NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
तान्या वाधवा
17 Mar 2022
gustavo
रविवार, 13 मार्च को कोलंबिया के तक़रीबन 17.5 मिलियन लोगों ने सीनेट के 108 सदस्यों, प्रतिनिधि सभा के 188 सदस्यों के साथ-साथ आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए तीन राजनीतिक गठबंधनों के उम्मीदवारों के चुने जाने को लेकर मतदान किया।

नेशनल रजिस्ट्री की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक़, कोलंबिया ह्यूमाना पोलिटिकल मूवमेंट के गुस्तावो पेट्रो ने वामपंथी हिस्टरिक पैक्ट कोएलिशन के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर जीत हासिल कर ली है। 99.76% मतों की गिनती में पेट्रो को 4.48 मिलियन या 80.51% से ज़्यादा मत मिले। इस बीच क्रीमोस कोलम्बिया मूवमेंट के फ़ेडेरिको गुतिरेज़ ने 2.16 मिलियन या 54.18% से ज़्यादा मतों के साथ कोलंबिया कोएलिशन के लिए दक्षिणपंथी टीम के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर ली। उसी तरह, इंडिपेंडेंट सोशल कोएलिशन के सर्जियो फ़जार्डो को 723,000 या 33.49% से ज़्यादा मतों के साथ मध्यमार्गी होप सेंटर कोएलिशन के उम्मीदवार के रूप में चुन लिया गया। अलग-अलग दलों के 11 अन्य उम्मीदवारों के साथ ये तीनों नेता 29 मई को चुनाव लड़ेंगे।

पूर्व सीनेटर और बोगोटा के पूर्व मेयर, पेट्रो की भारी जीत से किसी को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। अपने समर्थ को लेकर वह कई हफ़्तों तक इन जनमत सर्वेक्षणों में चर्चा के विषय बने रहे थे। वह पहले चरण के चुनाव से पहले किये गये विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों में राष्ट्रपति चुनावों के लिहाज़ से सबसे आगे चल रहे थे। अलग-अलग प्रगतिशील दलों और सामाजिक आंदोलनों को एक साथ लाने वाले उनके गठबंधन-हिस्टोरिक कोएलिशन कांग्रेस के दोनों सदनों में मज़बूत हुआ है। इस गठबंधन ने सीनेट में 16 सीटें जीतीं, जो कि पहले के मुक़ाबले 13 सीटें ज़्यादा थीं और प्रतिनिधि सभा में 25 सीटें हासिल कीं,जो कि पहले के मुक़ाबले 22 ज़्यादा थीं।

इन नतीजों के ऐलान के बाद पेट्रो ने बताया कि "इस हिस्टोरिक पैक्ट ने कोलंबिया के इतिहास में प्रगतिशील विचारों के लिहाज़ से सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है।" उन्होंने कहा कि "हम कोलंबिया को जीवन शक्ति में बदलने और अर्थव्यवस्था को ज़िंदगी के इर्द-गिर्द घूमने वाले एक साझा कार्यक्रम की वकालत करेंगे।" उन्होंने कहा कि "आज लोगों से प्यार करने का मतलब है- शांति, सामाजिक न्याय और अधिकारों से संपन्न समाज का निर्माण।" चिली में प्रगतिशील गेब्रियल बोरिक की जीत की बात करते हुए उन्होंने इस बात पर ज़ोर देकर कहा कि "अब कोलम्बिया का समय भी आ गया है।"

इस बीच सत्तारूढ़ धुर दक्षिणपंथी डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी की ज़बरदस्त हार को लेकर भी किसी को कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। रूढ़िवादी राष्ट्रपति इवान ड्यूक की हुक़ूमत में देश की ग़रीबी और हिंसा में बढ़ोत्तरी हुई है। उनकी नवउदारवादी नीतियों के ख़िलाफ़ 2019 और 2021 में महीनों तक चली राष्ट्रीय हड़ताल, सामाजिक नेताओं की बड़े पैमाने पर हुई हत्याओं पर उनकी निष्क्रियता, कोविड-19 महामारी के उनके कुप्रबंधन और धीमे टीकाकरण से नागरिकों के बीच की हताशा का पहले से अनुमान था। इस पार्टी की सीटें सीनेट में 19 से 14 हो गयीं हैं और प्रतिनिधि सभा में 32 से घटकर 16 सीटें रह गयी हैं।

Gracias pueblo de Colombia por esta victoria.

Gracias pueblo bogotano. Bogotá supo dar el esfuerzo para detener un proyecto autoritario y corrupto.

No pasarán gritamos, ahora es la unidad por el cambio.

Colombia potencia de la Vida. pic.twitter.com/Sgb0Ydox2m

— Gustavo Petro (@petrogustavo) March 14, 2022

सत्तारूढ़ दल को एक और झटका तब मिला,जब ज़्यादातर जनमत सर्वेक्षणों में 5% से नीचे मत पा रहे उसके राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, ऑस्कर इवान ज़ुलुआगा ने 14 मार्च को ट्विटर पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी और गुटियरेज़ के पक्ष में अपना समर्थन जता दिया था। उस संदेश में उन्होंने कहा था, "कल के चुनाव नतीजों को देखते हुए और कोलंबिया के हित के लिहाज़ से एकता की दरकार के मद्देनज़र मैंने फ़ेडरिको गुतिरेज़ की आकांक्षा वाले डेमोक्रेटिक सेंटर के पक्ष में राष्ट्रपति पद की अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निजी फ़ैसला ले लिया है।"

कौन हैं गुस्तावो पेट्रो? क्या हैं उनकी योजनायें?

61 साल के पेट्रो देश के जाने-माने प्रगतिशील नेता हैं। 17 साल की छोटी उम्र में वह 19 अप्रैल मूवमेंट (M-19) विद्रोही समूह के सदस्य बन गये थे। 1990 में एम-19 विद्रोही समूह के विघटना के बाद उन्होंने विभिन्न राजनीतिक आंदोलनों की स्थापना की थी और कई पदों पर रहते हुए उन्होंने देश की सेवा की है। 2002 में वह निचले सदन के लिए चुन लिए गये थे। साल 2006 में सीनेट के लिए वह फिर से चुन लिए गये। साल 2011 में उन्हें राजधानी बोगोटा के मेयर के तौर पर चुना गया था। साल 2018 में दूसरे दौर में ड्यूक से चुनाव हार जाने के बाद वह फिर से सीनेट में लौट आये थे।

राष्ट्रपति बनने को लेकर पेट्रो की यह तीसरी कोशिश है। उन्होंने साल 2010 में बतौर अल्टरनेटिव डेमोक्रेटिक पोल उम्मीदवार पहले चरण का चुनाव जीत लिया था और आख़िरी चरण में चौथे स्थान पर रहे थे। इस बार वह 2018 के मुक़ाबले बेहतर स्थिति में हैं। जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि वह सबसे पसंदीदा उम्मीदवार है। सर्वेक्षणों मे कहा गया है कि पहले दौर में उनकी जीत तो मुश्किल होगी, लेकिन दूसरे दौर में वह आराम से जीत जायेंगे।

पेट्रो ने कृषि के साथ-साथ जीवाश्म ईंधन, खनन और हाइड्रोकार्बन निष्कर्षण पर अर्थव्यवस्था की निर्भरता में बदलाव लाने का प्रस्ताव दिया है। इस मक़सद के लिए उनकी योजना एक कृषि सुधार शुरू करने की है, और उनकी कोशिश होगी कि 500 हेक्टेयर से ज़्यादा उपजाऊ, लेकिन अनुत्पादक ज़मीन की बड़ी ज़ायदाद पर संपत्ति कर बढ़ा दी जाये।

उन्होंने विधायी चुनावों के एक दिन बाद 14 मार्च को एक बहस में कहा था, “जिन लोगों ने सालों तक हम पर हुक़ूमत की है, उन्होंने हमारे अधिकारों, हमारी ज़मीन, हमारी ज़िंदगी को छीन लिया है। हमारी योजना कुछ पैसों को अलग से रखने की है, ताकि  उत्पादन के लिए ज़मीन, सृजन के लिए ज्ञान और शुरू करने के लिए उधार लेने जैसी बुनियादी बातों की गारंटी हो।” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा था, “हम अमेज़ॉन वर्षावन को बचाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक वैश्विक अंतर्राष्ट्रीय कोष स्थापित करने जा रहे हैं। हम उन लोगों के लिए कोलंबिया में दवा नीति को बदलने जा रहे हैं, जो कोका के पत्तों की खेती को बदले कृषि व्यवसाय के साथ भोजन के उत्पादन को मज़बूती देते हैं।”

पेट्रो ने एक ऐसा कर सुधार लाने का वादा किया है, जो निगमों को मिलने वाली छूट को ख़त्म करता हो और उन लोगों पर कर को बढ़ा देता हो, जिनके पास बड़ी-बड़ी ज़ायदाद है। उन्होंने पूंजी और आय के आधार पर वास्तविक मज़दूरी को लेकर न्यूनतम मज़दूरी की अवधारणा को बदलने की भी क़सम खायी है। उन्होंने न्यूनतम पेंशन पाने के मक़सद से मौजूदा निजी पेंशन प्रणाली में सुधार करने का भी वादा किया है।

पेट्रो ने कहा,"कोलम्बिया के लोगों को एक ऐसी मुनासिब सरकारी पेंशन मिलेगी, जो उन्हें अपना बुढ़ापा अच्छी तरह काटने और मन की शांति के साथ जीने में मददगार हो। अब समय आ गया है कि हमारे माता-पिता, दादा-दादी भूखे नहीं बल्कि भरे हुए पेट के साथ बिस्तर पर जा सकेंगे।"

पेट्रो शिक्षा, संस्कृति और खेल के सिलसिले में मौजूदा बजट को बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उनके अन्य प्रस्तावों में रोगों की रोकथाम और प्राथमिक देखभाल करने वाली एक सार्वभौमिक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, विद्युत परिवहन और मुफ़्त पेयजल शामिल है।

पेट्रो ने कहा,"हमारी सरकार में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली रोग निवारक होगी, हम कोलंबिया के लोगों के घरों के उनके परिवार के लोगों की देखभाल के लिए हज़ारों डॉक्टर लायेंगे।"  

पेट्रो ने शांति प्रक्रिया को लेकर कहा कि "मैं उन लोगों में से हूं, जो बिना शक युद्ध को ख़त्म करना चाहते हैं, न कि उन लोगों में से हूं, जो शांति को भंग करना चाहते हैं और नागरिकों को युद्ध के बजाय "शांति की राजनीति करने वाली सरकार का हिस्सा बनने की दावत देता हूं।"

Somos millones de colombianas y colombianos los que queremos un cambio, ahora somos la primera fuerza política en Colombia.

Juntos y juntas haremos de Colombia una potencia mundial de la vida.

Ganaremos en primera vuelta y seremos gobierno pic.twitter.com/Y3rMsdW7A4

— Gustavo Petro (@petrogustavo) March 15, 2022

विधायी चुनाव

हालांकि इन संसदीय चुनावों में हिस्टोरिक पैक्ट की सीटों में इज़ाफ़ा हुआ है और सत्तारूढ़ दल को झटका लगा है, लेकिन कांग्रेस के दोनों सदनों में दक्षिणपंथी दलों का बहुमत अब भी बरक़रार है।

सीनेट में दक्षिणपंथी दलों की स्थिति इस तरह है: कोलम्बियाई कंजर्वेटिव पार्टी की 16 सीटें, डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी की 14 सीटें, रेडिकल चेंज की 11 सीटें, यूनियन पार्टी की 10 सीटें, MIRA पार्टी की 4 सीटें, यानी कि 108 सीटों में से 55 सीटें इन दक्षिणपंथी दलों के पास ही है। इस बीच ज़रूरी सामाजिक सुधार करने के लिए 16 सीटों वाले हिस्टोरिक पैक्ट को एक-एक सीट वाले इंडिजेनस एंड सोशल अल्टरनेटिव मूवमेंट (MAIS) और मूवमेंट ऑफ़ इंडिजेनस ऑथरिटीज़ ऑफ़ कोलंबिया (AICO) को मध्य-वाममार्गी ग्रीन एलायंस और होप सेंटर कोएलिशन (14 सीटें) और लिबरल पार्टी (15 सीटें) से समर्थन लेना होगा।

इसी तरह, प्रतिनिधि सभा में भी इन तमाम दक्षिणपंथी ताक़तों के पास बहुमत है और ऐसे में हिस्टोरिक पैक्ट के लिए मध्यमार्गी और मध्य-वाममार्गी दलों के समर्थन की दरकार होगी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Colombia strike against Ivan Duque
Colombian elections 2022Democratic Center Party
Francia Márquez
general elections in Colombia
Gustavo Petro
Historic PactIvan Duque
Sergio Fajardo

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र


बाकी खबरें

  • flooding
    रवि कौशल
    दिल्ली के गांवों के किसानों को शहरीकरण की कीमत चुकानी पड़ रही है
    20 Oct 2021
    नरेला के गढ़ी बख्तावरपुर गांव में एक उफनते नाले की वजह से खेतों में साल भर में लगभग आठ महीने तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
  • Uttar Pradesh's soil testing laboratories stalled but publicity completed
    राज कुमार
    उत्तर प्रदेश की मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं ठप लेकिन प्रचार पूरा
    20 Oct 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को लेकर एक वीडियो ट्वीट किया है, आइए जानते हैं इसकी हक़ीक़त।
  • Ajay Mishra Teni cannot be a part of the Council of Ministers of the Government of India: SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अजय मिश्रा टेनी भारत सरकार के मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रह सकते : एसकेएम
    20 Oct 2021
    एसकेएम की मांग है कि अजय मिश्रा को तुरंत बर्ख़ास्त और गिरफ़्तार किया जाए, और ऐसा न करने पर लखीमपुर खीरी हत्याकांड में न्याय के लिए आंदोलन तेज़ किया जाएगा
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 14,623 नए मामले, 197 मरीज़ों की मौत
    20 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 41 लाख 8 हज़ार 996 हो गयी है।
  • nitish
    शशि शेखर
    क्या बिहार उपचुनाव के बाद फिर जाग सकती है नीतीश कुमार की 'अंतरात्मा'!
    20 Oct 2021
    बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए 30 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं। ये दो सीटें हैं- कुशेश्वरस्थान और तारापुर। दोनों ही सीटें जद(यू) के खाते में थीं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जद(यू) अपनी दोनों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License