NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिंदुत्व पेज द्वारा अंतर-धार्मिक वैवाहिक जोड़े की सूची प्रकाशित कर हिंसा भड़काने का प्रयास
एक ‘हिंदुत्व वार्ता‘ नामक फेसबुक पेज ने 102 जोड़ों की एक सूची पोस्ट की, जो मुस्लिम लड़कों की हिंदू लड़कियों के साथ रिश्ते की सूची थी और हिंदुओं को आगे आकर उन नामित मुस्लिम लड़कों पर हमला करने को कहा जा रहा था।
ऑल्ट न्यूज़
06 Feb 2018
love jihad

“यह एक सूची है उन हिन्दू लड़कियों के फेसबुक प्रोफाइल की जो लव जिहाद का शिकार हो चुकी है या हो रही है… हर हिन्दू शेर से आग्रह है, इनमे जो लड़के है, उनको खोज के शिकार करे।”एक ‘हिंदुत्व वार्ता‘ नामक फेसबुक पेज ने 102 जोड़ों की एक सूची पोस्ट की, जो मुस्लिम लड़कों की हिंदू लड़कियों के साथ रिश्ते की सूची थी और हिंदुओं को आगे आकर उन नामित मुस्लिम लड़कों पर हमला करने को कहा जा रहा था। वह पेज जिसकी प्रोफाइल पिक्चर में हाथ में बन्दूक देखा जा सकता है, उसने यह डेटाबेस साझा किया। इसके द्वारा साझा किये जाने वाले सामग्री को देख कर लगता है कि यह पेज सिर्फ हिंसा फ़ैलाने के लिए बनाया गया है। मीडिया के कुछ हिस्सों और सत्तारूढ़ हिन्दू राष्ट्रवादी पार्टी से ‘लव जिहाद’ को कुछ हद तक समर्थन मिला था यह उसी का नतीजा है। कुछ आम व्यक्तियों की सूची बनाकर उनके खिलाफ कट्टरपंथियों द्वारा हिंसा उकसाने का यह नियमित प्रयास बहुत खतरनाक है।

alt news

सोशल मीडिया पर आलोचना होने के कारण “हिंदुत्व वार्ता” पेज का यह आक्रामक पोस्ट अब हटा दिया गया है। ऑल्ट न्यूज़ ने जानकारी संग्रहित कर ली है लेकिन इसमें शामिल जोड़े की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने इस सूची को यहाँ फिर से नहीं दिखाया है। ऑल्ट न्यूज़ की लेख के बाद इस पेज को या तो फेसबुक या इसके एडमिन द्वारा डिलीट कर दिया गया है।पेज पर साझा किये गए सामग्री को देखने से हिंसक एजेंडे का पता चलता है। ऐसे ही एक उत्तेजक पोस्ट में, यह अभिभावकों से आग्रह करता है कि लव जिहाद से खुद को बचाने के लिए लड़कियों को बंदूक चलाना सीखने और इसका इस्तेमाल करने दिया जाए।

alt news

एक और विडियो में कुछ लोगों के एक समूह द्वारा एक व्यक्ति को मारते हुए दिखाया गया है। उसके साथ यह संदेश भी है कि “ये तो तय है अब… गाय के साथ कसाई भी कटेगा।”

 

hindutva varta

“हिंदुत्व वार्ता” द्वारा साझा की गई इस सूची को नवंबर 2017 में “Justice for Hindus” नामक एक पेज ने भी साझा किया था। “हिंदुत्व वार्ता” के विपरीत उस पेज ने किसी हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया था लेकिन हिन्दुओं से यह देखकर जागृत होने की गुजारिस की गयी थी। वह संदेश कुछ इस प्रकार था, “हिंदू लड़कियों को लव जिहाद (लव जिहाद, जिसे रोमियो जिहाद भी कहा जाता है) के माध्यम से इस्लाम धर्म में परिवर्तित कर रहे हैं, एक कथित गतिविधि है जिसके तहत युवा मुस्लिम लड़कों और पुरुषों द्वारा गैर मुस्लिम समुदायों की युवा लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। प्रेम को ठुकराकर इस्लाम में रूपांतरण के लिए। हिंदुओं जागृत बनें, अन्यथा आप अपना देश भारत खो देंगे। यहां फेसबुक आईडी लिंक के साथ लव जिहाद की लंबी सूची है। (अनुवाद)” इस पेज ने इस सूची को बनाने का श्रेय Riddhiman Kunti नामक व्यक्ति को दिया। ऑल्ट न्यूज़ के लेख के बाद इस पेज को भी अब डिलीट किया जा चूका है।

“हिंदुत्व वार्ता” पेज नियमित रूप से भड़काऊ संदेश पोस्ट करता है जिनमें समुदायों का ध्रुवीकरण करने और हिंदू युवाओं को कट्टरपंथ बनाने का एक स्पष्ट उद्देश्य है। यह सामग्री मुस्लिमों के खिलाफ हिंदू वर्चस्व और हिंसा को खुले रूप से फैला रहा है। सोशल मीडिया पर कई हिंदुत्व पेज हैं जो उत्तेजक सामग्री पोस्ट करते रहते हैं लेकिन यह पेज एक कदम आगे चला गया। इस खतरे को हल्के ढंग से नहीं लिया जाना चाहिए। इससे पहले कि इसके पोस्ट में नामित 102 दंपतियों के खिलाफ धमकियों को आगे बढ़ाया जाए हमें उम्मीद है कि गृह मंत्रालय और स्थानीय पुलिस अधिकारी इसकी जांच करेंगे।

ये लेख ऑल्ट न्यूज़ से लिया गया है,ये लेख ऑल्ट न्यूज़ में  6 फरवरी 2018 को प्रकाशित हुआ था I

Courtesy: ऑल्ट न्यूज़
हिंदुत्व
हिन्दू वार्ता
लव जिहाद
ऑल्ट न्यूज़
साम्प्रदायिकता
BJP-RSS

Related Stories

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

भारत में सामाजिक सुधार और महिलाओं का बौद्धिक विद्रोह

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

सुप्रीम कोर्ट ने जहांगीरपुरी में अतिक्रमण रोधी अभियान पर रोक लगाई, कोर्ट के आदेश के साथ बृंदा करात ने बुल्डोज़र रोके

अब राज ठाकरे के जरिये ‘लाउडस्पीकर’ की राजनीति

जलियांवाला बाग: क्यों बदली जा रही है ‘शहीद-स्थल’ की पहचान

सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...


बाकी खबरें

  • RAHANE PUJARA
    भाषा
    रणजी ट्राफी: रहाणे और पुजारा पर होंगी निगाहें
    23 Feb 2022
    अपने फॉर्म से जूझ रहे आंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा अब रणजी ट्रॉफी से वापसी की कोशिश करेंगे। 24 फरवरी को होने वाले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों पर खास नज़र होगी।
  • ibobi singh
    भाषा
    मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
    23 Feb 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को…
  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बीजेपी के गढ़ पीलीभीत में इस बार असल मुद्दों पर हो रहा चुनाव, जाति-संप्रदाय पर नहीं बंटी जनता
    23 Feb 2022
    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जैसा वायदा किया गया था, क्या किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है? क्या लखीमपुर खीरी में नरसंहार के लिए किसानों को न्याय मिल गया है?
  • vaccine
    ऋचा चिंतन
    शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया
    23 Feb 2022
    फ़ाइज़र, मोडेरना एवं जेएंडजे जैसे फार्मा दिग्गजों ने न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोवाक्स में ही अपना कोई योगदान दिया और न ही गरीब देशों को बड़ी संख्या में खुराक ही मुहैया कराई है।
  • vvpat
    एम.जी. देवसहायम
    चुनाव आयोग को चुनावी निष्ठा की रक्षा के लिहाज़ से सभी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना ज़रूरी
    23 Feb 2022
    हर एक ईवीएम में एक वीवीपैट होता है, लेकिन मतों की गिनती और मतों को सत्यापित करने के लिए काग़ज़ की इन पर्चियों की गिनती नहीं की जाती है। यही वजह है कि लोग चुनावी नतीजों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License