NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
जम्मू-कश्मीर: नागरिक की हत्या के बाद कर्फ्यू लागू, सेना बुलाई गई 
घटना में मारे गए नईम के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे गोरक्षकों की हिंसा का शिकार होना पड़ा है। 
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
16 May 2019
फाइल फोटो

जम्मू कश्मीर की भद्रवाह घाटी में गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद भड़की हिंसा को देखते हुए गुरुवार को कर्फ्यू लगा दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गोलीबारी का कारण क्या था। इस घटना में मारे गए नईम के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे गोरक्षकों की हिंसा का शिकार होना पड़ा है। 

हालांकि घटना में शामिल दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने गोली तब चलाई जब उन्होंने पाया कि बुधवार रात दो लोग संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे है। घटना के तुरंत बाद नईम के परिजनों ने भद्रवाह थाने पर हमला करके पांच वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तीन वाहनों में आग लगा दी। 

पुलिस ने भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एम के सिन्हा ने बताया, ‘एक नईम नाम का शख्स चतेरगाला की तरफ से आ रहा था और जब वह नलटी इलाके में पहुंचा तो उसकी हत्या कर दी गई और दूसरा व्यक्ति छर्रे (गोलीबारी से) लगने से घायल हो गया।’

उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। कस्बे में कर्फ्यू लगा दिया है। पुलिस ने इस मामले की संबंध में सात लोगों को हिरासत में लिया है। इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। 

भद्रवाह को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका माना जाता है। पुलिस नागरिक की हत्या की जांच कर रही है और प्रशासन ने लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की अपील की है।

(समाचार एजेंसी भाषा व आईएएनएस के इनपुट के साथ)
     

Jammu and Kashmir
Cow Vigilantes
Bhaderwah
Curfew

Related Stories

हालिया गठित स्पेशल टास्क फ़ोर्स द्वारा संदिग्ध ‘राष्ट्र-विरोधी’ कर्मचारियों को एकांगी तौर पर निष्काषित करना क्यों समस्याग्रस्त है

धारा 370, अर्थव्यस्था या उन्नाव रेप केस, सवाल क्यों न करें 

23 साल जेल में बिताने के बाद निर्दोष साबित : क्या न्याय हुआ?

कठुआ बलात्कार मामला:  जम्मू-कश्मीर सरकार और दोषियों को अदालत ने जारी किया नोटिस  

कठुआ की मासूम को इंसाफ, तीन दोषियों को उम्र कैद, तीन पुलिसवालों को 5 साल की सज़ा


बाकी खबरें

  • AAKAR
    आकार पटेल
    क्यों मोदी का कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सबसे शर्मनाक दौर है
    09 Dec 2021
    जब कोरोना की दूसरी लहर में उच्च न्यायालयों ने बिल्कुल सही ढंग से सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस सक्रियता को दबाने की कोशिश की।
  • Sudha Bharadwaj
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    एल्गार परिषद मामला: तीन साल बाद जेल से रिहा हुईं अधिवक्ता-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज
    09 Dec 2021
    भारद्वाज को 1 दिसंबर को बंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत को उन पर लगाई जाने वाली पाबंदियां तय करने का निर्देश दिया था।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों की ऐतिहासिक जीत: सरकार ने सभी मांगें मानी, 11 दिसंबर से ख़ाली करेंगे मोर्चा!
    09 Dec 2021
    अंततः सरकार अपने हठ से पीछे हटकर किसानों की सभी माँगे मानने को मजबूर हो गई है। सरकार ने किसानों की लगभग सभी माँगें मान ली हैं। इस बाबत कृषि मंत्रालय की तरफ़ से एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। किसानों…
  • Sikhs
    जसविंदर सिद्धू
    सिख नेतृत्व को मुसलमानों के ख़िलाफ़ अत्याचार का विरोध करना चाहिए: विशेषज्ञ
    09 Dec 2021
    पंजाब का नागरिक समाज और विभिन्न संगठन मुसलमानों के उत्पीड़न के खिलाफ बेहद मुखर हैं, लेकिन सिख राजनीतिक और धार्मिक नेता चाहें तो और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
  • Solidarity march
    पीपल्स डिस्पैच
    एकजुट प्रदर्शन ने पाकिस्तान में छात्रों की बढ़ती ताक़त का अहसास दिलाया है
    09 Dec 2021
    एकजुटता प्रदर्शन के लिए वार्षिक स्तर पर निकले जाने वाले जुलूस का आयोजन इस बार 26 नवंबर को किया गया। इसमें छात्र संगठनों पर विश्विद्यालयों में लगे प्रतिबंधों के ख़ात्मे, फ़ीस बढ़ोत्तरी को वापस लेने और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License