NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
जेएनयू : पुलिस के अमानवीय रवैये के ख़िलाफ़ दृष्टिबाधित छात्र फ़ोरम का विरोध प्रदर्शन
जेएनयू दृष्टिबाधित छात्र फ़ोरम ने पुलिस द्वारा दिखाए गए असंवेदनशील रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा है, "हम दिल्ली पुलिस से माफ़ी की मांग करते हैं।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Nov 2019
jnu blind student protest

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दृष्टिहीन छात्रों के एक फ़ोरम ने बुधवार सुबह कड़ी जद्दोजहद के बाद दोपहर में आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। मंगलवार को ही विकलाँग और दृष्टिबाधित छात्रों के साथ जिस तरह से अमानवीय व्यवहार किया गया उसके विरोध में छात्रों ने बुधवार को प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। बुधवार को प्रदर्शन के बाद छात्रों का एक डेलिगेशन पुलिस के अधिकारियों से भी मिला।

पुलिस ने इन छात्रों को मुख्यालय पहुंचने से रोकने के लिए कई तरीक़े अपनाए, लेकिन आख़िरकार उन्हें इन छात्रों के आगे झुकना पड़ा और उन्हें अनुमति देनी पड़ी।

इससे पहले बुधवार सुबह इन छात्रों ने कहा कि ‘‘पुलिस लाठीचार्ज’’ के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जेएनयू दृष्टिहीन छात्र फ़ोरम के सदस्य पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने जय सिंह मार्ग जा रहे थे, लेकिन उनकी बस को रोक दिया गया और वसंत कुंज थाने ले जाया गया। उन्होंने कहा कि बाद में उनकी बस को आईटीओ स्थित पुराने पुलिस मुख्यालय ले जाया गया।

फ़ोरम ने सोमवार को हॉस्टल शुल्क वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की थी और कहा था कि पुलिस को माफ़ी मांगनी चाहिए।

जबकि पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोप को ख़ारिज किया था। जेएनयू दृष्टिहीन छात्रों के फ़ोरम ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि छात्र सभी के लिए सुलभ और सस्ती शिक्षा की मांग कर रहे थे लेकिन पुलिस ने छात्रों के शांतिपूर्ण मार्च पर क्रूर और असंवेदनशील तरीक़े से हमला किया। इसकी गवाही कई वीडियो और फ़ोटो दे रहे हैं।

जेएनयूएसयू द्वारा बड़े पैमाने पर फ़ीस वृद्धि और नए प्रस्तावित छात्रावास मैनुअल के ख़िलाफ़ मार्च कर रहे थे। विरोध मार्च में, विकलांग छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। उन्होंने कहा है, "हालांकि, हमने देखा है कि दिल्ली पुलिस ने विकलांग छात्रों के विरोध के अधिकार और सस्ती और सुलभ शिक्षा के विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार का घोर उल्लंघन किया है। विकलांग छात्रों को दिल्ली पुलिस ने मार्च में उनकी शांतिपूर्ण भागीदारी के दौरान बेरहमी से पिटाई की है।"

फ़ोरम ने आगे कहा, "हमारे सदस्यों में से एक, शशिभूषण समद, जो कि जेएनयूएसयू काउंसलर भी हैं, उनको दिल्ली पुलिस ने अमानवीय रूप से पीटा है। जब शशिभूषण ने पुलिस कर्मियों के ध्यान में लाया कि वह नेत्रहीन छात्र हैं, तो भी दिल्ली पुलिस ने बहुत ही असंवेदनशील तरीक़े से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि "अँधा है तो यहां क्यों आया हैं।" यह कहने के बाद, पुलिस ने उनके सीने और पेट पर लात मारकर उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया। इसके बाद उनकी गंभीर हालत थी लेकिन पुलिस ने उन्हें कोई भी मेडिकल सुविधा मुहैया नहीं कराई है।"

छात्रों ने पुलिस द्वारा दिखाए गए असंवेदनशील रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा है, "हम दिल्ली पुलिस से माफ़ी की मांग करते हैं।"

 

jnu blind student protest
JNU
JNUSU
Fee Hike
JNU Students Protest
JNUTA
SFI
AISA
DSF
AISF
Aishe Ghosh
delhi police
ito

Related Stories

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़


बाकी खबरें

  • CDS BIPIN RAWAT
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    वायुसेना का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत
    08 Dec 2021
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ़ कर दिया है कि एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सशस्त्र बलों के जवानों का निधन हो गया है।
  • टीकाकरण फ़र्जीवाड़ाः अब यूपी-झारखंड के सीएम को भी बिहार में लगाया गया टीका
    एम.ओबैद
    टीकाकरण फ़र्जीवाड़ाः अब यूपी-झारखंड के सीएम को भी बिहार में लगाया गया टीका
    08 Dec 2021
    दो दिन पहले पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को अरवल जिले में टीका लगाए जाने का मामला सामना आया था। अब गया जिले के टिकरी में…
  • https://www.youtube.com/watch?v=mQmbG59MwwM
    NewsclickProduction
    मेरठ से गोरखपुर: यूपी में लाल-हरे-पीले से भगवा भयभीत?
    08 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश के अति महत्वपूर्ण चुनाव की सरगरमी बढ गयी है. मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने गोरखपुर की सभा में जनता को समाजवादी पार्टी की 'लाल टोपी' से सतर्क रहने को कहा. इधर मेरठ में अखिलेश यादव और…
  • भाषा
    राज्यसभा के निलंबित सदस्यों के समर्थन में विपक्षी नेताओं का संसद परिसर में धरना
    08 Dec 2021
    नयी दिल्ली: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मानसून सत्र के दौरान उच्च सदन में ‘‘अशोभनीय आचरण’’ को लेकर श
  • bajrang
    काशिफ़ काकवी
    मध्य प्रदेश में वीएचपी, बजरंग दल के निशाने पर अब ईसाई समुदाय
    08 Dec 2021
    पिछले दो महीनों के दौरान दक्षिणपंथी समूहों ने या तो मिशनरी स्कूलों और चर्चों को अपना निशाना बनाया है या ईसाइयों के खिलाफ प्रथिमिकी दर्ज कराई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License