NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
नज़रिया
समाज
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
झारखंड : लिंचिंग को ललकार
चंद दिनों पहले ही उन्होंने पूरे देश के लोगों से  सबका विश्वास  बनाने की घोषणा की थी लेकिन तबरेज़ अंसारी लिंचिंग कांड के वायरल हुए वीडियो ने उसकी भी असलियत सामने ला दी। जिसमें एक धर्म विशेष के नारे लगवाते हुए बर्बर पिटाई का दृश्य सबने देखा। हालांकि प्रदेश के धाकड़ मंत्री जी ने बयान देकर इस वीडियो को झूठा और कट पेस्ट आधारित बताया है।
अनिल अंशुमन
27 Jun 2019
Mob Lynching

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार झारखंड प्रदेश के वर्तमान भाजपा शासन में अब-तक 18 मॉबलिंचिंग कांड हो चुके हैं। किसी भी कांड के दोषियों को कोई सज़ा नहीं दिये जाने और आए दिन ऐसे कांडों के होते रहने के कारण  मॉबलिंचिंग प्रदेश के रूप में झारखंड की छवि बन चुकी है। तब भी प्रधानमंत्री जी का संसद में ये कहना कि – झारखंड को क्यों बदनाम किया जा रहा है,उन्हीं को हल्का बना रहा है।

चंद दिनों पहले ही उन्होंने पूरे देश के लोगों से  सबका विश्वास  बनाने की घोषणा की थी लेकिन तबरेज़ अंसारी लिंचिंग कांड के वायरल हुए वीडियो ने उसकी भी असलियत सामने ला दी। जिसमें एक धर्म विशेष के नारे लगवाते हुए बर्बर पिटाई का दृश्य सबने देखा। हालांकि प्रदेश के धाकड़ मंत्री जी ने बयान देकर इस वीडियो को झूठा और कट पेस्ट आधारित बताया है।

लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा दो थाना प्रभारियों को निलंबित करने व कांड में आरोपित 11 अभियुक्तों की गिरफ्तारी के आदेश तथा 25 जून को राज्य के डीजीपी द्वारा स्थानीय पुलिस की विफलता की घोषणा के बाद से उनकी आक्रामकता गायब हो गयी है। 

दूसरी ओर, निरंतर हो रहे ऐसे सुनियोजित जघन्य कांडों को रोकने और दोषियों को कड़ी सज़ा देने की बजाय सिर्फ हर कांड पर भावुक दुख जताने के बोलबचन रवैये से व्यापक इंसाफ पसंद ताकतों का धैर्य टूट रहा है। हर तरफ से इस पर अविलंब रोक लगाने और धार्मिक उन्माद व नफरत कि सियासत पर लगाम लगाने के अविलंब कारगर कदम उठाने की मांगें उठने लगीं हैं। 

लिंचिंग प्रोटेस्ट 1.jpg

इसी के तहत 26 जून को झारखंड प्रदेश की राज्यपाल के समक्ष अवामी इंसाफ मंच झारखंड, ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम, भाकपा माले तथा मुस्लिम पसमंदा महाज झारखंड इत्यादि कई सामाजिक संगठनों की पहल पर  नागरिक प्रतिवाद  के तहत विशाल महाधरना दिया गया। जिसमें सामाजिक-आदिवासी जन संगठनों के अलावे कई वाम व विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं – कार्यकर्त्ताओं , वरिष्ठ मानवाधिकार व सामाजिक कार्यकर्त्ता व नागरिक समाज के लोगों ने सक्रिय तौर पर भाग लिया। महाधरना को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकान्त सहाय, भाकपा माले प्रदेश सचिव का. जनार्दन प्रसाद , पूर्व राज्य सभा सदस्य अली अनवर , वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास, एआईपीएफ के बशीर अहमद , इंसाफ मंच के नदीम खान, केरल से आए नेयाज़ अहमद फरुखी के आलवे झामुमो, झविमो, कॉंग्रेस , आम आदमी पार्टी तथा कई मुस्लिम सामाजिक संगठनों के वारिस्थ नेताओं ने संबोधित किया। 

लिंचिंग प्रोटेस्ट 5.jpg

महाधरना में विशेष रूप से शामिल होने आए चर्चित युवा शयार इमरान प्रतापगढ़ी की मौजूदगी ने आयोजन को और भी सरगर्म बना गया। महाधरना के माध्यम से राज्यपाल को दिये गए 8 सूत्री विशेष मांग - पत्र से ये मांग की गयी कि – तबरेज़ अंसारी समेत अन्य 18 मोबलिंचिंग कांड के दोषियों को अविलंब कड़ी सज़ा दी जाय, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य सरकार ऐसे कांडों को रोकने व दोषियों को त्वरित सज़ा देने हेतु विशेष कानून और प्रभावी कार्यनीति लागू करे, पुलिस द्वारा कमजोर केस - रिपोर्ट देने के कारण लिंचिंग कांडों के मुजरिमों के अदालत से छूट जाने के मामले में पुलिस – प्रशासन की भूमिका कि पूरी जांच व संदिग्ध पुलिस वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाये, लिंचिंग कांड होनेवाले इलाके के ज़िला डीसी व एसपी को प्राथमिक तौर पर जवाबदेह बनाया जाये, दोषियों को सामाजिक – न्यायायिक व राजनीतिक संरक्षण देनेवालों कि पहचान कर उनपर सीधी कानूनी कारवाई की जाए, धर्म व समाज विशेष के लोगों को भयमुक्त वातवरण देने में विफल सरकार – प्रशासन को भी कानूनी दायरे में लाया जाय तथा लिंचिंग कांडों के पीड़ित परिवारों के भरण – पोषण, शिक्षा और जीवन यापन हेतू समुचित रोजगार की व्यवस्था सरकार करे। साथ ही राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यकों और डाली – आदिवासियों को टारगेट कर होनेवाले हमलों व भयाक्रांत करने पर फौरन रोक लगे।  

तबरेज़ लिंचिंग कांड के खिलाफ देश की राजधानी से लेकर झारखंड के जमशेदपुर इत्यादी कई शहरों में नागरिक समाज के लोग अपने गुस्से का इज़हार कर रहें हैं। इन काण्डों से राज्य की बदनाम हो रही छवि से भी लोग काफी क्षुब्ध हो रहें हैं। बावजूद इसके सत्ताधारी दल व उसके नेताओं – कारिंदों को इससे कोई फर्क नहीं दीख रहा। क्योंकि तबरेज़ के गाँव में एक दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती कर प्रदेश की सरकार ‘कानून का राज' तो दिखा रही है लेकिन वहाँ तैनात स्थानीय भाजपा संसद – मंत्री जी के कतिपय कार्यकर्त्ताओं को वहाँ जा रहे सामाजिक – राजनीतिक जांच टीम के लोगों को धमकाने की भी खुली छुट दे रखी है। 25 जून को मृतक तबरेज़ अंसारी के घर पहुंची सामाजिक कार्यकर्त्ताओं की जांच टीम को पुलिस के सामने धमकाकर कहा गया कि – हमलोग मुंडा जी के आदमी हैं। आप लोगों को और कोई काम नहीं है जो जांच टीम लेकर आए हैं! जाइए आपना अपना काम कीजिये। वहाँ गयी एक राजनीतिक दल की जांच टीम के लोगों पर तो स्थानीय ग्रामीण महिलाओं के नाम से उन्हें डराने – धमकाने का झूठा केस भी दर्ज करा दिया गया है। 

संसद में माननीय प्रधानमंत्री जी ने भावुकता भरा दुख तो जाता दिया लेकिन उन्हीं के मंत्रिमंडल के आदिवासी मामलों के वरिष्ठ मंत्री जो वहाँ के सांसद भी हैं, वहाँ के जनप्रतिनिधि होने के नाते पीड़ित परिवार से अभी तक मिलने की  मानवीय रस्म भी नहीं निभाई है। बहरहाल, झारखंड में कुछ महीनों बाद ही विधान सभा चुनाव होना है और 26 जून को राज्यपाल महोदया के समक्ष हुए नागरिक प्रतिवाद ने इतना तो संकेत दे ही दिया है प्रदेश का अमनपसंद नागरिक समाज अब तमाशाई नहीं बना रहेगा। लिंचिंग कांडों के खूनी मंज़र के खिलाफ मानवता की आवाज़ें उठने लगीं हैं – निकलोगे तो हर मोड़ पर मिल जाएंगी लाशें, ढूंढोगे इस मुल्क में क़ातिल ना मिलेगा और शायर इमरान प्रतापगढ़ी के शब्दों में -- हाक़ीम! आपका जो ये सूबा है, मज़लूमों के आँसू और तबरेज़ों के खूं में डूबा है!

mob lynching
Jharkhand government
BJP-RSS
modi sarkar
TABREZ ANSARI
Justice For Tabrez
#JusticeForTabrez

Related Stories

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

ख़बरों के आगे पीछे: हिंदुत्व की प्रयोगशाला से लेकर देशभक्ति सिलेबस तक

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

लखीमपुर खीरी कांड: गृह राज्य मंत्री टेनी दिल्ली तलब

सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?

शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • Mannu Bhandari
    भाषा
    प्रख्यात लेखिका मन्नू भंडारी का निधन
    15 Nov 2021
    ‘महाभोज’ और ‘आपका बंटी’ जैसे प्रसिद्ध उपन्यासों की रचनाकार मन्नू भंडारी पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं।
  • air pollution
    भाषा
    वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को आपात बैठक करने का निर्देश
    15 Nov 2021
    प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अगुवाई वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब और दिल्ली के संबंधित सचिवों को अदालत की तरफ से बनाई गई समिति के समक्ष अपने प्रतिवेदन देने के लिए बैठक में भाग लेने का…
  • ALTAF
    शिवम चतुर्वेदी
    कासगंज: क्या अल्ताफ़ पर लड़की भगाने का आरोप झूठा था? 
    15 Nov 2021
    लड़की के पिता पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी को कहीं भेजकर, अल्ताफ़ के ऊपर लड़की भगाने का आरोप मढ़ दिया।
  • Annapurna
    विजय विनीत
    स्पेशल रिपोर्टः बनारस में अन्नपूर्णा की खंडित मूर्ति की ब्रांडिंग, काशी विश्वनाथ के भक्त आहत
    15 Nov 2021
    बनारस में अन्नपूर्णा की खंडित मूर्ति स्थापित करने के मंसूबों को देखें तो साफ पता चलता है कि इसे स्थापित करने और कराने वाले लोग हिन्दू समाज के लोगों के सैंटिमेंट को भुनाने का मकसद रखते हैं।
  • salman khurshid book
    अनिल जैन
    हिंदुत्व की तुलना बोको हरम और ISIS से न करें तो फिर किससे करें?
    15 Nov 2021
    सलमान खुर्शीद की किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने विवाद खड़ा कर दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License