NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कांग्रेस और भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है: मायावती
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में अपनी पहली चुनावी रैली में कहा कि जातिवादी और पूंजीवादी नीतियों की वजह से बीजेपी सत्ता से बाहर हो जाएगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 May 2019
मायावती की दिल्ली में रैली

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को दिल्ली में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। 

बसपा सुप्रीमों ने कहा कि कांग्रेस देश में अब तक लंबे अरसे तक रही है, लेकिन इनकी गलत नीतियों की वजह से सरकार चली गई। कांग्रेस के शासन में न तो गरीबी दूर हुई और न रोजगार मिला और दलित, पिछड़े लोगों की हालत काफी खराब रही।

भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जातिवादी और पूंजीवादी नीतियों की वजह से बीजेपी भी बाहर हो जाएगी। इनकी नई नाटकबाजी नहीं चलेगी। इनके छोटे बड़े चौकीदार भी काम में नहीं आएंगे, जो वादे किए थे उसका एक तिहाई भी वादे पूरे नहीं हुए हैं।

बसपा प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से नुकसान हुआ है। इस सरकार में रक्षा सौदों पर सवाल उठे हैं। वे फिर से सत्ता प्राप्त करने के किये तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। लोक लुभावन घोषणाओं के फेर में नहीं फंसना है। हमारी पार्टी कोई घोषणापत्र जारी नहीं करती है, क्योंकि हम बोलने में कम, काम करने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। 

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस की हालत खराब है। वहां सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया, लेकिन परिवर्तन की लहर है। इनके अच्छे दिन जा चुके हैं।

महिलाओं को बड़ी संख्या बाहर निकलने का आह्वान करते हुए मायावती ने कहा कि वोट बसपा को ही देना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सभी समस्याओं को खत्म किया जाएगा। कमजोर तबके का पूरा ख्याल रखा जाएगा। यहां से बसपा के सभी प्रत्याशियों को जिताना है।

आपको बता दें कि बसपा दिल्ली में 7 में से 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। नई दिल्ली और उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट पर बसपा के उम्मीदवार नहीं हैं। इन दोनों सीटों पर उसके उम्मीदवार के पर्चे निरस्त हो गए थे। इनके अलावा अन्य सीटों पर बसपा ने पूर्वी दिल्ली सीट पर संजय गहलोत, उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से राजवीर सिंह, पश्चिमी दिल्ली सीट से सीता शरण सैन, दक्षिणी दिल्ली से सिद्धांत गौतम और चांदनी चौक से शाहिद अली को उम्मीदवार बनाया है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में करीब 16.75 फीसदी दलित आबादी है। बसपा ने 2008 विधानसभा में यहां सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उसे 14.05 फीसदी तक वोट मिले थे जबकि उसने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी। सबसे हाल में हुए2017 नगर निगम चुनावों में दिल्ली में बसपा ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि उसे 4.44 प्रतिशत मत हासिल हुए।

MAYAWATI
2019 loksabha elections
BAHUJAN SAMAJ PARTY
BSP
mayawati rally
bsp rally delhi

Related Stories

दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान

ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब पुलिस का दिल्ली में इस्तेमाल करते केजरीवाल

मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर अखिलेश व मायावती क्यों चुप हैं?

अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे

बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!

हार के बाद सपा-बसपा में दिशाहीनता और कांग्रेस खोजे सहारा

विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा

बसपा की करारी हार पर क्या सोचता है दलित समाज?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक

विचार: क्या हम 2 पार्टी सिस्टम के पैरोकार होते जा रहे हैं?


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License