NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
इंडियाबुल्स की राजनीतिक सांठगांठ !
दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच के आदेश दिये जाने को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण वित्तीय नियमन के संस्थाओं और भारतीय रिजर्व बैंक से छानबीन करने को कहा है।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
30 Sep 2019

दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच के आदेश दिये जाने को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण वित्तीय नियमन के संस्थाओं और भारतीय रिजर्व बैंक से छानबीन करने को कहा है। एक गैर-सरकारी संगठन ‘सिटिजंस व्हिसिल ब्लोअर फोरम' की इस याचिका में कंपनी के प्रवर्तकों पर धन की कथित हेराफेरी और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाये गये हैं। संगठन ने एसआईटी से इसकी जांच कराये जाने की मांग की है। इसमें अगली सुनवाई 13 दिसंबर को होगी। इंडिया बुल्स की वित्तीय पृष्ठभूमि और मालिकों के राजनीतिक पृष्ठभूमि पर अपनी राय रख रहे हैं वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता।

indiabulls and crony capitalism
indiabulls bjp and congress
sameer gahlot
krishna gahlot
round triping of money
SEBI
housing finance company
inidiabulls nbfc

Related Stories

एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला

सेबी का ईएसओपी को स्वतंत्र निदेशकों को अनुमति देने का प्रस्ताव ख़तरनाक और वैचारिक रूप से ग़लत है

गौतम थापर : पीड़ित या खलनायक

क्यों गौतम थापर को उन्हीं की कंपनी से निलंबित किया गया?

सेबी की ओर से किये गये एक नियम में बदलाव से कैसे रिलायंस को 53,000 करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिली

क्या सरकार ने रिलायंस की 53,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने में मदद की?

कार्वी घोटाले ने घरेलू ब्रोकरेज इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया

इंडियाबुल्स की कहानी : 'सब मिले हुए हैं जी!'

सेबी की स्वायत्तता में भी सेंध

चिट फंड घोटाला : क्या सेबी निवेशकों का पैसा लौटना चाहती है?


बाकी खबरें

  • bhojpur
    अनिल अंशुमन
    बिहार: मुखिया के सामने कुर्सी पर बैठने की सज़ा, पूरे दलित परिवार पर हमला
    31 Jul 2021
    जगह-जगह दुल्हिनगंज के दलित परिवार के साथ जदयू पूर्व मंत्री के इशारे पर हुई दबंगई के खिलाफ जन आक्रोश सड़कों पर प्रकट करते हुए नितीश कुमार सरकार का पुतला जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
  • गली-गली सूबे-सूबे तनाव बढ़ाता निज़ाम और विपक्षी-एकता का ममता अभियान
    न्यूज़क्लिक टीम
    गली-गली सूबे-सूबे तनाव बढ़ाता निज़ाम और विपक्षी-एकता का ममता अभियान
    31 Jul 2021
    'मजबूत सरकार' के दौर में देश के दो राज्य-असम और मिजोरम आपस में भिड़ गये. दोनों के बीच दो शत्रु देशों की तरह सरहदी मसले पर गोलियां चल गईं. ये कोई साधारण बात नही है. आज़ाद भारत में ऐसा पहली बार देखा…
  • छत्तीसगढ़: जशपुर के स्पंज आयरन प्लांट के ख़िलाफ़ आदिवासी समुदायों का प्रदर्शन जारी 
    सुमेधा पाल
    छत्तीसगढ़: जशपुर के स्पंज आयरन प्लांट के ख़िलाफ़ आदिवासी समुदायों का प्रदर्शन जारी 
    31 Jul 2021
    'हमें लोहे या बिजली की जरूरत नहीं है, हमें खेती एवं वन-उत्पाद पर आधारित उद्योग चाहिए। ऐसी फैक्टरी नहीं चाहिए जो हमारी खेती और वनोत्पाद को बरबाद कर दे...'
  • ब्लिंकन का दिल्ली में एक ही एजेंडा था- सिर्फ़ चीन
    एम. के. भद्रकुमार
    ब्लिंकन का दिल्ली में एक ही एजेंडा था- सिर्फ़ चीन
    31 Jul 2021
    बाइडेन प्रशासन को डर है कि भारत के बिना क्वाड बिखर जाएगा और चीन के रोकथाम की नीति को एशिया में बल नहीं मिलेगा।
  • दस प्रतिशत से अधिक कोविड संक्रमण दर वाले ज़िलों में सख़्त पाबंदियों पर विचार करें: केन्द्र
    भाषा
    दस प्रतिशत से अधिक कोविड संक्रमण दर वाले ज़िलों में सख़्त पाबंदियों पर विचार करें: केन्द्र
    31 Jul 2021
    केन्द्र ने यह बात उन 10 राज्यों से कही जहां कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। केन्द्र ने कहा कि 46 जिले 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर दिखा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License