NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू कश्मीर: विपक्षी दलों को प्रेस से बात करने की मनाही
डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष को संवाददाता सम्मेलन से पहले हिरासत में लिया गया, इससे पहले पुलिस ने 16 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता और पूर्व विधान पार्षद रविन्द्र शर्मा को भी संवाददाता सम्मेलन से पहले पार्टी मुख्यालय से हिरासत में ले लिया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Aug 2019
dogra sadar sabha
Image courtesy:jagran.com

डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री गुलचैन सिंह चरक को उनके संवाददाता सम्मेलन से पहले ही मंगलवार को हिरासत में ले लिया गया।

चरक के बेटे गंभीर देव सिंह ने बताया कि वह डोगरा हॉल स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे और पुलिस ने बिना कोई कारण बताए उन्हें हिरासत में ले लिया।

पार्टी की युवा शाखा के प्रभारी गंभीर ने बताया कि राज्य के पुनर्गठन के संबंध में जम्मू क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा के लिए कुछ सुझाव देने की खातिर डोगरा सदर सभा द्वारा संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ इस कदम को उचित नहीं कहा जा सकता... हमारी पार्टी ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेषाधिकार खत्म करने के फैसले का पूरी तरह स्वागत किया है... यह कदम लोकतंत्र की हत्या के समान है।’’

पुलिस ने 16 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता और पूर्व विधान पार्षद रविन्द्र शर्मा को भी संवाददाता सम्मेलन से पहले पार्टी मुख्यालय से हिरासत में ले लिया था।

इससे पहले 24 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वाम नेता सीताराम येचुरी, डी राजा समेत कश्मीर दौरे पर गए विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं को आज, शनिवार को एक बार फिर कश्मीर का दौरा करने से रोक दिया गया। सभी नेताओं को श्रीनगर हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने मीडियाकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की।

आपको मालूम है कि हाल ही में सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों को बांटने का कदम उठाया है।

इसके बाद से जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं। राज्य के कई इलाकों में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं।

इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया या नजरबंद किया गया। बावजूद इसके सरकार सरकार लगातार दावा करती रही है कि हालात बिल्कुल सामान्य हैं।

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के बाद से ही राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर, डोगरा स्वाभिमान संगठन के संस्थापक चौधरी लाल सिंह और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा सहित कई शीर्ष नेता जम्मू में नजरबंद हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
opposition parties
Congress
BJP
Narendra modi
Indian media
Dogra Sadar Sabha
Former Minister Gulchain Singh Charak
Article 370
Sitaram yechury

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप
    11 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ ने एक बयान में कहा, “घृणा और विभाजनकारी एजेंडे की अपनी राजनीति का पूर्ण प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी के गुंडों ने कावेरी छात्रावास में हिंसक माहौल बनाया है। वे मेस कमेटी को रात के खाने…
  • लाल बहादुर सिंह
    JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई
    11 Apr 2022
    जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र खाने के लिए नहीं, सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप नागरिकों की जीने की आज़ादी और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
  • अभिवाद
    सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव
    11 Apr 2022
    23वीं पार्टी कांग्रेस ने केरल से केंद्रीय समिति सदस्य एम सी जोसेफिन की मृत्यु पर भी गहरा शोक व्यक्त किया है, जिनकी कांग्रेस में भाग लेने के दौरान हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई।
  • एम. के. भद्रकुमार
    यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता
    11 Apr 2022
    माना जाता है कि हूती आज से सात साल पहले के मुक़ाबले तेहरान के कहीं ज़्यादा क़रीब है। ऐसे में इस बात की ज़रूरत है कि अमेरिका ईरान से बातचीत करे।
  • भाषा
    हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी
    11 Apr 2022
    सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए येचुरी ने सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने और माकपा की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने केंद्र में भाजपा व उसकी सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License