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ईजिप्ट : पत्रकार बासमा मुस्तफ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ज़मानत पर रिहा
मुस्तफ़ा को रविवार को उस वक़्त गिरफ़्तार किया गया था जब वह देश के दक्षिण में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की हत्या की ख़बर को कवर करने जा रही थीं।
पीपल्स डिस्पैच
07 Oct 2020
Basma mostafa

मिस्र के अधिकारियों ने मंगलवार 6 अक्टूबर की देर रात दक्षिणी मिस्र के लक्सर शहर में रविवार को हिरासत में लिए गए पत्रकार बासमा मुस्तफा को रिहा कर दिया। मिस्र की मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मुस्तफा को 2000 मिस्री पाउंड की ज़मानत और सरकारी अभियोजन पक्ष ने आतंकवादी संगठन का सदस्य होने सहित उनके ख़िलाफ़ लगाए गए कई आरोपों के संबंध में पत्रकार से पूछताछ के अपने पहले दौर को समाप्त करने के बाद रिहा किया गया था।

पत्रकार की रिहाई भी मानवाधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता संगठनों की ओर से बढ़ रही अंतरराष्ट्रीय आलोचना के मद्देनजर हुई है जिसने उनकी गिरफ्तारी और गुमसुदगी को लेकर कड़ी निंदा की थी। उन्होंने हाल के दिनों में पत्रकारों,मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के राज्य दमन की इसी तरह की घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।

अपने बयान में सरकारी अभियोजन पक्ष ने कहा कि "प्रोसिक्योटर-जनरल ने प्रतिवादी बासमा मुस्तफा को उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को लेकर पूछताछ के बाद रिहा करने का आदेश दिया है।" बयान में कहा गया है कि मुस्तफा पर "अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल झूठी खबरों को प्रकाशित करने और प्रचार करने का" आरोप लगया गया। आगे कहा कि उनके ख़िलाफ़ जांच जारी रहेगी। अपनी तरफ से मुस्तफा ने अपने ख़िलाफ़ लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों के लिए एक रिपोर्टर के रूप में काम करती हैं और यह ईमानदारी से और सटीक रूप से विषयों को कवर करने और मिस्र के समाज को प्रभावित करने वाले मुद्दों और देश में सार्वजनिक राय के लिए उनके पेशेवर कर्तव्यों का हिस्सा है।

मुस्तफा को शनिवार 3 अक्टूबर को लक्सर शहर में ट्रेन स्टेशन के पास से हिरासत में लिया गया और गायब कर दिया गया और अगली सुबह राज्य सुरक्षा अभियोजन के समक्ष पेश किया गया। मुस्तफा ने भ्रष्टाचार, कुशासन और अन्य मुद्दों के ख़िलाफ़ चल रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मिस्र के सुरक्षा बलों के हाथों एक नागरिक प्रदर्शनकारी की कथित हत्या को कवर करने के इरादे से लक्सर गई थीं। इसके बाद, सरकारी अभियोजन पक्ष ने मुस्तफा को 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया और आरोपों की जांच लंबित कर दी।

 

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