NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
राजनीति
कानपुर: जय श्री राम नहीं बोलने पर टोपी पहने किशोर को पीटा
कानपुर के बर्रा इलाके में नमाज पढ़ कर घर लौट रहे ताज को अज्ञात बाइक सवारों ने रोक लिया और 'जय श्री राम' कहने को कहा। जब ताज ने कहने से इनकार किया कि तो उसकी पिटाई कर दी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Jun 2019
Muslim
फोटो साभार: Nav Bharat Times

कानपुर के बर्रा इलाके में एक मुस्लिम किशोर की कुछ लोगों ने बुरी तरह से पीट दिया। किशोर का आरोप है कि टोपी पहन रखी थी और लोग उससे जय श्री राम का नारा लगाने को कह रहे थे।

बर्रा का रहने वाला ताज (16) शुक्रवार को किदवई नगर स्थित मस्जिद से नमाज पढ़ कर घर लौट रहा था तभी तीन चार अज्ञात बाइक सवार लोगों ने उसे रोक लिया और उसके टोपी पहने होने पर विरोध किया।
 
बर्रा पुलिस चौकी प्रभारी सतीश कुमार सिंह के अनुसार बाइक सवार युवकों ने ताज को 'जय श्री राम' कहने को कहा। जब उसने कहने से इनकार किया कि तो उसकी पिटाई कर दी।

चौकी प्रभारी ने बताया, 'इसके बारे में हमें लिखित शिकायत मिली है और मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। ताज का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।’

ताज ने आरोप लगाया कि उसे मारने वालो ने धमकी दी है कि इस इलाके में सिर पर टोपी पहनकर न आना। उसने आरोप लगाया कि उन्होंने टोपी उतार दी और उससे जय श्री राम कहने को कहा। ताज ने बताया कि मार-पीट पर वह जब चिल्लाया तो राहगीरों ने उसे बचाया। 

आपको बता दें कि दो दिन पहले अलीगढ़ में चलती ट्रेन में मदरसा छात्र से मारपीट की गई थी। छात्र हाफिज़ मोहम्मद फरमान नियाजी का कहना था कि वह अपनी पढ़ाई के लिए अलीगढ़ से बरेली पैसेंजर में सफर कर रहा था तभी राजघाट नरौरा स्टेशन के पास कुछ लोग ट्रेन में आए और धार्मिक गालियों के साथ मारपीट करने लगे। बाद में टोपी को सर से उतारकर ट्रेन से बाहर फेंक दिया था।

गौरतलब है कि मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद भी बड़ी संख्या में ऐसी घटनाएं मीडिया में रिपोर्ट की जा रही हैं। पिछले हफ्ते असम के बरपेटा में एक दक्षिणपंथी संस्थान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई कि उन्होंने कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के एक समूह की पिटाई कर दी और उनसे जबरन जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगवाए। 

दिल्ली के अमन विहार इलाके में एक मदरसे के मौलवी ने आरोप लगाया है कि तीन लोगों की ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने की मांग मानने से इनकार करने पर उन्हें कार से टक्कर मारी गई।

वहीं, हरियाणा के गुड़गांव में 25 मई की शाम नमाज़ पढ़कर लौटते 25 साल के बरकत से मारपीट की गई थी। बरकत का दावा था कि जब वह नमाज़ पढ़कर घर लौट रहे थे तो कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए कहा। 

मई के आखिरी हफ्ते में ही मध्य प्रदेश के सिवनी में स्वयं घोषित गौरक्षकों ने कथित रूप से बीफ ले जाने के शक में एक महिला समेत तीन मुसलमानों की पिटाई कर दी। 
 
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, कुछ लोगों को जबरदस्ती जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए कहा गया। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख्स दूसरे युवक को लाठी से पीट रहा है। उसे बार-बार जय श्रीराम बोलने के लिए मारा जा रहा है। बाद में उस शख्स को पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद कई लोगों ने एक-एक करके उस युवक को मारना शुरू कर दिया और बाकी लोग वहां खड़े होकर तमाशा देखते रहे।

मई के आखिरी हफ्ते में ही पुणे के एक डॉक्टर को नई दिल्ली में भीड़ का सामना करना पड़ गया था। अरुण गद्रे नाम के इस डॉक्टर के मुताबिक युवाओं के एक समूह ने उनसे ‘जय श्री राम' बोलने को कहा। यह घटना कनॉट प्लेस के पास उस समय हुई जब वह सुबह की सैर पर थे। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Muslims
Muslim population
Jai Shri Ram
muslim beaten
KANPUR
UttarPradesh
yogi sarkar

Related Stories

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं

मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?


बाकी खबरें

  • Barauni Refinery Blast
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बरौनी रिफायनरी ब्लास्ट: माले और ऐक्टू की जांच टीम का दौरा, प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल
    20 Sep 2021
    भाकपा (माले) और मज़दूर संगठन ऐक्टू की जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और अपनी एक जाँच रिपोर्ट दी, जिसमें उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को बरौनी रिफाइनरी में हुआ ब्लास्ट प्रबन्धन की आपराधिक लापरवाही का…
  • New Homes, School Buildings, Roads and Football Academies Built Under Kerala Govt’s 100-Day Programme
    अज़हर मोईदीन
    केरल सरकार के 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत नए घर, विद्यालय भवन, सड़कें एवं फुटबॉल अकादमियां की गईं निर्मित  
    20 Sep 2021
    100-दिवसीय कार्यक्रम में शामिल परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर नजर रखने के लिए बनाये गए राजकीय नियंत्रण-मंडल की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के विभिन्न विभागों के तहत…
  • Afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    शांघाई सहयोग संगठन अमेरिका की अगुवाई वाले क्वाड के अधीन काम नहीं करेगा
    20 Sep 2021
    एससीओ यानी शांघाई सहयोग संगठन, अमेरिका की अगुवाई वाले चार देशों के गठबंधन क्वाड के अधीन काम नहीं करेगा।
  • Indigenous People of Brazil Fight for Their Future
    निक एस्टेस
    अपने भविष्य के लिए लड़ते ब्राज़ील के मूल निवासी
    20 Sep 2021
    हाल ही में इतिहास की सबसे बड़ी मूल निवासियों की लामबंदी ने सत्ता प्रतिष्ठानों के आस-पास की उस शुचिता की धारणा को को तोड़कर रख दिया है जिसने सदियों से इन मूल निवासियों को सत्ता से बाहर रखा है या उनके…
  • Government employees in Jammu and Kashmir
    सबरंग इंडिया
    जम्मू-कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा अनिवार्य, आवधिक चरित्र और पूर्ववृत्त सत्यापन भी जरूरी
    20 Sep 2021
    16 सितंबर को जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ किसी भी तरह की प्रतिकूल रिपोर्ट की पुष्टि होती है तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License