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भारत
राजनीति
जेएनयू छात्रों ने यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ #SuspendJohri अभियान चलाया
अभियुक्त प्रोफेसर कथित रूप से कई समितियों में है क्योंकि वो आरएसएस समर्थित जेएनयू कुलपति के पसंदीदा उम्मीदवार हैं।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Mar 2018
Translated by मुकुंद झा
JNU

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर अतुल जौहरी के खिलाफ नौ महिला छात्रों ने पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई है, जिसमें उन्हें यौन उत्पीड़न, शक्ति के दुरुपयोग और यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।

जेएनयू छात्रों ने रविवार शाम को Hashtag #SuspendJohri के साथ ट्विटर अभियान शुरु किया और जौहरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की |

छात्र कहते हैं कि अतुल जौहरी आरएसएस समर्थित  हैं और जेएनयू प्रशासन के करीबी हैं । वह विश्वविद्यालय में कई कार्यालयों को देखता हैं , वह विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल, मानव संसाधन विकास सेल के निदेशक और एक छात्रावास के वार्डन हैं।

जेएनयू के शिक्षकों ने शिकायत दायर करने वाले छात्रों के समर्थन में एक बयान देते हुए कहा कि , जौहरी कई समितियों में हैं,क्योंकि वो  कुलपति के पसंदीदा उम्मीदवार हैं।

"हम मांग करते हैं कि प्रोफेसर जौहरी को सभी पदों से तुरंत हटा जाऐ, क्योंकि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गयें हैं,  उनसे विश्वविद्यालय की बहुत बदनामी हुईं है।  हम उम्मीद करते हैं कि विश्वविद्यालय प्रोफेसर जौहरी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा।" सीपी चंद्रशेखर, जयती घोष, आयशा किदवई, प्रतीक बक्सी, निवेदिता मेनन,प्रवीण झा और रजत दत्ता सहित 58 शिक्षकों ने इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं I

शिकायतकर्ता और School of Life Sciences (SLS)  के छात्रों ने मांग की है कि आईपीसी 354 और आईपीसी 509 के तहत आरोप लगाए गए हैं , जो की काफी गंम्भीर हैं , इसलिए अतुल जौहरी को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें निलंबित नहीं किया गया और अभी तक वो शैक्षिक और प्रशासनिक पदों पर काबिज़ हैं , तो वह शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने और उन्हें धमका के जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने एक बयान में कहा, "प्रशासन में उनकी प्रभाव को देखते हुए और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के उनके प्रयासों को देखते हुए ,अतुल जौहरी को तत्काल निलंबित और गिरफ्तार करना अतिमहत्वपूर्ण है।"

JNU
JNU VC
यौन उत्पीड़न
Suspend Johari
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