NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
JNU हिंसा: क्या दिल्ली पुलिस अधूरी तस्वीर पेश कर रही है?
जेएनयू में हिंसा के बाद हुई दिल्ली पुलिस की पहली प्रेस कॉन्फ़्रेन्स पर सवाल उठने लगे हैं। न्यूज़क्लिक से बात करते हुए छात्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस आधी-अधूरी तस्वीर पेश कर रही है, जिस पर विश्वास कर पाना मुश्किल है। ऐसे में, पुलिस से उम्मीद की जाती है कि बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को सज़ा देगी।
11 Jan 2020

जेएनयू में हिंसा के बाद हुई दिल्ली पुलिस की पहली प्रेस कॉन्फ़्रेन्स पर सवाल उठने लगे हैं। न्यूज़क्लिक से बात करते हुए छात्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस आधी-अधूरी तस्वीर पेश कर रही है, जिस पर विश्वास कर पाना मुश्किल है। ऐसे में, पुलिस से उम्मीद की जाती है कि बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को सज़ा देगी।

JNU
JNU Violence
delhi police
Aishe Ghosh
ABVP
SFI
AISA
DSF

Related Stories

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़


बाकी खबरें

  • क्यों आबादी को नियंत्रित करने से जुड़ा क़ानून संविधान के मौलिक अधिकार के ख़िलाफ़ है?
    अजय कुमार
    क्यों आबादी को नियंत्रित करने से जुड़ा क़ानून संविधान के मौलिक अधिकार के ख़िलाफ़ है?
    17 Jul 2021
    इस तरह के प्रावधान का मतलब है कि राज्य अपने नागरिकों को समान तौर पर नहीं देख रहा है। लोक कल्याण से जुड़ी मदद को पहुंचाने के लिए शर्त रख रहा है। आधुनिक राज्य से ऐसी अपेक्षा नहीं की जाती है कि वह अपने…
  • चीन ने अफ़गान से जुड़ी सभी आशंकाओं को किया साफ
    एम. के. भद्रकुमार
    चीन ने अफ़गान से जुड़ी सभी आशंकाओं को किया साफ
    17 Jul 2021
    बीजिंग सैन्य हस्तक्षेप नहीं करेगा और न ही वह गलती दोहराएगा जिसे पूर्व सोवियत संघ और अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में काबुल की स्थिरता के हितधारक होने के बावजूद की थी।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में फिर 38 हज़ार नए मामले, 560 मरीज़ों की हुई मौत
    17 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 38,079 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.36 फ़ीसदी यानी 4 लाख 24 हज़ार 25 हो गयी है।
  • बढ़ती जनसंख्या के लिए भारतीय मुसलमानों को टारगेट करते हुए शेयर की जा रही फ़ोटो बांग्लादेश की
    कलीम अहमद
    बढ़ती जनसंख्या के लिए भारतीय मुसलमानों को टारगेट करते हुए शेयर की जा रही फ़ोटो बांग्लादेश की
    17 Jul 2021
    हाल ही में यूपी सरकार ने एक नई जनसंख्या नीति लागू की है. इस नीति के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले लोग सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे.सरकार के इस कदम की आलोचना, विपक्ष और…
  • उत्तर प्रदेश है न. 1, मगर किसमें, लाखों की मौत को भूली नहीं जनता
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश है न. 1, मगर किसमें, लाखों की मौत को भूली नहीं जनता
    17 Jul 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ पर पूछा सवाल, लाखों की मौतों, कुशासन को नहीं भूली जनता। उन्होंने बात की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License