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कानपुर: जय श्री राम नहीं बोलने पर टोपी पहने किशोर को पीटा
कानपुर के बर्रा इलाके में नमाज पढ़ कर घर लौट रहे ताज को अज्ञात बाइक सवारों ने रोक लिया और 'जय श्री राम' कहने को कहा। जब ताज ने कहने से इनकार किया कि तो उसकी पिटाई कर दी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Jun 2019
Muslim
फोटो साभार: Nav Bharat Times

कानपुर के बर्रा इलाके में एक मुस्लिम किशोर की कुछ लोगों ने बुरी तरह से पीट दिया। किशोर का आरोप है कि टोपी पहन रखी थी और लोग उससे जय श्री राम का नारा लगाने को कह रहे थे।

बर्रा का रहने वाला ताज (16) शुक्रवार को किदवई नगर स्थित मस्जिद से नमाज पढ़ कर घर लौट रहा था तभी तीन चार अज्ञात बाइक सवार लोगों ने उसे रोक लिया और उसके टोपी पहने होने पर विरोध किया।
 
बर्रा पुलिस चौकी प्रभारी सतीश कुमार सिंह के अनुसार बाइक सवार युवकों ने ताज को 'जय श्री राम' कहने को कहा। जब उसने कहने से इनकार किया कि तो उसकी पिटाई कर दी।

चौकी प्रभारी ने बताया, 'इसके बारे में हमें लिखित शिकायत मिली है और मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। ताज का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।’

ताज ने आरोप लगाया कि उसे मारने वालो ने धमकी दी है कि इस इलाके में सिर पर टोपी पहनकर न आना। उसने आरोप लगाया कि उन्होंने टोपी उतार दी और उससे जय श्री राम कहने को कहा। ताज ने बताया कि मार-पीट पर वह जब चिल्लाया तो राहगीरों ने उसे बचाया। 

आपको बता दें कि दो दिन पहले अलीगढ़ में चलती ट्रेन में मदरसा छात्र से मारपीट की गई थी। छात्र हाफिज़ मोहम्मद फरमान नियाजी का कहना था कि वह अपनी पढ़ाई के लिए अलीगढ़ से बरेली पैसेंजर में सफर कर रहा था तभी राजघाट नरौरा स्टेशन के पास कुछ लोग ट्रेन में आए और धार्मिक गालियों के साथ मारपीट करने लगे। बाद में टोपी को सर से उतारकर ट्रेन से बाहर फेंक दिया था।

गौरतलब है कि मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद भी बड़ी संख्या में ऐसी घटनाएं मीडिया में रिपोर्ट की जा रही हैं। पिछले हफ्ते असम के बरपेटा में एक दक्षिणपंथी संस्थान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई कि उन्होंने कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के एक समूह की पिटाई कर दी और उनसे जबरन जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगवाए। 

दिल्ली के अमन विहार इलाके में एक मदरसे के मौलवी ने आरोप लगाया है कि तीन लोगों की ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने की मांग मानने से इनकार करने पर उन्हें कार से टक्कर मारी गई।

वहीं, हरियाणा के गुड़गांव में 25 मई की शाम नमाज़ पढ़कर लौटते 25 साल के बरकत से मारपीट की गई थी। बरकत का दावा था कि जब वह नमाज़ पढ़कर घर लौट रहे थे तो कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए कहा। 

मई के आखिरी हफ्ते में ही मध्य प्रदेश के सिवनी में स्वयं घोषित गौरक्षकों ने कथित रूप से बीफ ले जाने के शक में एक महिला समेत तीन मुसलमानों की पिटाई कर दी। 
 
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, कुछ लोगों को जबरदस्ती जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए कहा गया। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख्स दूसरे युवक को लाठी से पीट रहा है। उसे बार-बार जय श्रीराम बोलने के लिए मारा जा रहा है। बाद में उस शख्स को पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद कई लोगों ने एक-एक करके उस युवक को मारना शुरू कर दिया और बाकी लोग वहां खड़े होकर तमाशा देखते रहे।

मई के आखिरी हफ्ते में ही पुणे के एक डॉक्टर को नई दिल्ली में भीड़ का सामना करना पड़ गया था। अरुण गद्रे नाम के इस डॉक्टर के मुताबिक युवाओं के एक समूह ने उनसे ‘जय श्री राम' बोलने को कहा। यह घटना कनॉट प्लेस के पास उस समय हुई जब वह सुबह की सैर पर थे। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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