हिंदू उग्रवादियों द्वारा फैलाई जा रही नफ़रत के शिकार लोगों ने न्याय के लिए आवाज उठाई।
साइरा, शाइस्ता के साथ जुएनाद की मां, अख़लाख़ खान की बेटी नफरत और पागलपन के कारण अपने प्रियजन को खोने के दर्द और विश्वासघात के बारे में बात करने आयी नई दिल्ली में एआईडीवा सम्मेलन में शामिल हुई। शाइस्ता अपना दर्द बयां करती हुई कहती है की तीन साल पहले उत्तर प्रदेश के दादरी में उनके पिता को धार्मिक कट्टरता का सामना करना पड़ा जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गयी।
हिंदू चरमपंथियों द्वारा फैलाये गए नफरत अपराधों के पीड़ितों और बचे लोगों ने न्याय के लिए इच्छा व्यक्त की, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को इस लिए खो दिया क्योंकि वो अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुख रखते है और उनकी पहचान 'बीफ खाने वालों' के रूप में बना दी गयी , जिस कारण वो कट्टर हिन्दुओं के नफ़रत का शिकार होते हैं।
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