NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जामिया के छात्र को अनंतनाग में उसके परिवार से मिलाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जामिया के छात्र को पूरी सुरक्षा के बीच अनंतनाग में उसके परिवार से मिलाया जाए। छात्र को भी परिवार से मिलकर लौटने के बाद न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Aug 2019
जामिया के छात्र को अनंतनाग में उसके परिवार से मिलाने का आदेश


दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के एक छात्र को जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में अपने परिवार के पास जाने की बुधवार को अनुमति दे दी। न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस छात्र को समुचित सुरक्षा प्रदान करे। 
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने छात्र मोहम्मद अलीम सैयद को अनंतनाग में अपने परिवार से मिलकर लौटने के बाद न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। पीठ ने पुलिस को इस छात्र को समुचित सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है।
पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े से कहा कि यदि यह छात्र बृहस्पतिवार को अनंतनाग जाना चाहता है तो न्यायालय का आदेश उसे एक घंटे मे उपलब्ध करा दिया जायेगा। 


अधिवक्ता मृगांक प्रभाकर के माध्यम से दायर याचिका में सैयद ने कहा है कि वह अनंतनाग का स्थाई निवासी है और चार-पांच अगस्त से उसे अपने माता पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। उसने याचिका में संदेह व्यक्त कि शायद उसके माता पिता को कश्मीर में नजरबंद कर लिया गया है क्योंकि वह उनसे अभी तक किसी भी तरह से संपर्क कायम नहीं कर सका है। 


सैयद ने अपनी याचिका में कहा कि राष्ट्रपति का आदेश जारी होने के बाद से वहां इंटरनेट और फोन सेवा पूरी तरह बंद है। उसने यह भी दलील दी है कि सूचना का ब्लैक आउट और लोगों के आवागमन पर प्रतिबंध संविधान में प्रदत्त् मौलिक अधिकारों का हनन करता है। 


इसके अलावा दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में आए शाह फैसल की उस याचिका पर बुधवार को केंद्र से जवाब मांगा जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर की प्रति मांगी है। वह फिलहाल श्रीनगर में हिरासत में हैं।
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

Kashmir crises
Supreme Court
Jammu and Kashmir
Article 370
Article 370 Scrapped
India

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • up
    सोनिया यादव
    यूपी चुनाव 2022: कई जगह जमकर लड़ीं महिला उम्मीदवार, कई सीटों पर विजयी
    10 Mar 2022
    बीते विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या में 4 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है और वो फिलहाल मैदान में 30 से अधिक सीटों पर आगे चल रही हैं।
  • biren singh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में भाजपा सरकार बनाने की प्रबल दावेदार केवल बहुमत का इंतज़ार
    10 Mar 2022
    मणिपुर की बात करें तो मणिपुर में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं। बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत है। खबर लिखने तक मणिपुर में भी भाजपा 60 में से 15 सीट जीत चुकी है और 13 सीट पर आगे चल रही है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: महंगाई-बेरोज़गारी पर हावी रहा लाभार्थी कार्ड
    10 Mar 2022
    यूपी की ज़मीन पर इस बार किसान आंदोलन से लेकर लखीमपुर कांड और हाथरस कांड की गूंज थी। कोविड की पहली लहर और दूसरी लहर की मार थी, छुट्टा पशु की परेशानी थी, महंगाई, बेरोज़गारी जैसे बड़े मुद्दे थे। विपक्ष…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड : मुआवज़े की मांग कर रहे किसानों पर एनटीपीसी ने किया लाठीचार्ज
    10 Mar 2022
    अपने खेतों के बदले उचित मुआवज़े की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों पर हुए लाठीचार्ज से किसान आक्रोशित हो गए और जवाब में अधिकारियों पर पथराव किया।
  • bela and soni
    सौरव कुमार
    सोनी सोरी और बेला भाटिया: संघर्ष-ग्रस्त बस्तर में आदिवासियों-महिलाओं के लिए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा
    10 Mar 2022
    भारत की सामूहिक उदासीनता ने आदिवासियों के अधिकारों को कुचलने वालों के प्रतिरोध में कुछ साहसी लोगों को खड़ा करने का काम किया है, और उनमें सबसे उल्लेखनीय दो महिलाएं हैं- सोनी सोरी और बेला भाटिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License