NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार
जोधपुर में मंगलवार को हुए उपद्रव के सिलसिले में 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि शहर में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू जारी रहा। जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृह नगर भी है, जहां हालात पर नजर रखने के लिए आला अधिकारियों के साथ लगभग 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जोधपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद हैं।
भाषा
04 May 2022
jodhpur
चित्र साभार: एनडीटीवी

जोधपुर में मंगलवार को हुए उपद्रव के सिलसिले में 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि शहर में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस ने दावा किया है कि शहर में हालात नियंत्रण में हैं।

जोधपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी में कहा गया है कि अब तक 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, मंगलवार रात से स्थिति नियंत्रण में है और कोई नई अप्रिय घटना नहीं हुई।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हवा सिंह घुमरिया मंगलवार को यहां पहुंचे। जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृह नगर भी है जहां हालात पर नजर रखने के लिए आला अधिकारियों के साथ लगभग 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जोधपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं।

दोनों मंत्री व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी शहर में डेरा डाले हुए हैं।

हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने वहां कर्फ्यू लगा दिया गया और लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की गई थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके गृहनगर जोधपुर पहुंचे गृहराज्य मंत्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि घटना में घायल तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि 12-15 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

शहर के दस थाना क्षेत्रों- उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार को दोपहर एक बजे से बुधवार, चार मई की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू के आदेश हैं।

इस विवाद की शुरुआत सोमवार को आधी रात के बाद हुई जब कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने शहर के एक चौराहे पर स्थापित स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर धार्मिक झंडा लगाया।

वहां पथराव भी हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। नियंत्रण कक्ष की ओर से कहा गया है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।

कर्फ्यू के कारण जोधपुर में फीका रहा जश्न

जोधपुर में हुई हिंसक घटनाओं ने भाईचारे का संदेश देने वाले इस त्योहार का जश्न फीका कर दिया। कर्फ्यू ने ईद के उत्सव में खलल डाल दी।

गौरतलब है कि कोविड के कारण पिछले दो साल ईद का जश्न फीका-फीका सा रहा, मस्जिदों में ज्यादा संख्या में लोगों के जमा होने और बड़ी दावतें करने पर भी पाबंदी रही थी। लेकिन इस साल संक्रमण की दर कम होने के मद्देनजर प्रशासन द्वारा पाबंदियों में ढील दी गई थी।

जोधपुर की घटनाओं पर संरा प्रवक्ता का बयान

ईद से पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विभिन्न समुदाय के लोग साथ मिलकर काम करेंगे और भारत सरकार तथा सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपने त्यौहार आदि शांतिपूर्वक मना सकें।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहनगर जोधपुर में मंगलवार को ईद से कुछ घंटे पहले सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया जिसके कारण मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ी और शहर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।

महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने मंगलवार को कहा, “हमें उम्मीद है कि विभिन्न समुदाय साथ मिलकर काम करेंगे और सरकार तथा सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपने त्यौहार और अन्य गतिविधियां शांतिपूर्वक मना सकें।” 

jodhpur
jodhpur violence
Rajasthan
Chief Minister Ashok Gehlot
communal violence
eid mubark

Related Stories

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

सुप्रीम कोर्ट ने जहांगीरपुरी में अतिक्रमण रोधी अभियान पर रोक लगाई, कोर्ट के आदेश के साथ बृंदा करात ने बुल्डोज़र रोके

बढ़ती हिंसा व घृणा के ख़िलाफ़ क्यों गायब है विपक्ष की आवाज़?

राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!

अलवर की लड़की के पिता का आरोप: घटना को हादसा मानने के लिए दबाव डाल रही है पुलिस

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

राजस्थान: एक सप्ताह के भीतर दुष्कर्म के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज, गहलोत सरकार की क़ानून व्यवस्था फेल!

आंदोलन के 200 दिन पूरे; किसानों ने कहा मोदी नहीं, जनता ही जनार्दन है

पश्चिम बंगाल में जाति और धार्मिक पहचान की राजनीति को हवा देती भाजपा, टीएमसी

हाथरस बनाम बलरामपुर, यूपी बनाम राजस्थान की बहस कौन खड़ी कर रहा है!


बाकी खबरें

  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष का सवाल !
    17 Jan 2022
    न्यूज़चक्र में अभिसार बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के चुनाव आयोग पर किए गए सवालों और धर्म संसद के मामले में हुई गिरफ़्तारी की
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License