NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
केरल में होगा देश का पहला सरकारी ट्रांसजेंडर कला उत्सव ‘वर्णपकित्त-2019’
केरल के सामाजिक न्याय विभाग ने ट्रांसजेंडर समुदाय की मदद करने, उन्हें प्रोत्साहित करने, उन्हें मुख्यधारा का हिस्सा बनाने और उनकी कला को बढ़ावा देने के लक्ष्य से इस उत्सव के आयोजन का फैसला लिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Sep 2019
trans art festival
फोटो साभार: newindianexpress

केरल सरकार अगले महीने ‘ट्रांसजेंडर कला उत्सव’ का आयोजन करने वाली है जिसमें समाज के इस वंचित तबके की प्रतिभाओं को कला प्रदर्शन का पूरा मौका मिलेगा।

केरल के सामाजिक न्याय विभाग ने ट्रांसजेंडर समुदाय की मदद करने, उन्हें प्रोत्साहित करने, उन्हें मुख्यधारा का हिस्सा बनाने और उनकी कला को बढ़ावा देने के लक्ष्य से इस उत्सव के आयोजन का फैसला लिया है।

दो दिवसीय उत्सव ‘वर्णपकित्त-2019’ ट्रांसजेंडर्स के लिए सरकार की ओर से आयोजित देश का संभवत: पहला कार्यक्रम है।
प्रशासन के अनुसार, केरल सरकार की ओर से समुदाय की बेहतरी के लिए लागू ट्रांसजेंडर नीति के तहत इस उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

संभावना है कि आयोजन राजधानी तिरुवनंतपुरम में होगा। इसकी तारीखों की अभी घोषणा होनी है।

इस कला उत्सव के तहत विभाग ने फिल्म से इतर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 ट्रांसजेंडर्स से नकद पुरस्कार के लिए आवेदन मंगवाया है।

विभाग की ओर से कला उत्सव के लिए जारी सूचना पत्रिका में कहा गया है कि इस उत्सव में सरकारी पहचानपत्र धारक 18 वर्ष या उससे ज्यादा आयु का कोई भी ट्रांसजेंडर हिस्सा ले सकता है।

उसमें कहा गया है कि नृत्य, संगीत, एकल अभिनय और मिमिक्री के अलावा कहानी, कविता और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।

ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस कदम का दिल खोलकर स्वागत किया है।

आपको बता दें कि अभी पिछले दिनों हीदी सादिया ने केरल के पहले ट्रांसजेंडर टीवी पत्रकार के रूप इतिहास रचा है और उन्होंने लैंडर ‘विक्रम’ के आर्बिटर से सफलतापूर्वक अलग होने पर देश के दूसरे चंद्रमिशन की इस उपलब्धि की अपनी पहली रिपोर्टिंग की। सादिया को केरल की सत्ताधारी माकपा द्वारा संचालित खबरिया चैनल कैराली ने नौकरी दी।

इसे पढ़ें :केरल में पहली ट्रांसजेंडर टीवी पत्रकार सामने आई

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Kerala
First Government Transgender Arts Festival
वर्णपकित्त-2019
social justice
Transgender community
CPM

Related Stories

केरल सरकार ने दहेज निषेध नियमावली में किया बदलाव, ज़िले में तैनात किए ‘दहेज निषेध अधिकारी’

अपना बुटीक खोलने और अपनी ज़िंदगी खुलकर जीने के लिए हासिल की ट्रांस महिला की पहचान

आईआईटी में शिक्षक पदों में आरक्षण खत्म करने का प्रस्ताव दोषपूर्ण!

बिहार की प्रवासी महिला मलयालम साक्षरता परीक्षा में रही अव्वल

ट्रांसजेंडर बिल को ट्रांस समुदाय ने बताया 'जेंडर जस्टिस मर्डर' बिल

केरल में पहली ट्रांसजेंडर टीवी पत्रकार सामने आई

इकोलॉजिकल इमरजेंसी की तरफ तो नहीं बढ़ रहे हम!

कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई, अधिकांश नदियां उफान पर

एफ़आरए : आदिवासियों की ज़मीनों पर फ़ैसला कल

आर्टिकल 15 : एक आधी-अधूरी कोशिश!


बाकी खबरें

  • art
    डॉ. मंजु प्रसाद
    सार्थक चित्रण : सार्थक कला अभिव्यक्ति 
    31 Oct 2021
    आसान नहीं है मानव और समाज की सचाई को कला में निपुणता से उतार देना। कलाकार सृजित भी कर दे भद्र जनों को ग्राह्य नहीं है।
  • tirchi nazar
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: 'सरकार जी' ने भक्तों के साथ की वर्चुअल मीटिंग
    31 Oct 2021
    दीपावली के शुभ अवसर पर आयोजित उस मीटिंग में सरकार जी ने सबसे पहले भक्तों को भक्त होने का महत्व बताया। भक्तों को बताया कि वह चमचों से किस तरह अलग हैं।
  • raid
    राजेंद्र शर्मा
    लक्ष्मी जी और ईडी का छापा
    31 Oct 2021
    जब ईडी ने लक्ष्मी जी पर मनी लॉन्डरिंग के आरोप में कर डाली छापेमारी!
  • Communalism
    शंभूनाथ शुक्ल
    अति राष्ट्रवाद के भेष में सांप्रदायिकता का बहरूपिया
    31 Oct 2021
    राष्ट्रवाद का अर्थ है अपने देशवासियों से प्रेम न कि किसी राजनीतिक विचारधारा के प्रति समर्पण। अपने देश के संविधान को मानना और उस पर अमल करना ही राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में भाजपा के आगे विपक्षी इतने सुस्त क्यों और तीन अन्य खबरें
    30 Oct 2021
    यूपी में भाजपा के आगे मुख्य विपक्षी इतने सुस्त क्यों नजर आ रहे हैं? एनसीबी या इस जैसी अन्य एजेंसियां संविधान और राज्य के प्रति जवाबदेह हैं या सरकार चलाने वाले सर्वसत्तावादी सियासतदानों के प्रति? 32…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License