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केरल में मरने वालों की संख्या सौ के पार, आंध्र में 87 गांव बाढ़ की चपेट में
कृष्णा नदी में आई बाढ़ का प्रकोप कम होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गुंटूर जिलों में कई गांव और सैकड़ों एकड़ खेत अभी भी जलमग्न हैं। हिमाचल में बारिश के कारण शनिवार को रोहतांग- मनाली मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। केरल में मृतकों की संख्या शनिवार को 113 हो गयी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Aug 2019
keral flood
Image courtesy: NDTV

केरल में बाढ़ के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या सौ के पार पहुंच गई है। उधर,कृष्णा नदी में आई बाढ़ का प्रकोप कम होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गुंटूर जिलों में कई गांव और सैकड़ों एकड़ खेत अभी भी जलमग्न हैं। ग्यारह वर्षीय एक बच्ची की मौत के साथ ही राज्य में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या दो हो गयी।

एनडीआरएफ के कर्मियों ने एक लड़की का शव बरामद किया जो शुक्रवार को कृष्णा जिले में उफनाई नदी में डूब गयी थी। 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि गुंटूर जिले में एक किसान की भी शुक्रवार को डूबकर मौत हो गयी।

आंध्र प्रदेश में स्टेट रीयल टाईम गवर्नेंस सेंटर के अनुसार तड़के जलस्तर अधिकतम 8.21 लाख क्यूसेक तक पहुंचने के बाद विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यह घटकर 7.99 लाख क्यूसेक रह गया। 

जलाशयों से पानी के बहाव में कमी देखी गई है लेकिन फिर भी कृष्णा और गुंटूर जिलों में 32 मंडलों के तहत आने वाले 87 गांवों के 17,500 लोगों की मुसीबतें अगले दो दिनों तक जारी रह सकती हैं।

दोनों जिलों में 24 गांव बाढ़ के कारण पूरी तरह जलमग्न हैं।

कृष्णा और गुंटूर में 11,553 लोगों को 56 राहत शिविरों में ले जाया गया है जहां भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, दोनों जिलों में कुल 4,352 घरों में पानी भरा हुआ है। 

इन जिलों में 5,311 हेक्टेयर कृषि फसलें और 1,400 हेक्टेयर की बागवानी फसलें बाढ़ में डूबी हैं। 

इस बीच, तडेपल्ली मंडल के तहसीलदार ने भारी बाढ़ के मद्देनजर विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू को नोटिस भेजकर उंडावल्ली में कृष्णानदी के तट पर किराये के बंगले को खाली करने को कहा है। 

नायडू हैदराबाद में थे इसलिए नोटिस बंगले में सुरक्षाकर्मियों को थमाया गया। 

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कृष्णा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मंत्रीगण विजयवाड़ा के जलमग्न क्षेत्रों में गये और उन्होंने राहत कार्यों का निरीक्षण किया।

मूसलाधार बारिश के कारण कांगड़ा में सभी शिक्षण संस्थान बंद

हिमाचल प्रदेश से ख़बर है कि कांगड़ा जिले में भारी बारिश के कारण सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद कर दिए गए।

कांगड़ा के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार शाम से लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर शनिवार सुबह यह निर्देश जारी किए।

प्रजापति ने कहा,‘‘ जिले में लगातार हो रही बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए आज (शनिवार को) स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रहने की घोषणा की जाती है।’’

मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को ‘ऑरेन्ज अलर्ट’ जारी करते हुए राज्य में भारी बारिश को लेकर आगाह किया था। साथ ही ‘रेड वॉर्निंग’ जारी करते हुए कांगड़ा सहित कई जिलों में शनिवार और रविवार को मूसलाधार बारिश होने की जानकारी दी थी।

रोहतांग-मनाली मार्ग बाधित

हिमाचल में ही भारी बारिश के कारण शनिवार को रोहतांग- मनाली मार्ग पर यातायात बाधित हो गया।

कुल्लू के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि जिले के कोकसार चौकी के नजदीक एक नाले में पानी का स्तर बढ़ जाने के बाद मार्ग बााधित हो गया।

उन्होंने कहा कि सड़क बाधित होने के कारण कई वाहन फंस गए हैं लेकिन किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

केरल में जनजीवन हो रहा है सामान्य, मृतक संख्या 113 हुई

बारिश से बुरी तरह प्रभावित केरल में हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं और लोग राहत शिविरों से अपने घरों की तरफ जाने लगे हैं। बहरहाल, शनिवार तक मृतकों की संख्या 113 हो गयी।

जानकारी के अनुसार मलप्पुरम में 50 और वायनाड में 12 लोगों की जान चली गयी है। वहां, 28 लोग अभी भी लापता हैं।

वायनाड में पुतुमला और मलप्पुरम में कवलप्पारा में तलाशी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। दोनों क्षेत्र आठ अगस्त से दक्षिण पश्चिम मानसून के दूसरे चरण से बुरी तरह प्रभावित हुए है। भूस्खलन ने वहां दो गांवों का सफाया कर दिया है।

हैदराबाद से विशेषज्ञों के एक दल के शनिवार को कवलप्पारा पहुंचने की उम्मीद है जो ग्राउंड पेनेट्राटिंग राडार (जीपीआर) की मदद से जमीन में दब गये शवों का पता लगायेंगे।

ताजा जानकारी में बताया गया कि मलप्पुरम में 21 लोग, वायनाड में 7 लोग और कोट्टायम में एक व्यक्ति लापता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि कोझिकोड में 17 लोगों, कन्नूर एवं त्रिशूर में नौ-नौ लोगों और इडुक्की से पांच लोगों की मौत हुई है। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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