NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
इतवार की कविता : अकबर 'इलाहाबादी' की एक ग़ज़ल
उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही अकबर इलाहाबादी को 'प्रयागराजी' बता दिया हो, मगर उनके मुरीदों के लिए अकबर आज भी इलाहाबादी ही हैं। आज इतवार की कविता में पढ़िए उनकी एक ग़ज़ल।
न्यूज़क्लिक डेस्क
02 Jan 2022
allahabadi

उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही अकबर इलाहाबादी को 'प्रयागराजी' बता दिया हो, मगर उनके मुरीदों के लिए अकबर आज भी इलाहाबादी ही हैं। आज इतवार की कविता में पढ़िए उनकी एक ग़ज़ल।

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ 
बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ 

ज़िंदा हूँ मगर ज़ीस्त की लज़्ज़त नहीं बाक़ी 
हर-चंद कि हूँ होश में हुश्यार नहीं हूँ 

इस ख़ाना-ए-हस्ती से गुज़र जाऊँगा बे-लौस 
साया हूँ फ़क़त नक़्श-ब-दीवार नहीं हूँ 

अफ़्सुर्दा हूँ इबरत से दवा की नहीं हाजत 
ग़म का मुझे ये ज़ोफ़ है बीमार नहीं हूँ 

वो गुल हूँ ख़िज़ाँ ने जिसे बर्बाद किया है 
उलझूँ किसी दामन से मैं वो ख़ार नहीं हूँ 

या रब मुझे महफ़ूज़ रख उस बुत के सितम से 
मैं उस की इनायत का तलबगार नहीं हूँ 

गो दावा-ए-तक़्वा नहीं दरगाह-ए-ख़ुदा में 
बुत जिस से हों ख़ुश ऐसा गुनहगार नहीं हूँ 

अफ़्सुर्दगी ओ ज़ोफ़ की कुछ हद नहीं 'अकबर' 
काफ़िर के मुक़ाबिल में भी दीं-दार नहीं हूँ

akbar allahabadi
akbar allahabadi ghazal
itwar ki kavita
up govt

Related Stories

इतवार की कविता : "हम सामईं पे क़हर न ढाएँ जहां-पनाह..."


बाकी खबरें

  • Imran Khan
    यानिस इकबाल
    पाकिस्तान में राजनीतिक अशांति की आर्थिक जड़ों को समझना ज़रूरी है
    22 Jun 2021
    सत्ता के गलियारों में अंतर-अभिजात वर्ग का आपसी संघर्ष जारी है जिसका आम मेहनतकश जनता से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि आईएमएफ़ का क़र्ज़ बेइंतहा बढ़ गया है, अर्थव्यवस्था डूब रही है और लोग निजीकरण के ख़िलाफ़…
  • अगले चुनावी साल से पहले भाजपा को सता रही हैं पिछली गलतियां
    सुहित के सेन
    अगले चुनावी साल से पहले भाजपा को सता रही हैं पिछली गलतियां
    22 Jun 2021
    भाजपा अगले साल एक के बाद एक होने वाले चुनावों की एक श्रृंखला को लेकर परेशान और हताश दिख रही है।
  • दिल्ली में पानी की किल्लत पर विजय गोयल ने जो तस्वीर ट्वीट की, वो कांग्रेस शासनकाल की निकली
    कलीम अहमद
    दिल्ली में पानी की किल्लत पर विजय गोयल ने जो तस्वीर ट्वीट की, वो कांग्रेस शासनकाल की निकली
    22 Jun 2021
    ऑल्ट न्यूज़ ने फ़ोटोजर्नलिस्ट अदनान आबिदी से बात की और उन्होंने इसकी पुष्टि की कि उन्होंने ही 2009 में ये तस्वीर ली थी. यानी, भाजपा नेताओं ने दिल्ली में पानी की समस्या को लेकर AAP सरकार को घेरते हुए…
  • मिल्खा सिंह
    लेज़्ली ज़ेवियर
    मिल्खा सिंह : एक हीरो जिसे देश ने चाहा, लेकिन दूसरों की कीमत पर
    22 Jun 2021
    भारतीय खेल के इतिहास में रोम ओलंपिक में मिल्खा सिंह के चौथे पायदान पर आने की उपलब्धि को खूब तराशा गया है। इस उपलब्धि पर कई किताबें और लेख लिखे गए, फ़िल्में बनाई गईं। लेकिन इसी दौरान केडी जाधव को…
  • शेरनी : दो मादाओं की एक-सी नियति की कहानी
    सत्यम श्रीवास्तव
    शेरनी : दो मादाओं की एक-सी नियति की कहानी
    22 Jun 2021
    फ़िल्म की मूल कथा भले ही एक शेरनी (टी-12) के इर्द-गिर्द बुनी गयी है लेकिन कब एक महिला के लिए हमारा समाज, हमारी राजनीति, हमारी नौकरशाही ठीक वही रवैया अपना लेती है जो एक शेरनी के लिए, यह बिना किसी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License