NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हालत बिगड़ने के बाद भी कैट्स कर्मचारियोें का अनशन जारी, दवा लेने और भर्ती होने से इंकार
इमरजेंसी कैट्‍स एम्बुलेंस 102 सेवा के 8 कर्मचारी क्रमिक अनशन पर और3 कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे हैं। 21 अगस्त से इनका अनशन जारी है। अब तो अनशनकारियों की हालत भी बिगड़ने लगी है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Aug 2019
CATS protest

57 दिनों से अधिक के विरोध प्रदर्शन के बाद, अब इमरजेंसी कैट्‍स एम्बुलेंस 102 सेवा के 8 कर्मचारी क्रमिक अनशन पर और3 कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे हैं। 21 अगस्त से इनका अनशन जारी है। अब तो अनशनकारियों की हालत भी बिगड़ने लगी है। लेकिन अनशनकारियों ने दवा लेने या अस्पताल में भर्ती होने से साफ इंकार कर दिया है। 

पहले 24 अगस्त को अनशन के चौथे दिन अनशनकारियों की हालत गंभीर हो गई। सबसे ज्यादा हालात बिगड़ी स्टाफ अनिल कुमार की।इसे देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अरुणा आसफ अली अस्पताल में भर्ती के लिए कहा लेकिन सभी स्टाफ ने दवा लेने और भर्ती होने से साफ मना कर दिया। अस्पताल की तरफ इन सभी से Refused for Admit लिखवा लिया था। इसके बाद अनशनकारियों की स्थिति और खराब हुई तो उन्हें LNGP अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। लेकिन यहाँ भी कर्मचारियों ने भर्ती होने और दवाई लेने से इंकार कर दिया और सभी वापस धरना स्थल पर आ गए। कर्मचारियों ने कहा कि आमरण अनशन में कर्मचारियों की शारीरिक शक्ति बेशक कमजोर हुई है लेकिन मानसिक रूप से जोश में कोई कमी नहीं है।

इसे भी पढ़े:दिल्ली : एंबुलेंस कर्मचारियों का आंदोलन जारी, सीएम की शवयात्रा निकाली

कर्मचारियों ने बताया कि हर तरफ मुख्यमंत्री केजरीवाल की भर्त्सना हो रही है। पुलिस, अस्पताल स्टाफ यही कह रहा है कि मुख्यमंत्री बिल्कुल बेशर्म हो गये हैं।

इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि कैट्स एम्बुलेन्स102 नहीं मिल रही है। इसी कारण मरीज की हालत और ज्यादा नाजुक होती जा रही है।कर्मचारियों ने कहा कि दिल्ली में लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। आपातकाल कैट्‍स एम्बुलेंस सेवा 102 सेवा कहाँ हैं?

कर्मचारी सरकार से सवाल कर रहे हैं कि हमने सरकार से ऐसी क्या माँग कर दी जो अरविंद केजरीवाल और इनकी सरकार उनकी बात सुनने तक तैयार नहीं है। वो पूछते हैं कि क्या कर्मचारी अपना वेतन नहीं मांग सकते? अरविंद केजरीवाल क्यों अनदेखी कर रहे हैं? अब कौन सुनेगा कर्मचारियों की आवाज़?दिल्ली में मुफ्त एम्बुलेंस सेवा कौन देगा? क्या मुफ़्त एम्बुलेंस देना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जिम्मेदारी नहीं है?

कैट्‍स एम्बुलेंस के कर्मचारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर अपना 3 महीनों का वेतन का भुगतान और ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग करते हुए प्रदर्शन करते रहे हैं। इनका कहना है कि भ्रष्टाचार विरोधी पार्टी अब खुद भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगी हैं।

आपको बता दें कि दिल्ली में आपातकाल कैट्स एम्बुलेंस और बाइक एम्बुलेंस 55 दिनों से बंद पड़ी हैं जो लाखों लोगों का जीवन बचाती है और मदद करती है।

कैट्स एंप्लॉयीज स्टाफ यूनियन ने कहा कि हम कोई अनोखी मांग नहीं कर रहे है, हम तो वही मांग कर रहे है, जो सरकार ने अलग अलग मौकों पर खुद कहा है।

दिल्ली के श्रम मंत्री और दिल्ली सलाहकार अनुबंध श्रम बोर्ड के अध्यक्ष गोपाल राय ने भी कहा था कि बोर्ड का निर्णय है कि दिल्ली सरकार द्वारा कैट्‍स एम्बुलेंस का संचालन और रखरखाव करे और ठेकेदारी प्रथा खत्म हो जिससे 20% सरकारी धन की बचत होगी ।

कैट्‍स जनरल बोर्ड मीटिंग (GBM) ने खुद कैट्‍स एम्बुलेंस के संचालन और रखरखाव का फैसला किया था, इसके भी अध्यक्ष दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन है।

इसे भी पढ़े:CATS एंबुलेंस : 30 दिन बीत जाने के बाद भी हड़ताल जारी  

इसके अलावा अरविंद केजरीवाल ने तो चुनाव और उसके बाद भी कई बार कहा कि ठेकेदारी प्रथा खत्म होगी। कर्मचारियों ने कहा कि अब अरविंद केजरीवाल कैट्‍स एम्बुलेंस को भ्रष्टाचार आरोपी ठेकेदार को देने के लिए क्यों अड़े हैं? अभी जिस नई कंपनी को ठेका दिया गया है वो कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड है।

साथ ही कैट्स एम्बुलेन्स के न चल पाने की वजह से अस्पताल और PCR पर दबाव काफी बढ़ गया है। आज जब कैट्स एम्बुलेन्स स्टाफ को Medical के लिए अस्पताल लाया गया तो एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। PCR द्वारा स्टाफ को अस्पताल पहुँचाया गया था।

इसमें मुख्य बात यह है कि इतने दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे कैट्स एम्बुलेन्स कर्मचारी से मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार भी मुलाकात नहीं की है। अब आखिरी हथियार के तौर पर कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठ गये हैं।

CATS
health system
108 ambulance
New Delhi
Arvind Kejriwal
kejriwal sarkar
AAP
AAP Govt
outsource karamchari
privatization
workers protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    आंगनवाड़ी की महिलाएं बार-बार सड़कों पर उतरने को क्यों हैं मजबूर?
    23 Feb 2022
    प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद उन्हें अभी तक उनका सही बकाया नहीं मिला है। एक ओर दिल्ली सरकार ने उनका मानदेय घटा दिया है तो…
  • nawab malik
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा
    23 Feb 2022
    लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय से बाहर निकले मलिक ने मीडिया से कहा, '' हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम झुकेंगे नहीं।'' इसके बाद ईडी अधिकारी मलिक को एक वाहन में बैठाकर मेडिकल…
  • SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए
    23 Feb 2022
    एसकेएम ने पश्चिम बंगाल से आ रही रिपोर्टों को गम्भीरता से नोट किया है कि बीरभूम जिले के देवचा-पंचमी-हरिनसिंह-दीवानगंज क्षेत्र के किसानों को राज्य सरकार द्वारा घोषित "मुआवजे पैकेज" को ही स्वीकार करने…
  • राजस्थान विधानसभा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान में अगले साल सरकारी विभागों में एक लाख पदों पर भर्तियां और पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा
    23 Feb 2022
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को वित्तवर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए 1 जनवरी 2004 और उसके बाद नियुक्त हुए समस्त कर्मचारियों के लिए आगामी वर्ष से पूर्व पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है। इसी…
  • चित्र साभार: द ट्रिब्यून इंडिया
    भाषा
    रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया
    23 Feb 2022
    फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने एकल न्यायाधीश वाली पीठ के 23 अक्टूबर 2019 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और गूगल की अनुषंगी कंपनी यूट्यूब को रामदेव के खिलाफ मानहानिकारक आरोपों वाले वीडियो के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License