NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
हरियाणा में महिला और दलित प्रेमी को जूतों की माला पहनाकर, चेहरों को काला कर घुमाया गया 
हरियाणा में करनाल जिले के एक गांव में ‘‘अवैध संबंध’’ को लेकर बुधवार को एक महिला और एक दलित व्यक्ति की कथित तौर पर पिटाई की गई। उन्हें जूतों की माला पहनाई गई और चेहरों को काला कर उन्हें घुमाया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Aug 2019
violence against women
Image courtesy:Jansatta

अब भी हमारे आस-पास लोग यह कहते हुए मिल जायेंगे कि जाति-वाती, कास्ट - वास्ट कुछ नहीं होता है। पिछड़ें लोग यह सारी बातें करते हैं। लेकिन कभी भी ये लोग मुड़कर अपने समाज को खंगालने की कोशिश नहीं करते हैं। यह नहीं देखते कि उनकी लापरवाही समाज में फ़ैल रहे नफरत का सामना नहीं करती है बल्कि उसे बढ़ावा ही देती है। सबकुछ होता रहता है और हम मूकदर्शक बनकर देखते रहते हैं। हरियाणा में करनाल जिले के एक गांव में ‘‘अवैध संबंध’’ को लेकर बुधवार को एक महिला और एक दलित व्यक्ति की कथित तौर पर पिटाई की गई। उन्हें जूतों की माला पहनाई गई और चेहरों को काला कर उन्हें घुमाया गया। यह जानकारी पुलिस ने दी। 

पुलिस ने बताया कि दलित व्यक्ति के परिवार ने पुलिस में यह शिकायत दर्ज कराई है।परिवार ने पत्रकारों को बताया कि महिला के कुछ रिश्तेदारों ने कुछ ग्रामीणों की मदद से महिला और इस व्यक्ति को पकड़ कर उनकी पिटाई की। उनके गले में जूतों की माला डाली गई और उनके चेहरों को काला कर गांव में उन्हें घुमाया गया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ग्रामीणों ने इस घटना की वीडियो भी बनाई है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ''हमने कुछ ग्रामीणों और महिला के परिवार के रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस सिलसिले में विस्तृत जांच की जा रही है।’’

अब यह हाल हरियाणा का है। हरियाणा कोई देश का पिछड़ा राज्य नहीं है।  ग्रोथ रेट  के मामले में हरियाणा देश के औसत से कहीं आगे है हिंदुस्तान में हर 18 मिनिट में एक दलित के खिलाफ हिंसा होती है और दिन बीतते तक 2 दलितों की जान जा चुकी होती है

Haryana
crime against women
Dalits
Attack on dalits
social inequality
Women Rights
women safety

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License