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इतवार की कविता: किस चीज़ से डरते हैं वे?
गोरख पाण्डेय ने 43 साल पहले देश के हाकिमों से पूछा था कि “किस चीज़ से डरते हैं वे/तमाम धन-दौलत/ गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद?”, आज भी ये सवाल मौज़ू है और साथ ही उसका जवाब भी।
न्यूज़क्लिक डेस्क
09 Jan 2022
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : गूगल

गोरख पाण्डेय ने 43 साल पहले देश के हाकिमों से पूछा था कि “किस चीज़ से डरते हैं वे/तमाम धन-दौलत/ गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद?”, आज भी ये सवाल मौज़ू है और साथ ही उसका जवाब भी।

उनका डर

 

वे डरते हैं

किस चीज़ से डरते हैं वे

तमाम धन-दौलत

गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद ?

वे डरते हैं

कि एक दिन

निहत्थे और ग़रीब लोग

उनसे डरना

बंद कर देंगे।

 

-         गोरख पाण्डेय

(रचनाकाल:1979)

(साभार : कविता कोश)

gorakh pandey
itwaar ki kavita
security lapse
farmers protest poetry

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