NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा: "सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव का औचित्य खत्म करने की कोशिश"
राज्य के सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार व चुनाव के दिन (17 अक्टूबर) को पूरे हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेज में हड़ताल और सभी विभागों में तालाबंदी का आह्वन किया है|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Oct 2018
Haryana Students' Union Elections

हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव को लेकर  हंगाम थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, राज्य के सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार व चुनाव के दिन (17 अक्टूबर) को पूरे हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेज में हड़ताल और सभी विभागों में तालाबंदी का आह्वन किया है|

अभी राज्य के सभी कॉलेज में तनाव की स्थिति व छात्रों में भय का माहौल बना हुआ है| हरियाणा के अधिकतर कॉलेजों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है कॉलेज में छात्र कम और पुलिस व सुरक्षाबल अधिक नजर आ रहे हैं इन सबको देखते हुए कई छात्र कॉलेज को छोड़ अपने घर वापस जा रहे हैं| 

तमाम छात्र संगठनों ने प्रत्यक्ष चुनाव की मांग व सरकार द्वारा करवाये जा रहे अप्रत्यक्ष चुनाव के खिलाफ संघर्ष करने के लिए एक संयुक्त संघर्ष समिति बनाई है जिसके स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के केन्द्रीय कमेटी के सदस्य शाहनवाज़ हैं| इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा हर हाल में चुनाव करवाये जाने का बयान जारी किया गया हैI इस कदम को शर्मनाक बाते हुए संघर्ष समिति ने इसे सरकार का तानाशाही रवैया व लोकतंत्र की हत्या करार दिया है| इस कमेटी का कहना है कि प्रदेश भर में छात्र समुदाय ने सरकार के अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने के ढकोसले को नकार दिया है|

समिति ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव करवाकर सरकारी तंत्र के प्रयोग से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) को जितवाने का सुनियोजित षड्यंत्र रच रही है।

 

इसे भी पढ़े :- हरियाणा: छात्रसंघ के प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर छात्रों का संघर्ष जारी

छात्र संगठन एसएफआई के पूर्व राज्य सचिव सुमित का कहना है कि, “खट्टर सरकार का छात्र समुदाय के हितों और उनकी भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं है, सरकार अपने दायित्वों को भुलाकर राज्य के कॉलेज में एक विशेष विचारधार को स्थापित करना चाहती हैI इसलिए वो पुलिस प्रशासन, कॉलेज व विश्वविद्यालय प्रशासन  का दुरुपयोग करते हुए एबीवीपी को स्थापित कर रही हैI  नियमों को ताक पर रखते हुए कल नामांकन का समय बढ़ा दिया गया व इससे प्रशासन की एक संगठन को फायदा पहुँचाना साफ नजर आ रहा है जिसे छात्र समुदाय कतई बर्दाश्त नहीं करेगा हम इसका प्रतिरोध करेंगे|”

प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार की रिपोर्ट अनुसार यदि किसी कक्षा में किसी छात्र का नामांकन उपयुक्त नहीं होगा तो उस कक्षा में एचओडी/क्लास इंचार्ज किसी छात्र को नामांकित करेंगे व उसके साथ-साथ इंटिट्यूशन के हेड 5 छात्रों को नामांकित करेगा जो कालेज की स्टूडेंट्स काउंसिल का चयन करेंगे। इन सभी बिन्दुओं को लेकर छात्र संगठनों में भारी रोष हैI उनके अनुसार ऐसे में यह साफ है कि यह चुनाव साफ व पारदर्शी तरीके से नहीं होंगे। इन चुनावों में सरकार द्वारा आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी को पूरी तरह से समर्थन मिलेगा और काउंसिल पर राज करने का अवसर भी।

एसएफआई हरियाणा की राज्य सचिव सुमन ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि “भाजपा की खट्टर सरकार छात्र संघ चुनाव का औचित्य को ही खत्म कर रही है”|

सुमन ने आगे कहा कि, “सरकार छात्र आंदोलन को दबाने के लिए राज्य के छात्र नेताओं की धरपकड़ कर रही है और ये सब वो छात्र नेताओं को डराने के लिए कर रही है, परन्तु राज्य भर के छात्रों ने अपनी मांग पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखने का संकल्प लिया है।”

Students' union elections
students' politics
Haryana
manohar laal khattar
SFI
ABVP

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

एलएसआर के छात्रों द्वारा भाजपा प्रवक्ता का बहिष्कार लोकतंत्र की जीत है

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License