NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
होटल अग्निकांड : हादसे के बाद सरकार को होश आया कि होटल तो नियमों के ख़िलाफ़ बना था
दिल्ली के पॉश इलाके करोलबाग में होटल में लगी आग में 17 ज़िंदगी ख़ाक हो जाने के बाद सरकार को पता चला कि ये होटल तो बिना इजाज़त के निर्माण मानदंडों का उल्लंघन करते हुए बनाया गया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2019
ARVIND KEJRIWAL
करोलबाग स्थित होटल में आग के बाद घटना का जायजा लेते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के पॉश इलाके करोलबाग में होटल में लगी आग में 17 ज़िंदगी ख़ाक हो जाने के बाद सरकार को पता चला कि ये होटल तो बिना इजाज़त के निर्माण मानदंडों का उल्लंघन करते हुए बनाया गया था। अक्सर शासन-प्रशासन को नियम-कायदों का होश हादसे होने के बाद ही आता है। यहां भी ऐसा ही हुआ।  

दिल्ली सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को मध्य दिल्ली के अर्पित पैलेस होटल में लगी भयावह आग की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए कहा कि होटल के मालिक ने निर्माण मानदंडों का उल्लंघन किया था, और होटल की इमारत को छह मंजिला बना लिया था। जबकि इस इलाके में चार मंजिल बनाने की इजाजत है।

सत्येंद्र जैन, होटल के बाहर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने भवनों के मानदंडों के उल्लंघन पर टिप्पणी की और कहा कि मालिकों के पास घर के अंदर होटल व बार चलाने के वैध लाइसेंस हैं या नहीं, इसकी जल्द जांच की जाएगी।

इस दुखद घटना की वजह से आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर प्रस्तावित एक कार्यक्रम को रद्द कर दिया। इसमें लोकप्रिय गायक विशाल ददलानी अपनी प्रस्तुति देने वाले थे।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "करोल बाग की दुखद आग की घटना में कई लोगों की जान चली गई। इस वजह से आज दिल्ली में शाम को आयोजित ददलानी के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। शोकसंतप्त परिवारों के साथ हमारी हार्दिक संवेदनाएं हैं।"


Arpit Palace Hotel, delhi.jpg

अर्पित पैलेस होटल में एक बेसमेंट, एक भूतल व चार अन्य मंजिले थीं। एक परिवार ने कम से कम 35 कमरे बुक किए थे। परिवार शहर में एक विशेष कार्यक्रम के लिए ठहरा था। बताया जाता है कि आग तीसरी और चौथी मंजिल पर लगी, लेकिन यह नीचे भी फैल गई। सिर्फ बेसमेंट व भूतल आग से बचे रहे।

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सुबह 4.30 बजे आग लगने की सूचना मिली जिसके तुरंत बाद दमकल की 25 गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं, आग से बचने के लिए तीन लोगों ने इमारत से नीचे छलांग लगा दी।

पुलिस उपायुक्त मंदीप रंधावा ने आईएएनएस को बताया कि करोल बाग में छह मंजिला होटल अर्पित पैलेस से 35 लोगों को बचाया गया है। इस दौरान कमरे और टॉयलेट्स की तलाशी भी ली गई ताकि ये पता चल सके कि उनमें कोई फंसा तो नहीं रह गया।
दमकल विभाग के मुख्य अधिकारी जी.सी. मिश्रा ने कहा
"जब दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची, तो आग की लपटें इमारत से बाहर निकल रही थीं। उस समय भी कई लोग सो रहे थे।"

अधिकारी ने कहा, "प्रथम दृष्टया हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट लग रही है।"

हादसा बहुत बड़ा रहा। मंत्री जैन ने ट्वीट करके भी कहा कि " भवन निर्माण में कानून का उल्लंघन स्पष्ट है। चार मंजिल की इजाजत के बजाय, इमारत को एक अस्थायी मंजिल के साथ छह मंजिला बनाया गया। इलाके में इमारतों की अग्निशमन जांच के आदेश दिए गए हैं।"
लेकिन यही सवाल दिल्ली में हर बार उठता है वो चाहे होटल हो या कोई फैक्ट्री। पता चलता है कि वो अवैध तौर पर बनाई गई थी या अवैध तौर पर चल रही थी। सेफ्टी नार्म्स का उल्लंघन तो एक आम बात है। लेकिन ये हैरत है कि करोलबाग जैसे पॉश इलाके के शानदार होटल को नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया है, ये शासन-प्रशासन को हादसे के बाद पता चला जबकि चार मंजिला इलाके में छै मंजिला इमारत दूर से ही दिख सकती है।

इस सबसे साफ है कि कानून के उल्लंघन में कानून बनाने और चलाने वाले सभी शामिल हैं।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : फिर हादसा, फिर मौतें : लगातार ख़तरनाक़ होती जा रही हैं दिल्ली की फैक्ट्रियां

Delhi
Arpit Palace Hotel
Karol Bagh
Karol Bagh hotel fire
Arvind Kejriwal
satyendra jain

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा से लेकर ख़ाली होते विदेशी मुद्रा भंडार तक

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर


बाकी खबरें

  • maha covid
    अमेय तिरोदकर
    कोविड-19 मामलों की संख्या में आये भारी उछाल से महाराष्ट्र के कमजोर तबकों को एक और लॉकडाउन का डर सताने लगा है!
    04 Jan 2022
    दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका के नुकसान का डर फिर से सताने लगा है। पिछले दो लॉकडाउन के दौरान वे ही इससे सबसे अधिक बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। 
  • SAFDAR
    रवि शंकर दुबे
    सफ़दर: आज है 'हल्ला बोल' को पूरा करने का दिन
    04 Jan 2022
    सफ़दर की याद में मज़दूरों और कलाकारों का साझा कार्यक्रम- क्योंकि सफ़दर के विचार आज भी ज़िंदा हैं...
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट : देश में 24 घंटों में 37,379 नए मामले, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 1,892 हुए 
    04 Jan 2022
    देश में आज फिर कोरोना के 37,379 नए मामले दर्ज किये गए हैं। वही ओमीक्रॉन के 192 नए मामलों के साथ कुल मामलो की संख्या बढ़कर 1,892 हो गयी है।
  • The Beatles
    ब्रेंडा हास
    "द बीटल्स" से नए साल की सीख
    04 Jan 2022
    जे के रोलिंग, ओप्रा विन्फ़्रे, स्टीवन स्पीलबर्ग और द बीटल्स में क्या चीज़ एक जैसी है? संकेत: यह न तो प्रसिद्धि है और न ही उनका पैसा।
  • punjab assembly
    डॉ. ज्ञान सिंह
    पंजाब विधानसभा चुनाव: आर्थिक मुद्दों की अनदेखी
    04 Jan 2022
    सर्दी में भोजन करने के बाद रेवड़ी खाने से भोजन पचाने में मदद मिलती है। पिछले कई विधानसभा चुनावों की तरह, लोगों को लंबे वादों को पचाने के लिए एक बार फिर से राजनीतिक रेवड़ियाँ बांटी जा रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License