NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू मामले में आरोपपत्र पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने पुलिस से पूछा कि राज्य सरकार से मंजूरी लिए बिना जल्दबाजी में आरोपपत्र क्यों दाखिल किया।
आईएएनएस
11 Mar 2019
फाइल फोटो

दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि उसने जेएनयू देशद्रोह मामले में पूर्व छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी लिए बिना जल्दबाजी में आरोपपत्र क्यों दाखिल किया। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने पुलिस से यह सवाल तब पूछा, जब सरकारी वकील ने उन्हें बताया कि सक्षम प्राधिकारी से मुकदमा चलाने के लिए स्वीकृति प्राप्त करने में दो से तीन महीने लगेंगे।

शेरावत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 29 मार्च तय की और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी।

पिछली सुनवाई में, अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वह मामले में आगे बढ़ने के लिए पुलिस को अनुमति देने में देरी न करे। 

यह मामला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के खिलाफ फरवरी, 2016 में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। 

आरोपपत्र 14 जनवरी को दाखिल किया गया था। इसमें जेएनयू के पूर्व छात्र नेताओं- कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और सात कश्मीरी छात्रों को आरोपी बनाया गया है। 

कन्हैया और खालिद दोनों ने आरोपपत्र दाखिल किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 'यह आम चुनाव से पहले मोदी सरकार द्वारा 'राजनीति से प्रेरित' और लोगों का ध्यान बंटाने की चाल है।' 

JNU
JNU Sedition case
Kanhaiya Kumar
Umar khalid
delhi police
delhi court

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!


बाकी खबरें

  • SHAE
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    क्रिकेट: नहीं रहे स्पिन के जादूगर
    04 Mar 2022
    ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी और महान गेंदबाज़ शेन वॉर्न का निधन हो गया है। ख़बरों के मुकाबिक हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई है।
  • manipur
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव में, याद उन वीरों की जिन्होंने मणिपुर को बनाया सेकुलर
    04 Mar 2022
    वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मणिपुर के उन शहीदों से रुबरू कराया जिन्होंने मणिपुर को साम्राज्यवादी ताकतों से बचाने के लिए , मणिपुर को धर्मनिरपेक्ष बनाने के लिए संघर्ष किया और जान की बाज़ी लगाई।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी की लड़ाई का आख़िरी दांव, जो जीता वही सिकंदर
    04 Mar 2022
    अब यूपी की लड़ाई का आख़िरी चरण आ गया है। सात मार्च-सातवां चरण... इस सातवें और अंतिम चरण में कुल 9 ज़िलों की 54 सीटों के लिए मतदान होगा। इसमें बनारस भी है और आज़मगढ़ भी। एक मोदी का गढ़ तो दूसरा अखिलेश…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन-रूस संघर्ष : प्रचार की तमाम हदें पार! लौट रहे छात्रों से "मोदी ज़िंदाबाद" के नारे !
    04 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद है तेरे के आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बीजेपी सरकार के झूठे प्रचार तंत्र पर सवाल उठा रहे हैं और यूक्रेन-रूस संघर्ष के चलते यूक्रेन में भारतीय विद्यार्थी पिछले 8 दिनों से फसे हुए हैं…
  • medical
    एम.ओबैद
    बिहार : प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में फ़ीस कम करने और राइट टू हेल्थ की मांग होने लगी तेज़
    04 Mar 2022
    बिहार विधानसभा में प्राइवेट कॉलेजों द्वारा ली जाने वाली मोटी फ़ीस का मुद्दा उठाया गया है। राज्य सरकार भी राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई का शुल्क कम कराने पर विचार करे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License