NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
भारत
इसरो की एक और सफलता, उपग्रह रिसैट-2बी का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण
यह उपग्रह निगरानी, कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन समर्थन जैसे क्षेत्रों में मददगार साबित होगा। इस सफलता पर इसरो अध्यक्ष के शिवन ने कहा, ‘‘इससे भविष्य के हमारे प्रक्षेपण यान मिशनों में क्रांति आएगी।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 May 2019
PSLV (फाइल फोटो)

श्रीहरिकोटा :  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पृथ्वी निगरानी उपग्रह रिसैट-2बी का बुधवार तड़के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण करके इतिहास रच दिया।

यह उपग्रह देश की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

मंगलवार को आरंभ हुई 25 घंटे की उलटी गिनती समाप्त होते ही एजेंसी के भरोसेमंद ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी46) ने 615 किलोग्राम वजनी उपग्रह के साथ सुबह साढ़े पांच बजे यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्च पैड से उड़ान भरी। यह पीएसएलवी-सी46 का 48वां मिशन था।

उड़ान भरने के करीब 15 मिनट 30 सेकेंड के बाद रिसैट-2बी (रडार इमेजिंग सैटेलाइट-2बी) को कक्षा में छोड़ा गया। यह उपग्रह निगरानी, कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन समर्थन जैसे क्षेत्रों में मददगार साबित होगा।

इसरो अध्यक्ष के शिवन ने मिशन नियंत्रण केंद्र से प्रक्षेपण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पीएसएलवी-सी46 ने 555 किलोमीटर की निर्दिष्ट कक्षा में 37 डिग्री के झुकाव के साथ रिसैट-2बी को सटीकता से स्थापित किया।

शिवन ने कहा, ‘‘पीएसएलवी के लिए यह मिशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रक्षेपण के साथ ही पीएसएलवी राष्ट्रीय, छात्र एवं विदेशी उपग्रहों समेत कुल 354 उपग्रह प्रक्षेपित करके अंतरिक्ष में अब तक 50 टन वजन ले कर जा चुका।’’

इसरो के अध्यक्ष ने बताया कि पीएसएलवी-सी46 अपने साथ दो महत्वपूर्ण पेलोड -एक स्वदेश निर्मित प्रोसेसर और एक कम कीमत का ‘इनर्शल नेविगेशन सिस्टम’ लेकर गया।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे भविष्य के हमारे प्रक्षेपण यान मिशनों में क्रांति आएगी।’’

शिवन ने बताया कि रिसैट -2बी एक अत्याधुनिक पृथ्वी निगरानी उपग्रह है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस उपग्रह में, एक अन्य बहुत जटिल नई प्रौद्योगिकी ने उड़ान भरी है। यह 3.6 मीटर ‘अनफर्नेबल रेडियल रिब एंटीना’ है। यह भविष्य की तकनीक होने वाली है।’’

शिवन ने भविष्य के प्रक्षेपणों के बारे में कहा, ‘‘आगामी मिशन ‘चंद्रयान दो’ भारत के लिए ऐतिहासिक मिशन होने वाला है। यह इसरो का अब तक का सबसे जटिल मिशन होने वाला है। यह मिशन इस साल नौ जुलाई से 16 जुलाई के बीच पूरा किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि चंद्रमा पर छह सितंबर को उतरने की उम्मीद है। ‘‘यह ऐसे विशेष स्थल पर उतरने वाला है, जहां पहले कोई नहीं गया है।’’

शिवन ने बताया कि चंद्रयान-दो के बाद, ‘‘इसरो अत्यंत उच्च रेजोल्यूशन वाले ‘कार्टोसैट 3’ उपग्रह के प्रक्षेपण पर विचार करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुन: प्रोज्य प्रक्षेपण यान का दूसरा प्रदर्शन आगामी महीनों में होगा। कम लागत वाले छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान संबंधी गतिविधियां कुछ महीनों में होंगी।’’

‘रिसैट-2बी’, ‘रिसैट-2’ का स्थान लेगा। ‘रिसैट-2’ को 2009 में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था।

‘रिसैट-2बी’ एक सिंथेटिक अपर्चर रडार से युक्त है जो दिन और रात दोनों में और बादल छाए होने पर भी पृथ्वी की तस्वीर लेने में सक्षम है।

इसरो के सूत्रों ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि इस मिशन की आयु पांच साल है और इस दौरान इस उपग्रह का प्रयोग सैन्य निगरानी के लिए भी किया जाएगा।

भारत ‘रिसैट-2’ का इस्तेमाल सीमा पार पाकिस्तान में शिविरों पर नजर रखने के लिए सक्रिय तरीके से करता रहा है ताकि आतंकवादियों की घुसपैठ रोकी जा सके।

यह श्रीहरिकोटा से 72वां प्रक्षेपण यान मिशन था और प्रथम लॉन्च पैड से 36वां प्रक्षेपण था।

बुधवार को किया गया प्रक्षेपण पीएसएलवी का 2019 में तीसरा प्रक्षेपण था। इसरो ने ‘रिसैट-1’ का प्रक्षेपण 26 अप्रैल 2012 को किया था।

उपग्रह से ली गई तस्वीरों का उपयोग खुफिया निगरानी के लिए भी किया जाएगा, हालांकि इसरो इस मुद्दे पर शांत है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "सामरिक क्षेत्रों के लिए उपग्रहों की मांग बढ़ गई है। लगभग छह/उपग्रहों को बनाने की योजना है।"
आरआईएसएटी-2बी के साथ बुधवार को प्रक्षेपित 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी स्ट्रैप-ऑन मोटरों के बिना वाला अकेला वेरिएंट है।
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के पास पीएसएलवी के दो और चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स और बड़े पीएसएलवी-एक्सएल हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Satellite Launch
Polar Satellite Launch Vehicle
PSLV C-46
ISRO
DRDO
Sriharikota

Related Stories

इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित

भारत ने विकिरण रोधी मिसाइल रुद्रम-1 का सफल परीक्षण किया

कार्टून क्लिक : काश! कोई 'धरती मित्र' भी मिले

एरियन रॉकेट से इसरो के जीसैट 30 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

नासा को मिला चंद्रयान-2 का मलबा, तस्वीर की साझा

पृथ्वी की बेहद साफ़ तस्वीर लेने वाले भारत के कार्टोसैट-3 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

जज़्बाः ग्रामीण इलाक़े के छात्रों को विज्ञान की शिक्षा दे रहे हैं 'तेजस' के वैज्ञानिक

विक्रम लैंडर की हुई थी हार्ड लैंडिंग: नासा ने तस्वीरें जारी करके बताया

चांद की सतह पर टकराने से झुका लैंडर ‘विक्रम’, लेकिन साबुत अवस्था में : इसरो

अंतरिक्ष के रहस्यों से भी ज्यादा चकित करता मीडिया का व्यवहार


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License