NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल सरकार : अवैध कब्जे के नाम पर हज़ारों पेड़ों को काट रही है
सिंघा ने कहा,मामला न सुलझने तक सेब के पौधों को वनविभाग अपने अधीन ले सकता है बजाय उन पर आरी चलाने के।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 May 2018
AIKS

हिमाचल में सरकार अवैध कब्जे को हटना के लिए हज़ारों पेड़ों को काट रही है | यहाँ बहुत ही आश्चर्य की बात है कि जहां पूरी दुनिया कमज़ोर होते पारिस्थितिकी तंत्र को लेकर चिंतित है उसको सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है | इसमें पेड़ों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है परन्तु हिमाचल की भाजपा सरकार पेड़ों को लगाने की जगह अवैध कब्जे के नाम पर हजारो पेड़ों को काट रही है |

दूसरी तरफ , उसमें जो बागवानी करते हैं वो अधिकतर भूमिहीन थे और उन्होंने बंजर पड़ी जमीन पर सेब की बागवानी शुर कर दी ,वो काफी समय से इस जमीन पर बागवानी कर रहे थे | अगर इनके सेब के पौधों को काट दिया गया तो  इन परिवारों का  जीवन यापन का साधन ही समाप्त हो जायेगा | इस पर भी सरकारों को सोचना पड़ेगा कि उनका वैकल्पिक जीवनयापन का साधन क्या हो सकता है ?

 इस पूरे मसले पर हिमाचल किसान सभा के नेता और सीपीआई(एम) के विधायक राकेश सिंघा ने कल प्रेसवार्ता की जिसमें उन्होंने कहा कि “ सेब बागवानों को टारगेट कर भूमिहीन किया जा रहा है। ग़लत तरीके से सेब के पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही। मुख्यमंत्री को इस पर जल्द ध्यान देना चाहिए और सर्वदलीय बैठक बुलाकर हल निकालना चाहिए”।

सिंघा ने कहा कि इस बार विधानसभा में मामला उठाया परन्तु मामले पर कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि “आयरलैंड की एक स्टडी है कि सेब का पत्ता कार्बन को सोखता(अब्सोर्ब्स) है । उन्होंने सेब के पौधों को नेशनल वेल्थ कहा” |

मामला न सुलझने तक सेब के पौधों को वनविभाग अपने अधीन ले सकता है बजाय उन पर आरी चलाने के। किसान सभा ने सीएम से आग्रह किया है कि सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक बुलाएं और मामले पर चर्चा कर राय ली जाए जिससे समस्या हल हो सके और गरीब लोगों से उनके घर व आय के साधन छीनने से बच सके।

किसान सभा ने कहा कि राज्य में चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की दोनों ने ही जनता का पक्ष कोर्ट में ठीक से नहीं रखा है | सरकार  यदि मामले में गंभीरता नहीं दिखाएगी तो किसान सभा हाइकोर्ट जाने का विकल्प भी खोज रही है। क्योंकि कि सेब बागवानों की लड़ाई जहां तक होगी वह लड़ेंगे और उसे अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।

किसान सभा इन मांगो को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन करता रहा है उनकी मांग है की भूमिहीन और छोटे  किसानों को 5 बीघा जमीन दी जाए जिससे वो अपना जीवनयापन कर सकें और किसी भी स्थिति में किसानों के सेब बागानों को न उज़ड़ा जाए क्योंकि ये पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है |

कुलदीप तंवर किसान सभा के अध्यक्ष ने कहा कि “सरकार  पिछले 25 साल से दावा कर रही है कि जानवरों के लिए जंगल मे फलदार पेड़ लगाएंगे लेकिन आलम यह है कि लगाए तो जा नहीं रहे और जो है उन पेड़ों को भी काटा जा रहा है”।

उनका ये भी आरोप है की सरकार एकतरफ गरीब किसानो के सेब बागन को तबाह कर रही हैं वहीं दूसरी ओर रामदेव और कई उद्योगपतियों को सरकारी जमीने सस्ती दरो पर लीज़ पर दे रही हैं |

हिमाचल प्रदेश
अखिल भारतीय किसान सभा
राकेश सिंघा
सेब बागवान

Related Stories

5 सितम्बर : देश के लोकतांत्रिक आंदोलन के इतिहास में नया अध्याय

शिमला : छात्रों के रियायातीं बस पासों में 50% की वृद्धि इसको लेकर वहाँ के नागरिक विरोध कर रहे हैं

हिमाचल : किसान सभा ने दूध के उचित दाम न मिलने को लेकर किया प्रदर्शन

अशोक धावले : मोदी सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे किसान विरोधी सरकार है

हिमाचल के शिमला शहर में जल आपातकाल जैसी स्थिति

मध्य प्रदेश : गाय को काटे जाने के शक पर भीड़ ने एक शक्स की जान ली

बागानों को उजाड़ना राज्य का आतंक है : किसान जमीन बचाओ संघर्ष समिति

हिमाचल के किसानों ने सरकार को चुनौती दी

महाराष्ट्र किसान नेता : लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है

23 मई को देश भर में 100 से अधिक वामपंथी संगठन करेंगे 'पोल खोलो हल्ला बोलो' आन्दोलन


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंगाई पर देखिये: कैसे "सीएम मोदी" ने "पीएम मोदी" की पोल खोली !
    15 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा तुलना करेंगे नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में महंगाई क मुद्दे पर कैसे केंद्रीय सरकार पर सवाल उठाते थे, औऱ आज प्रधानमंत्री होने पर…
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया
    15 Apr 2022
    संगठन ने रफीगंज में 6 दालित बच्चियों के ज़हर खाने के मामले में पीड़ित परिजनों को पूरा इंसाफ दिलाने के संघर्ष को और भी व्यापक बनाने तथा असली मुजरिमों को सज़ा दिलाने का संकल्प लिया।
  • अखिलेश अखिल
    लोकतंत्र के सवाल: जनता के कितने नज़दीक हैं हमारे सांसद और विधायक?
    15 Apr 2022
    देश की आबादी लगातार बढ़ती गई लेकिन आबादी के मुताबिक संसद और विधान सभाओं की सीटें नहीं बढ़ीं। इसका असर ये हुआ कि ऐसा तंत्र बन गया है जिसमें चुनाव तो होते हैं लेकिन नेताओं की जनता से दूरी बढ़ती जाती है।
  • रवि शंकर दुबे
    नफ़रत के बीच इप्टा के ‘’ढाई आखर प्रेम के’’
    15 Apr 2022
    देश में एक-दूसरे के प्रति फैलाई जा रही नफ़रत को इप्टा ने कला के माध्यम से मिटाने की मुहिम चलाई है। इप्टा की ‘’ढाई आखर प्रेम की यात्रा’’ में लोगों को खासकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।  
  • अनिल जैन
    पड़ताल: मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों के जरिए चुनावी तैयारी में जुटी है भाजपा
    15 Apr 2022
    मालवा निमाड़ के इलाके में जो घटनाएं घटी हैं, वे आकस्मिक नहीं हैं। जिस पैटर्न पर देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले एक पखवाड़े से सांप्रदायिक टकराव का माहौल बनाया जा रहा था, वैसा ही सब कुछ इस इलाके में भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License