NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
राजनीति
झारखंड विधान सभा चुनाव 2019 : भूख से मरनेवालों की बढ़ती कतार !
भूख से मौत झारखण्ड में एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है लेकिन ऐसे सभी ज्वलंत मुद्दों को चुनाव से पूरी तरह दरकिनार कर मतदाताओं को कुछ और दीखाकर जनादेश लिया गया।
अनिल अंशुमन
10 Jun 2019
Starvation

6 जून को झारखंड प्रदेश में भूख से मरनेवालों में एक और नाम जुड़ गया । लातेहार ज़िला स्थित महुआडाँड प्रखण्ड के लुरगुमी गाँव के 65 वर्षीय गरीब आदिवासी बुजुर्ग रामचरण मुंडा की भूख से मौत हो गयी। ग्रामीणों के अनुसार इस उम्र में भी उनकी दीहाड़ी मजदूरी और सरकारी अनाज के सहारे ही पूरे परिवार का भरण पोषण होता था। पिछले तीन महीने से बायोमेट्रिक आधारित इलेक्ट्रोनिक मशीन के खराब होने के चलते सरकारी राशन नहीं मिल रहा था और दो तीन दिनों से तो घर में चूल्हा भी नहीं जला था।

Starvation.JPG

भूख से मौत इस प्रदेश में एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है लेकिन ऐसे सभी ज्वलंत मुद्दों को चुनाव से पूरी तरह दरकिनार कर मतदाताओं को  कुछ और दीखाकर  जनादेश लिया गया। अपनी पार्टी की  चमत्कारिक जीत  से इतराये प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने राज्य में होनेवाले विधान सभा चुनाव के लिए ऐलान कर दिया है – अबकी बार 60 के पार ! 

अपनी सरकार को अबतक की सबसे अधिक विकासवादी और स्थिर सरकार होने का दावा करनेवाली पार्टी के शासनकाल में भूख से अबतक 20 मौतें हो चुकी हैं । प्राय: हर मौत के बाद मृतक के परिजनों को भरपूर अनाज व अन्य सरकारी सुविधाएं देने की ढकोसला करनेवाली इस सरकार ने ‘ भूख से हुई मौत ‘ को कभी नहीं माना और सभी मौतों का कारण  बीमारी और अत्यधिक नशा से हुई मौत  प्रचारित किया। इसीलिए रामचरण मुंडा की मौत की जांच करने पहुंची आला अधिकारियों की टीम ने भी आनन फानन में मौत का कारण  अत्यधिक नशा करना  घोषित कर दिया। 

बहरहाल, प्रदेश में इसी नवंबर–दिसंबर माह में विधान सभा के चुनाव होने हैं । राजनीति के जानकारों के अनुसार विधान सभा चुनावों में स्थानीय मुद्दे अहम होते हैं। ऐसे में भूख हो रही मौत , आदिवासियों के वनधिकार , विस्थापन – पलायन , अकाल – सुखाड़ , भूमि अधिग्रहण बिल , बेरोजगारी , स्थानीयता  व नियोजन नीति और ज़मीन – खनिज लूट जैसे व्यापक जनजीवन को प्रभावित करनेवाले सारे गंभीर सवाल जिन्हें लोकसभा चुनावों में कुत्सित चालों से गायब कर दिया गया।  

अब यह देखने वाली बात होगी कि  विधान सभा चुनाव में क्या कहकर दरकिनार किया जाएगा। अबकी बार 60 के पार, का दावा करनेवाले प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर उनकी पार्टी के किसी नेता – कार्यकर्त्ताओं ने राज्य में भूख से होनेवाली मौतों पर आज तक कोई औपचारिक संवेदना तक नहीं दिखायी है।  बल्कि फिर से इन सारे मुद्दों को चुनावी चर्चाओं से परे रखकर वर्तमान सरकार द्वारा किए गए तथाकथित विकास और महज सीटों के इर्द गिर्द ही सारी चर्चाएं की जा रहीं हैं। विपक्ष – महागठबंधन की खिल्ली उड़ते हुए दुबारा सरकार बनाने के लिए तर्क दिया जा रहा है कि 2014 के संसदीय चुनाव में 12 सीटों की सफलता से 57 विधान सीटों पर मिली बढ़त इस बार बढ़कर 63 हो गयी है।

कार्यकर्त्ताओं को  आभार यात्रा  निकालकर घर-घर जाकर सभी मतदाताओं के पास जाने का विशेष निर्देश दिया गया है। 21 जून को  योग दिवस  के अवसर पर प्रधान-मंत्री जी के विशेष आगमन को विधान सभा चुनावी तैयारी के आगाज के तौर पर देखा जा रहा है। 

8 जून को मुख्य विपक्षी दल झामुमो प्रवक्ता ने महुआडाँड में रामचरण मुंडा की भूख से हुई मौत के सवाल पर सरकार को घेरने की कोशिश की । लेकिन प्रदेश की जनता के ज्वलंत सवालों पर ज़मीनी जन दबाव खड़ा करने और उसे प्रभावी राजनीतिक एजेंडा का वाले विपक्ष की भूमिका आज भी नदारद है। वैसे , लोकसभा चुनाव मे मिली भारी पराजय के सदमे से अभी तक महागठबंधनी जमात के अधिकांश दलों ने नेता -  कार्यकर्त्ता अभी भी नहीं उबर सके हैं । हार के वास्तविक कारणों की तलाश और आत्ममंथन करने की बजाय एक दूसरे पर ही आरोप - प्रत्यारोप की चर्चा सरगर्म है । एक ओर , महागठबंधनी जमात के मुख्य दल कॉंग्रेस के अंदर प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ ही काफी घमासान मचा हुआ है । तो दूसरी ओर , दूसरे मुख्य दल झामुमो प्रवक्ता ने तो मीडिया के माधायम से हार का सारा ठीकरा अपने सहयोगी दलों पर ही फोड़ते हुए कह दिया है कि महागठबंधन तो बना लेकिन सहयोगी दलों ने ही एक दूसरे को वोट नहीं दिया।

इसलिए इस बार महागठबंधन का नेतृत्व उनका ही दल करेगा और हेमंत सोरेन ही मुख्य चेहरा होंगे । कांग्रेस प्रवक्ता ने भी अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में झामुमो को संयम रखने कि नसीहत देते हुए कह दिया है उन्हें लड़ना है तो अकेले सभी सीटों पर लड़ लें । महागठबंधन के अन्य प्रमुख सहयोगी दल झारखंड विकास मोर्चा सुप्रीमो को विधान सभा में अपने विधायक दल के प्रमुख को ही अपनी पार्टी की  महिला कार्यकर्त्ता के यौन शोषण के आरोप में पार्टी से निकालना पड़ा है। इस दल के 6 विधायक पहले ही भाजपा सरकार में जा घुसे हैं । अन्य घटक दल राजद के अंदर भी प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ घमासान मचा हुआ है।  

अन्य कई प्रदेशों की भांति झारखंड में भी लोकसभा चुनाव परिणामों में उलट – फेर हुए जिससे महागठबंधन को मात्र दो सीटों की जीत पर ही संतोष करना पड़ा। लेकिन धनबाद , लोहरदगा के आलवे विशेषकर खूंटी सीट पर  इवीएम चमत्कार को लेकर लोगों में आज भी काफी संदेह और रोष कायम है। बावजूद इसके वर्तमान वस्तुस्थिति में इतना तो तय है कि प्रदेश की सत्ता में दुबारा आने के लिए इस बार 60 के पार का दावा करनेवाली पार्टी के लिए प्रदेश की जनता के जलते सवालों को किसी भी तिकड़म – चालों से दरकिनार कर चमत्कारिक जीत  हासिल कर लेना कत्तई संभव नहीं हो सकेगा।

Jharkhand government
Jharkhand
Jharkhand starvation death
Starvation Deaths
jharkhand starvation
India
Modi Govt

Related Stories

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

झारखंड:  रेलवे ठेकदार द्वारा खोदे गड्ढे में डूबकर गांव की 7 बच्चियों की मौत

मेघालय और झारखंड में खदान दुर्घटना में आठ लोगों की मौत, चार लापता

झारखंड: सत्ता से बेख़ौफ़ कार्टूनिस्ट बशीर अहमद का जाना...

झारखंड : विवादित विधानसभा भवन में लगी आग

आईटीबीपी के जवान ने गोलीबारी की, छह जवानों की मौत

सीसीडी के संस्थापक सिद्धार्थ का शव मिला, पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या का संदेह जताया

झारखंड : छात्रा का विवादित कमेंट, कोर्ट की सज़ा और हिन्दू संगठनों की चेतावनी!  

झारखंड : लिंचिंग को ललकार

राम के नाम पर दुनिया में कर दिया बदनाम


बाकी खबरें

  • Red Volunteers
    संदीप चक्रवर्ती
    बंगाल ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने के लिए आगे आये ‘रेड वालंटियर्स’
    15 Jan 2022
    जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल में दुर्घटना में घायल यात्रियों को यथासंभव मदद पहुंचाने के लिए आपातकालीन स्थिति में रक्तदान करने के लिए करीब चालीस रेड वालंटियर्स फौरन पहुंचे।  
  • yogi
    एम.ओबैद
    दलितों के ख़िलाफ़ हमले रोकने में नाकाम रही योगी सरकार
    15 Jan 2022
    पिछले साल जारी एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में उत्तर प्रदेश में साल 2020 में दलितों के खिलाफ सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए। यहां 12,714 मामले (25.2 प्रतिशत) दर्ज किए गए थे।
  • tubnisia
    काथरिन स्काएर, तारक गुईज़ानी
    ट्यूनीशिया: पहली डिजिटल राजनीतिक सुझाव प्रक्रिया पर लोगों में मत-विभाजन
    15 Jan 2022
    नए संविधान पर लोगों से डिजिटल तरीके से राजनीतिक सुझाव बुलवाए गए हैं। यह ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति काएस सईद का राजनीतिक संकट से निकलने का रास्ता हो सकता है। लेकिन सईद की मंशा की तरह, इस ऑनलाइन सुझाव…
  • Turkey
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?
    15 Jan 2022
    लेकिन, हक़ीक़त यह है कि पश्चिम तुर्की को तो स्वीकार कर सकता है, लेकिन क्या वे एर्दोगन को स्वीकार करेगा?
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,68,833 नए मामले, 402 मरीज़ों की मौत
    15 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3.85 फ़ीसदी यानी 14 लाख 17 हज़ार 820 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License