे, इसके हमारे पास सारे साक्ष्य मौजूद हैं। इसलिए हम इस पर सभी तथ्यों के साथ फिर से न्यायलय में याचिका दायर करेंगे।"

ये भी पढ़े : संत रविदास मंदिर पर बवाल का ज़िम्मेदार कौन?

भीम आर्मी के सदस्य गौतम ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, "मंदिर वहीं बनेगा, यही हमारा संघर्ष है। ये मामला हमारी सच्चाई, आस्था और सम्मान से जुड़ा है। तुगलकाबाद का स्थान पवित्र है, क्योंकि जब गुरु रविदास बनारस से पंजाब की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने इस स्थान पर आराम किया था। हमारी मांग है कि मंदिर का पुनर्निमाण वहीं उसी स्थान पर हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो, फिर से आंदोलन होगा।"

sant guru ravidas
Ravidas Temple Demolished
Ravidas community
Supreme Court
Dalit movement
dalit samaj
Ashok tanwar
pradeep jain

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License