NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
जम्मूः पाक की नापाक हरकत, गोलीबारी में बच्चे सहित 5 लोगों की मौत, 2 घायल
पीड़ितों ने पूछा, क्या प्रधानमंत्री का 56 इंच का सीना हमारे नुकसान की भरपाई कर सकता है।

सागरिका किस्सू
19 Mar 2018
जम्मू कश्मीर

पाकिस्तानी सेना ने रविवार को एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए सुबह लाइन ऑफ कंट्रोल से लगे रिहाइशी इलाके को निशाना बनाया और गोलीबारी की। जम्मू के पुंछ ज़िले के मेंदर इलाके में हुई इस गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत हो गई।

 

पड़ोसी देश की सेना की तरफ से हुई गोलीबारी में तीन बच्चे सहित एक परिवार के पांच सदस्य मारे गए।

 

सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेन्द्र आनंद ने बताया कि गोलीबारी सुबह क़रीब 7.45 बजे शुरू हुई और 11:30 बजे तक जारी रही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने "विशेष रूप से रिहाइशी इलाके को निशाना बनाया है।"

 

बालाकोटे सेक्टर के देवता धर गांव में गोले दागे जाने के चलते एक ही परिवार के पांच सदस्यों की कथित तौर पर मौत हो गई और दो नाबालिग़ घायल हो गए।

 

परिवार के सदस्यों की पहचान चौधरी मोहम्मद रमज़ान, इनकी पत्नी मलका बी (38), बेटे फैज़ान (13), रिज़वान (9) के रूप में की गई है। दो नाबालिग – नौरिन (12) और मेहरीन (6)गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें इलाज के लिए रजौरी से जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

 

 

पाक की नापाक हरकत

जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक एसडी सिंह जमवाल ने कहा कि "देओता गांव में हुए हमले में पांच लोग मारे गए हैं जबकि दो घायल हो गए। हम स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। हमारी टीम मौके पर मौजूद हैं। घायल लोगों के बेहतर इलाज के लिए हेलीकाप्टर भेज दिया गया है।"

अपने बयान में डिफेंस स्पोक्सपर्सन ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों का इस्तेमाल करते हुए लाइन ऑफ कंट्रोल पर अकारण और अंधाधुंध गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 81 एमएम और 120 एमएम के मोर्टारों का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल से सटे गांवों के निर्दोष लोगों, उनके घरों और मवेशियों को कायरतापूर्ण तरीक़े से लगातार निशाना बना रहा है। जानबूझकर के किए गए इस हमले के परिणामस्वरूप पांच निर्दोष नागरिकों ने अपनी ज़िंदगी गंवा दी है।" उन्होंने आगे कहा कि "भारतीय सेना ने दृढ़ता से पाकिस्तानी सेना के इस घिनौने करतूत का दृढ़ता से बदला लिया है।"

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब भारत और पाकिस्तान के बीच अघोषित लड़ाई के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है।

फरवरी में प्रवीण अख्तर नाम की एक महिला को पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा गोलीबारी में एलओसी से लगे जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा के कुखेमा और लैयरान गांवों में गोली मारी गई जिससे उसकी मौत हो गई थी।

हाल में न्यूज़़क्लिक की टीम ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के रहन-सहन का जायज़ा लेने के लिए इन इलाकों का दौरा किया था। साक्षी जो कि जम्मू के सुचेतगढ़ गांव की रहने वाली है। वह पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से हुई गोलाबारी में यह घायल हो गई। इसने संवाददाता को बताया कि "हम भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध नहीं चाहते हैं। शांति से बात करनी चाहिए और कोई समाधान निकालना चाहिए। गोलाबारी की वजह से मेरी बेटी की आंख चली गई। हम हमेशा डर के साए में जीते हैं। सरकार हमारे लिए कुछ नहीं कर रही है।"ज्ञात हो कि 25 अक्टूबर 2016 को साक्षी के घर पर एक मोर्टार का गोला गिरा जिसमें चार महिलाएं घायल हो गई थीं।

गोलाबारी के लिए कोई निश्चित समय नहीं है और जब गोलीबारी तय होती है तो ग्रामीणों को गांव को खाली करने के लिए कहा जाता है ताकि कोई नुकसान न हो। साक्षी ने कहा कि"कोई बंकर नहीं बनाया जाता है। गोलीबारी के समय हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के पास रहने के लिए चले जाते हैं। कभी-कभी फायरिंग दो महीने तक चलती है। हम किसी के घर पर इस लंबे समय तक नहीं रह सकते।" साक्षी ने आगे कहा कि कोई मुआवजा नहीं मिला है। "जब मेरे साथ ये हादसा हुआ और बेटी की आंख इस गोलीबारी में चली गई तो उस वक्त तक कोई विधायक मेरा हाल पूछने तक नहीं आय़ा जब तक कि मीडिया के माध्यम से ये जानकारी लोगों तक नहीं पहुंची। इसके बाद उन पर दबाव बना।"

इसी गांव के रहने वाले एक अन्य व्यक्ति जो गोलाबारी के कारण घायल हो गए थे उन्होंने कहा कि "शारीरिक नुकसान के अलावा गोलीबारी ने हमारे परिवारों का वित्तीय नुकसान किया है। पिछले महीने मेरे दो भैंस उस वक्त मर गए जब मोर्टार के गोले हमारे घर पर दागे गए। सरकार ने एक भैंस के नुकसान की भरपाई की लेकिन दूसरे भैंस का कोई मुआवजा नहीं मिला। पहले हम अपने मवेशियों से 40 किलो दूध रोज़ाना बेचते थे लेकिन यह अब घटकर मात्र 10 किलो हो गया है। यह मेरा वित्तीय नुकसान है। हम अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करें?"

गृह मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे के बाद 415.73 करोड़ रुपये की लागत से 14,460 बंकरों के निर्माण की मंज़ूरी 14 मार्च 2018 को दे दी गई। वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के क़रीब चार साल बाद इस पर ध्यान दिया गया।

जम्मू कश्मीर
भारत और पाकिस्तान
आर्मी
LOC
हिंसा
सीमा पार से गोलीवारी

Related Stories

उरी का इनदिनों क्या हाल है? आप जानते हैं? नहीं...! ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट

Surgical Strike पर no politics

इंडियन एयरफोर्स एयर स्ट्राइक : क्या पाकिस्तान कोई जवाबी कार्रवाई करेगा?

जेएनयू में हिंसा के बाद से आपातकाल जैसा माहौल

केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों के चलते जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को बदलना चाहती है?

कश्मीरी के प्रमुख समाचार संपादक शुजात बुखारी निर्मम हत्या ने , पत्रकारों को हिलाकर रख दिया है

मेजर गोगोई मामला : PUDR ने कहा ताक़त का गलत इस्तेमाल किया गया है

भारत-पाक युद्धविराम : जिसकी हकीकत सब पहले से ही जानते हैं

जम्मू-कश्मीर के पहले से ही डूबते पर्यटन उद्योग को पर्यटक की हत्या से लगा बड़ा झटका ?

कम्युनल-फ़ासिस्ट ताकतों ने देश पर कब्ज़ा कर लिया है : उर्मिलेश


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License