NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे इस्तीफ़ा देंगे
संसद के उच्च सदन के लिए पार्टी के महासचिव हीरोशिगे सेको ने इस बात की पुष्टि की है कि आबे ने पार्टी कार्यकारी पदाधिकारियों से कहा है कि वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे रहे हैं।
एपी
28 Aug 2020
शिंजो आबे

टोक्यो : जापान में अब तक के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले शिंजो आबे ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से इस्तीफा देने का मन बनाया है। उनकी तबीयत खराब होती जा रही है।

आबे से पहले जापान की ऐसी छवि बनी हुई थी कि यहां के प्रधानमंत्री का कार्यकाल बेहद कम होता है। आबे के पद छोड़ने से स्थिरता के इस काल की समाप्ति होगी। जापान ने आबे के शासनकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मजबूत संबंध देखे, लेकिन आबे के अति राष्ट्रवाद की नीति ने कोरिया और चीन को नाराज करने का काम किया।

आबे ने जापान को मंदी से बाहर निकाला, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था के सामने कोरोना वायरस महामारी के बीच नया संकट पैदा हुआ है। हालांकि आबे अमेरिका द्वारा तैयार किए गए युद्ध विरोध संविधान को औपचारिक तौर पर दोबारा लिखे जाने के लक्ष्य को अपने कार्यकाल में पूरा नहीं कर सके क्योंकि जनता ने उनकी इस अभिलाषा को एक तरह से नकार दिया।

आबे को पूर्व प्रधानमंत्री और अपने दादा नोबूसुके किशी के राजनीतिक विचारों के पदचिह्नों पर चलने के लिए तैयार किया गया था। किशी का ध्यान जापान को एक ऐसा ‘सामान्य’ और ‘सुंदर’ देश बनाना था जिसके पास बड़ी सैन्य शक्ति हो और जो अंतरराष्ट्रीय मामलों में अहम भूमिका निभाता है।

संसद के उच्च सदन के लिए पार्टी के महासचिव हीरोशिगे सेको ने इस बात की पुष्टि की है कि आबे ने पार्टी कार्यकारी पदाधिकारियों से कहा है कि वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं।

सेको ने कहा कि आबे का कहना है कि वह परेशानी पैदा नहीं करने के लिहाज से इस्तीफा दे रहे हैं। आबे शुक्रवार शाम में संवाददाता सम्मेलन कर सकते हैं।

ग्रीष्मकाल से ही आबे के स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को लेकर चर्चा हो रही है। और इस महीने यह चर्चा तब और तेज हो गई जब वह लगातार दो सप्ताह स्वास्थ्य जांच के लिए गए। हालांकि इस स्वास्थ्य जांच के सबंध में कोई खास जानकारी नहीं मिली है। आबे का कार्यकाल सितंबर, 2021 में खत्म होगा और ऐसी उम्मीद है कि जब तक पार्टी इस पद के लिए एक नया नेता नहीं चुन लेती है और संसद से औपचारिक मंजूरी नहीं मिल जाती है तब तक आबे पद पर बने रहेंगे।

आबे 2006 में 52 साल की उम्र में जापान के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने थे लेकिन एक साल बाद ही स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से वह पद से हट गए। इसके बाद दिसंबर, 2012 में आबे सत्ता में लौटे। आबे ने जापान के इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहने का इतिहास सोमवार को बना लिया। इससे पहले 2,798 दिनों तक पद पर रहने का रिकॉर्ड इसाकु सातो के नाम था।

japan
shinjo aabe
japan pm resigns

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

जापान-अमेरिका की 'द्वीप श्रृंखला' से बढ़ेगी चीन और रूस की नाराज़गी

सुरक्षित ओलंपिक के लिये वायरस आपातकाल बढ़ायेगा जापान

क्यों दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक साझेदारी यानी आरसीईपी में भारत शामिल नहीं हुआ?

भारत को चीन-विरोधी गठजोड़ में नहीं शामिल होना चाहिए

जापान की सत्तारूढ़ पार्टी ने आबे के उत्तराधिकारी के रूप में सुगा को प्रधानमंत्री चुना

महामारी के न्यूमोनिया में राष्ट्रवादी बुख़ार!

COVID-19 के मामले में वृद्धि के चलते जापान में राष्ट्रीय आपात की घोषणा संभव

विवादित टापू के निकट हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, सात दक्षिण कोरियाई लापता


बाकी खबरें

  • Kusmunda coal mine
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी
    01 Nov 2021
    कुसमुंडा में कोयला खनन के लिए 1978 से 2004 तक कई गांवों के हजारों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन अधिग्रहण के 40 वर्ष बाद भी भू-विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और एसईसीएल दफ्तरों…
  • Puducherry
    हर्षवर्धन
    विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका
    01 Nov 2021
    आज एक नवंबर के दिन ही 1954 में पांडिचेरी फ्रांस से आज़ाद हुआ था। पांडिचेरी फ्रांस की गुलामी से आज़ाद कैसे हुआ और उसका भारत में विलय कैसे हुआ यह कहानी आम भारतीय जनमानस से कोसो-कोस दूर है। आइए जानते…
  • education
    प्रभात पटनायक
    विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है
    01 Nov 2021
    वैश्वीकृत पूंजी के लिए, अपने कर्मचारी भर्ती करने के लिए, ऐसे शिक्षित मध्यवर्ग की उपस्थिति आदर्श होगी, जो हर जगह जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, एक जैसा हो। शिक्षा का ऐसा एकरूपीकरण हिंदुत्व के जोर से…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है
    01 Nov 2021
    3 करोड़ की आबादी वाले यमन ने इस युद्ध में 2,50,000 से अधिक लोगों को खो दिया है, इनमें से आधे लोग युद्ध की हिंसा में मारे गए और बाक़ी आधे लोग भुखमरी और हैज़ा जैसी बीमारियों की वजह से।
  • Amit Shah
    सुबोध वर्मा
    लखनऊ में अमित शाह:  फिर किया पुराने जुमलों का रुख
    01 Nov 2021
    एक अहम स्वीकारोक्ति में शाह ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को 2024 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ जोड़ दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License