NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
इज्ज़त नगरी की असभ्य बेटियां
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
16 Aug 2014

इज्ज़त नगरी की असभ्य बेटियां, “हॉनर किल्लिंग” और इसे बढ़ावा देने वाले खाप पंचायतो का विरोध करने वाली डाक्यूमेंट्री फिल्म है ।

अवधि:- ९०मिनट

अहलावत खाप के नेता जय सिंह अहलावत के शब्दों में, “ उनके संस्कृति को ख़राब करने वाला और कोई नहीं बल्कि पढ़े लिखे नौजवान, दलित अफसर हैं और उनकी ‘असभ्य’ बेटियां है जो बराबरी का अधिकार चाहते हैं और इससे हमारी वर्षो पुराणी परंपरा ख़राब हो रही है ।

जय सिंह जैसी अनेक आवाज़ पित्रसत्ता और जातिवादी समाज के उस खाप व्यवस्था को दर्शाती हैं जो युवाओं से प्यार करने और खुद की मर्ज़ी से शादी करने के अधिकार को अपने पैरो तले दबा  रहे हैं ।

इज्ज़त नगरी ऐसी पांच जाट लड़कियों की कहानी है जिन्होंने खाप के खिलाफ आवाज़ उठाई  और इसके बदले में उन्हें या तो मौत, दमन या सामजिक बहिस्कार झेलना पड़ा ।

इनमे से एक कहानी हरियाणा के सीमा की है, जिसके भाई मनोज ने अपनी ही गोत्र की बबली से शादी की और इसके लिए उन्हें मौत के घात उतार दिया गया । सीमा और उसकी माँ आज भी न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं वहीँ उन्हें खाप और स्थानीय राजनीतिक संस्थानों से कोई आस नहीं है । इसमें मुकेश की भी कहानी है जो खुद हॉनर किल्लिंग का शिकार होने से बची है । साथ ही इसमें गीतिका की भी कहानी है जो अब दिल्ली में हॉनर किल्लिंग पे नुक्कड़ नाटक और रंगमंच कर रही है । ऐसी ही अनेक घटनाओं के माध्यम से यह फिल्म इन दमनकारी परम्पराओं पर प्रकाश डालती है ।

यह फिल्म लोकतांत्रिक आधुनिक भारत के दोहरे चरित्र को दर्शाती है ।

फिल्म से जुड़े सदस्य

निर्देशक:- नकुल सिंह स्वाहने

कैमरा: देवल समन्ता

संगीत:  विनीत डी सूजा

एडिटर: नीतू सिंह

डाक्यूमेंट्री फिल्म
ट्रेलर
हॉनर किल्लिंग
जगमती सांगवान
खाप पंचायत
मनोज बबली
सांप्रदायिक ताकतें

Related Stories

संघ के मनगढ़ंत इतिहास और बढ़ते सांप्रदायिक खतरे पर इतिहासकार इरफ़ान हबीब

गाय पर राजनीति

धर्म आधारित जनगणना या धार्मिक उन्माद बढाने का जरिया

इंसाफ से वंचित मुजफ्फरनगर जहां दो साल बाद भी सरकार फेल

श्री राम कॉलोनी और साम्प्रदायिकता का जहर

दिल्ली के दरवाज़े पर साम्प्रदायिकता की दस्तक

#गोधराअगेन और साम्प्रदायिकता की राजनीति

कटघरे में कानून

क्या ‘हिन्दू’ हमारी राष्ट्रीय पहचान है?

दिल्ली भाजपा को हराने के लिए तैयार


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License