NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
इंडियाबुल्स की कहानी : 'सब मिले हुए हैं जी!'
दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड यानी IBHFL से जुड़े फंड हेराफेरी मामले में केंद्र सरकार व आरबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दायर याचिका में कहा गया है कि बीते कई वर्षो से IBHFL ने विभिन्न सरकारी व निजी बैंकों से मोटे कर्ज लिए और इन कर्जों की हेरा -फेरी कर खुद की स्वामित्व वाली कम्पनी के खाते में डाल लिया।
गिरीश मालवीय
30 Sep 2019
indiabulls

जब से अखबारों में मीडिया पर इंडियाबुल्स से जुड़े किस्से सामने आने लगे हैं तब से केजरीवाल का प्रसिद्ध वाक्य याद आता है 'सब मिले हुए हैं जी' 

इंडिया बुल्स के मालिक हैं  समीर गहलोत, समीर गहलोत की गिनती भारत के टॉप 100 अमीरों में 29 वें  स्थान पर होती हैं। भारत में सबसे युवा 5 मल्टी मिलेनियर में उनका नाम शामिल हैं,समीर के पिता बलवान सिंह गहलोत एक्स आर्मी मैन है और अब खनन कारोबार से जुड़े बताए जाते हैं। 

समीर गहलोत की माताजी हैं, बीजेपी की नेता कृष्णा गहलोत, जो इस वक़्त हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की अध्यक्ष हैं। कृष्णा गहलोत का हरियाणा बीजेपी में बहुत रूतबा है।

नरेंद्र गहलोत समीर गहलोत के भाई हैं। नरेंद्र गहलोत दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट हैं। ये 25 जुलाई, 2012 को इंडियाबुल्स रियल एस्टेट लिमिटेड के एमडी बने। वो इंडियाबुल्स इन्श्योरेंस एजेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के भी डायरेक्टर हैं।  

नरेन्द्र गहलोत की शादी हुई है ज्योति मिर्धा से जो नागौर में कांग्रेस की कद्दावर नेता मानी जाती है,  ज्योति 2009 में इसी क्षेत्र से सांसद भी रही है ओर पाँच बार सांसद रहे कांग्रेस के बड़े जाट नेता नाथूराम मिर्धा की पोती है। 

ज्योति मिर्धा की बहन हेमश्वेता मिर्धा की शादी दीपेंद्र हुड्डा से हुई है, जो पूर्व सीएम कांग्रेस के भूपेंद्र हुड्डा के बेटे हैं। ऐसे में बीजेपी के गहलोत परिवार और हुड्डा के बीच सीधा संबंध है, अमेरिका में पढ़ाई करने वाली श्वेता ने कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए काम किया है। इनमें इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन, इंडिया बुल्स और रॉबर्ट हाफ इंटरनेशनल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

यानी पूरा परिवार ही राजनीति से जुड़ा हुआ है, क्या बीजेपी क्या कांग्रेस सब एक ही हैं।  बहरहाल यह तो हुई राजनीति की बातें लेकिन यह इंडिया बुल्स का मामला आखिर है क्या?

पिछले कुछ महीनों में इंडिया बुल्स में गड़बड़ी के कई आरोप लगे हैं। इस ग्रुप पर लगभग 87 हजार करोड़ रुपये का कर्जा है। अर्थव्यवस्था के उभरते हुए क्षेत्रों में इंडियाबुल्स जिस तरह से कदम बढ़ा रही थी, वह वाकई चौंकाने वाला है कि कैसे एक डॉट कॉम से शुरू करने वाली कंपनी एक दशक की अवधि में अपना व्यावसायिक साम्राज्य इतना अधिक फैला सकती है? लेकिन अब इसकी असलियत सामने आने लगी है। 

पिछले साल जब  IL&FS का मामला सामने आया था, उसके बाद से IL&FS संकट के कारण देश का पूरा NBFC सेक्टर संकट में आ गया है। IL&FS डिफॉल्ट के बाद अब तक भारत की टॉप 20 NBFC की तीन लाख करोड़ की पूंजी नष्ट हो चुकी है।  उससे एक-एक करके बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के घपले घोटाले सामने आ रहे हैं। 

 इसी कड़ी में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का नाम सबसे बड़ा है। 

इंडिया बुल्स के मामले में ताजा घटनाक्रम यह हैं कि दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड यानी IBHFL से जुड़े फंड हेराफेरी मामले में केंद्र सरकार व आरबीआइ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है . एनजीओ सिटीजंस व्हिसल ब्लोअर फोरम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है कि इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने अपने प्रवर्तकों और ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के माध्यम से बड़ी कॉरपोरेट समूह के स्वामित्व वाली कंपनियों को संदिग्ध कर्ज दिया।  IBHFL के खिलाफ़ हाई कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है। उसमे कहा गया है कि इस कम्पनी ने नियमों का उल्लंघन कर कई अनियमितताएं की हैं दायर याचिका में कहा गया है कि बीते कई वर्षो से IBHFL ने विभिन्न सरकारी व निजी बैंकों से मोटे कर्ज लिए। इस तरह उसने जनता का पैसा और IBHFL के अंशधारकों व निवेशकों का पैसा बड़े कॉरपोरेट समूहों के स्वामित्व वाली कंपनियों को संदिग्ध कर्ज के रूप में देकर उसे दांव पर लगाया गया इस कर्ज की हेराफेरी कर के इंडियाबुल्स के प्रवर्तकों की स्वामित्व वाली कंपनियों के खाते में डाल दिया गया।  इसका मकसद उनकी निजी संपत्ति को बढ़ाना था।  कोर्ट ने अगली सुनवाई 13 दिसंबर को तय की है।

दअरसल इंडिया बुल्स जैसी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां सरकारी बैंकों से कर्ज लेकर आगे छोटी कंपनियों को कर्ज देती हैं। लेकिन ऐसा करते वक्त वे जिन कंपनियों को कर्ज देती हैं, उनका न तो वित्तीय आकलन करती हैं और न ही कर्ज के बदले किसी तरह का जमानत लेती हैं। इसी की आड़ में अक्सर ये कंपनियां मुखौटा कंपनियों को कर्ज देकर फंड का डाइवर्जन कर लेती हैं। 

इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और उसके सहयोगियों पर वित्तीय घोटाले मामले को लेकर सुब्रमण्‍यम स्वामी लंबे समय से मुखर हैं।  बीते महीने सुब्रमण्‍यम स्वामी ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया था। इस लेटर में दावा किया गया कि इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस जानबूझ कर वित्तीय पतन और दिवालियापन की तरफ बढ़ रही है, जो रियल एस्टेट, बैंकिंग, शेयर बाजार आदि में भ्रष्टाचार का मसला है। इसमें 1 लाख करोड़ रुपये की चपत निवेशकों को और राष्ट्रीय हाउसिंग फाइनेंस बोर्ड को लगी है। सुब्रमण्‍यम स्वामी के मुताबिक इंडियाबुल्स ने 100 से अधिक शेल कंपनियां बनाई, जिन्होंने NHB से कर्ज लिया। फिर इस कर्ज को महाराष्ट्र, दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु और चेन्नई की कई रीयल एस्टेट कंपनियों को दे दिया गया। 

इंडियाबुल्स ने इन आरोपों को गलत करार दिया कंपनी ने स्वामी के खत का जिक्र करते हुए कहा कि इंडियाबुल्स को NHB को कोई कर्ज नहीं चुकाना है और कहा कि इंडियाबुल्स की प्रतिष्ठा को खराब करने और लक्ष्मी विलास बैंक के साथ उसके विलय में बाधा उत्पन्न करने के लिए ये आरोप लगाए गए हैं। दरअसल लक्ष्मी विलास बैंक को जल्द ही इंडियाबुल्स खरीदने वाली है। अप्रैल 2019 में लक्ष्मी विलास बैंक ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के साथ विलय की घोषणा की थी। लक्ष्मी विलास बैंक के निदेशक मंडल ने प्रस्‍ताव पर मंजूरी दे दी है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की लक्ष्मी विलास बैंक के साथ प्रस्तावित विलय को मंजूरी दे दी है। विलय की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आरबीआई, सेबी समेत अन्‍य संस्‍थाओं की मंजूरी जरूरी है।  इस प्रक्रिया में 6 से 8 महीने तक का समय लग सकता है। 

लेकिन यहाँ यह जान लेना समीचीन है कि लक्ष्मी विलास बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थसारथी मुखर्जी ने पिछले महीने अगस्त में अचानक इस्तीफा दे दिया। उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक अभी इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की लक्ष्मी विलास बैंक में विलय की योजना पर फैसला नहीं कर पाया है। 

वैसे भी रिजर्व बैंक रॉयल्टी  क्षेत्र से संबंध रखने वाली इकाइयों को बैंकिंग क्षेत्र के लिए अनुमति देने से हिचकिचाता रहा है। अब तो लक्ष्मी विलास बैंक में भी 790 करोड़ का बड़ा घोटाला सामने आया है। इससे भी इस विलय के सौदे पर कई सवाल खड़े हो जाते हैं, पिछले दिनों पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक को कारोबार करने से रोक कुछ ऐसे ही मामले सामने आने के बाद लगाई गई थी इसलिए अब इस मर्जर पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। 

वैसे अब इंडियाबुल्स हाउसिंग के लगभग 1 लाख करोड़ के घोटालों के आरोप के सामने अब विजय माल्या ओर नीरव मोदी के कुछ हजार करोड़ के घोटाले बहुत छोटे मामले लगने लगे है!

ऐसा नहीं है याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं, वह पहली बार लगे है। कुछ साल पहले बेहद मशहूर पनामा पेपर्स जब सामने आए थे, तब यह बात सामने आई थी कि मोस्सैक फोंसेका के ज़रिये अस्तित्व में आईं कुछ कंपनियां संबद्ध देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नशीले द्रव्यों के व्यापार, धोखाधड़ी और कर चोरी में शामिल रही हैं।  इन कम्पनियों में भारत के 50 बड़े लोगों के नाम सामने आए थे, जिसमे अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, डीएलएएफ के कुशल पाल सिंह,  गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी ओर इंडिया बुल्स के समीर गहलोत का नाम भी शामिल था। 

इन्ही पेपर्स में नाम आने के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान के  प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ आज जेल में चक्की पीस रहे हैं। लेकिन बड़े-बड़े नामों के सामने आने के बावजूद यहाँ पर न खाऊंगा न खाने दूँगा की बात करने वाली सरकार के कानों पर जू तक नही रेंगती हैं।  यदि इन मामलों की जाँच समय रहते करवाई जाती तो आज यह नौबत  ही नही आती।  


 
 

Indiabulls
roundtriping of money
sameer gahlot
indiabulls and crony capitalism
india bulls congress and bjp
subrmayam swami and india bulls

Related Stories

इंडियाबुल्स की राजनीतिक सांठगांठ !

भारतीय हाउसिंग सेक्टर का संकट और आर्थिक मंदी

Indiabulls पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप, NTPC कोयला खनन मामला और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License