NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
हैदराबाद: कोरोना इलाज के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पैसा ले रहे हैं निजी अस्पताल
बढ़ा-चढ़ाकर शुल्क वसूलने के अलावा निजी अस्पताल मरीज़ों के साथ आने वाले लोगों से रेमडेसिविर इंजेक्शन जैसी दवाइयों के व्यवस्था खुद से करने के लिए भी कह रहे हैं।
पृध्वीराज रूपावत
06 May 2021
हैदराबाद: कोरोना इलाज़ के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पैसा ले रहे हैं निजी अस्पताल
Image Courtesy: DNA India

तेलंगाना में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बीच निजी अस्पताल कोरोना के मरीज़ों और उनके परिवार से इलाज़ के लिए बहुत ज़्यादा पैसे ले रहे हैं। निजी अस्पतालों द्वारा ली जाने वाली शुल्क की निगरानी के लिए अभी तक कोई भी आधिकारिक प्रक्रिया तय नहीं की गई है। दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल मरीज़ों से भरे पड़े हैं। इसके चलते तेलंगाना में कोरोना का इलाज़ बेहद महंगा हो गया है। 

मंगलवार को सत्यनारायण नाम के किसान की हैदराबाद के मदिनागुडा स्थित एक कॉरपोरेट हॉस्पिटल में मौत हो गई। उनका वहां दो हफ़्ते तक इलाज़ चला था। परिवार वालों का कहना है कि इसके ऐवज़ में अस्पताल ने उनसे 12.5 लाख रुपये की मांग रखी। इस पैसे को चुकाने के लिए परिवार को भद्रादि कोठागुदेम जिले के चारला में अपनी कृषि भूमि को गिरवी रखना पड़ा।

स्थानीय रिपोर्टों और कोविड-19 हेल्पलाइन सेवा प्रदान करने वाले नागरिक समूह के स्वयंसेवकों के मुताबिक़, मौजूदा कोरोना महामारी के बीच निजी अस्पतालों बढ़ा-चढ़ाकर शुल्क ले रहे हैं और बहुत ज़्यादा मुनाफ़ा कमा रहे हैं।

हैदराबाद के सरकारी अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर संजय कुमार कहते हैं, "लोग अच्छी स्वास्थ्य सेवा के लिए प्राइवेट कॉरपोरेट हॉस्पिटल में जा रहे हैं, जहां उनपर बहुत बढ़ा-चढ़ाकर शुल्क लगाया जा रहा है। यह कॉरपोरेट हॉस्पिटल लोगों में फैले कोरोना के डर को भुना रहे हैं।"

4 मई को आए आंकड़ों के मुताबिक़, राज्य में 6,361 नए मामले दर्ज किए गए थे। तब तक राज्य में 77,704 सक्रिय मामले हो चुके थे। मंगलवार रात 8 बजे से पहले के 24 घंटों में 51 लोगों की मौत भी हो चुकी थी। 

कोविड-19 अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तर के बारे में जानकारी देने वाली, राज्य सरकार की वेबसाइट के मुताबिक़, राज्य के निजी और सरकारी अस्पतालों में 8,553 ऑक्सीजन और आईसीयू (वेंटिलेटर) बेड खाली पड़े हैं।

पिछले साल जून में राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना इलाज के लिए अधिकतम दर तय करते हुए आदेश निकाला था। उदाहरण के लिए, वेंटिलेटर के साथ आईसीयू बेड का शुल्क अधिकतम 9000 रुपये हो सकता था। लेकिन आईसीयू बेड के लिए कॉरपोरेट हॉस्पिटल 1.25 लाख रुपये और उससे ज़्यादा का शुल्क वसूल रहे हैं।

ऊपर से निजी अस्पताल मरीज़ों के साथ आए परिवारजनों और अन्य लोगों से रेमडेसिविर इंजेक्शन जैसी दवाइयों का इंतज़ाम खुद से करने को भी कह रहे हैं।

विपक्षी राजनीतिक दलों का कहना है कि राज्य सरकार, निजी अस्पतालों पर निगरानी रखने में नाकाम रही है, जिसके चलते गरीब़ और मध्यमवर्गीय लोग अपने परिवारों को इलाज़ उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं।

तेलंगाना कांग्रेस के अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष शेख अब्दुल्ला सोहैल ने सरकार से निजी अस्पतालों के निरीक्षण की मांग की है।

48 साल के फोटोग्राफर पलविंदर ने बताया कि हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज़ के बदले उनसे 8 लाख रुपये वसूले गए। 

पिछले साल जून और अगस्त के बीच, जब हर दिन कोरोना के 1000 से 2000 मामले आ रहे थे, तभी राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय को हैदराबाद के निजी अस्पतालों के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी थीं। इनमें बढ़ा-चढ़ाकर शुल्क लेने से लेकर बिल ना चुकाने के चलते शवों को बंधक बनाए जाने की शिकायतें थीं। लेकिन इस भयावह महामारी में इस ढंग से व्यापार करने वाले अस्पतालों पर राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए अब भी यह अस्पताल कोरोना से संक्रमित लोगों और उनके परिजनों से बढ़ा-चढ़ाकर पैसा ले रहे हैं।

दूसरी तरफ, जैसा स्थानीय अख़बारों ने बताया कि अप्रैल से ही राज्य में कोरोना की दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाज़ारी चरम पर पहुंच चुकी है।

कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) की प्रदेश ईकाई के सचिव तम्मिनेनी वीराभद्रम ने एक प्रेस नोट जारी किया है। इसमें वीरभद्रम कहते हैं कि पूरे प्रदेश के अस्पतालों में बिस्तरों, दवाइयों, वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और टेस्टिंग किट की कमी से लोग चिंता में हैं। राज्य सरकार वायरस की रोकथाम के लिए जरूरी उपाय नहीं कर रही है, जबकि निजी अस्पताल मुनाफ़ा कमाने के लिए मरीज़ों से धोखा कर रहे हैं।

इस लेख को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Hyderabad: Private Hospitals Charging Exorbitant Amounts for COVID-19 Treatment

Telangana Private Hospitals
Hyderabad Private Hospitals
Private Hospital Bills
Telangana Healthcare
COVID19 Pandemic

Related Stories

कोरोना महामारी अनुभव: प्राइवेट अस्पताल की मुनाफ़ाखोरी पर अंकुश कब?


बाकी खबरें

  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
    12 Jan 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
  • dharm sansad
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
    12 Jan 2022
    पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।
  • राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    विजय विनीत
    राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    12 Jan 2022
    "आरएसएस को असली तकलीफ़ यही है कि अशोक की परिकल्पना हिन्दू राष्ट्रवाद के खांचे में फिट नहीं बैठती है। अशोक का बौद्ध होना और बौद्ध धर्म धर्मावलंबियों का भारतीय महाद्वीप में और उससे बाहर भी प्रचार-…
  • Germany
    ओलिवर पाइपर
    जर्मनी की कोयला मुक्त होने की जद्दोजहद और एक आख़िरी किसान की लड़ाई
    12 Jan 2022
    पश्चिमी जर्मनी में एक गांव लुत्ज़ेराथ भूरे रंग के कोयला खनन के चलते गायब होने वाला है। इसलिए यहां रहने वाले सभी 90 लोगों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया है। उनमें से केवल एक व्यक्ति एकार्ड्ट ह्यूकैम्प…
  • Hospital
    सरोजिनी बिष्ट
    लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़
    12 Jan 2022
    लखनऊ के साढ़ामऊ में स्थित सरकारी अस्पताल को पूरी तरह कोविड डेडिकेटेड कर दिया गया है। इसके चलते आसपास के सामान्य मरीज़ों, ख़ासकर गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही इसी अस्पताल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License