NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल में मरने वालों की संख्या सौ के पार, आंध्र में 87 गांव बाढ़ की चपेट में
कृष्णा नदी में आई बाढ़ का प्रकोप कम होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गुंटूर जिलों में कई गांव और सैकड़ों एकड़ खेत अभी भी जलमग्न हैं। हिमाचल में बारिश के कारण शनिवार को रोहतांग- मनाली मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। केरल में मृतकों की संख्या शनिवार को 113 हो गयी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Aug 2019
keral flood
Image courtesy: NDTV

केरल में बाढ़ के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या सौ के पार पहुंच गई है। उधर,कृष्णा नदी में आई बाढ़ का प्रकोप कम होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गुंटूर जिलों में कई गांव और सैकड़ों एकड़ खेत अभी भी जलमग्न हैं। ग्यारह वर्षीय एक बच्ची की मौत के साथ ही राज्य में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या दो हो गयी।

एनडीआरएफ के कर्मियों ने एक लड़की का शव बरामद किया जो शुक्रवार को कृष्णा जिले में उफनाई नदी में डूब गयी थी। 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि गुंटूर जिले में एक किसान की भी शुक्रवार को डूबकर मौत हो गयी।

आंध्र प्रदेश में स्टेट रीयल टाईम गवर्नेंस सेंटर के अनुसार तड़के जलस्तर अधिकतम 8.21 लाख क्यूसेक तक पहुंचने के बाद विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यह घटकर 7.99 लाख क्यूसेक रह गया। 

जलाशयों से पानी के बहाव में कमी देखी गई है लेकिन फिर भी कृष्णा और गुंटूर जिलों में 32 मंडलों के तहत आने वाले 87 गांवों के 17,500 लोगों की मुसीबतें अगले दो दिनों तक जारी रह सकती हैं।

दोनों जिलों में 24 गांव बाढ़ के कारण पूरी तरह जलमग्न हैं।

कृष्णा और गुंटूर में 11,553 लोगों को 56 राहत शिविरों में ले जाया गया है जहां भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, दोनों जिलों में कुल 4,352 घरों में पानी भरा हुआ है। 

इन जिलों में 5,311 हेक्टेयर कृषि फसलें और 1,400 हेक्टेयर की बागवानी फसलें बाढ़ में डूबी हैं। 

इस बीच, तडेपल्ली मंडल के तहसीलदार ने भारी बाढ़ के मद्देनजर विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू को नोटिस भेजकर उंडावल्ली में कृष्णानदी के तट पर किराये के बंगले को खाली करने को कहा है। 

नायडू हैदराबाद में थे इसलिए नोटिस बंगले में सुरक्षाकर्मियों को थमाया गया। 

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कृष्णा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मंत्रीगण विजयवाड़ा के जलमग्न क्षेत्रों में गये और उन्होंने राहत कार्यों का निरीक्षण किया।

मूसलाधार बारिश के कारण कांगड़ा में सभी शिक्षण संस्थान बंद

हिमाचल प्रदेश से ख़बर है कि कांगड़ा जिले में भारी बारिश के कारण सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद कर दिए गए।

कांगड़ा के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार शाम से लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर शनिवार सुबह यह निर्देश जारी किए।

प्रजापति ने कहा,‘‘ जिले में लगातार हो रही बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए आज (शनिवार को) स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रहने की घोषणा की जाती है।’’

मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को ‘ऑरेन्ज अलर्ट’ जारी करते हुए राज्य में भारी बारिश को लेकर आगाह किया था। साथ ही ‘रेड वॉर्निंग’ जारी करते हुए कांगड़ा सहित कई जिलों में शनिवार और रविवार को मूसलाधार बारिश होने की जानकारी दी थी।

रोहतांग-मनाली मार्ग बाधित

हिमाचल में ही भारी बारिश के कारण शनिवार को रोहतांग- मनाली मार्ग पर यातायात बाधित हो गया।

कुल्लू के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि जिले के कोकसार चौकी के नजदीक एक नाले में पानी का स्तर बढ़ जाने के बाद मार्ग बााधित हो गया।

उन्होंने कहा कि सड़क बाधित होने के कारण कई वाहन फंस गए हैं लेकिन किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

केरल में जनजीवन हो रहा है सामान्य, मृतक संख्या 113 हुई

बारिश से बुरी तरह प्रभावित केरल में हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं और लोग राहत शिविरों से अपने घरों की तरफ जाने लगे हैं। बहरहाल, शनिवार तक मृतकों की संख्या 113 हो गयी।

जानकारी के अनुसार मलप्पुरम में 50 और वायनाड में 12 लोगों की जान चली गयी है। वहां, 28 लोग अभी भी लापता हैं।

वायनाड में पुतुमला और मलप्पुरम में कवलप्पारा में तलाशी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। दोनों क्षेत्र आठ अगस्त से दक्षिण पश्चिम मानसून के दूसरे चरण से बुरी तरह प्रभावित हुए है। भूस्खलन ने वहां दो गांवों का सफाया कर दिया है।

हैदराबाद से विशेषज्ञों के एक दल के शनिवार को कवलप्पारा पहुंचने की उम्मीद है जो ग्राउंड पेनेट्राटिंग राडार (जीपीआर) की मदद से जमीन में दब गये शवों का पता लगायेंगे।

ताजा जानकारी में बताया गया कि मलप्पुरम में 21 लोग, वायनाड में 7 लोग और कोट्टायम में एक व्यक्ति लापता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि कोझिकोड में 17 लोगों, कन्नूर एवं त्रिशूर में नौ-नौ लोगों और इडुक्की से पांच लोगों की मौत हुई है। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Kerala
Krishna River
heavy rains
Heavy rain and storm
Andhra pradesh
himalaya
natural desaster
NDRF

Related Stories

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

बनारस : गंगा में नाव पलटने से छह लोग डूबे, दो लापता, दो लोगों को बचाया गया

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

झारखंड रोपवे दुर्घटना: वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने 10 और लोगों को सुरक्षित निकाला

सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 7,554 नए मामले, 223 मरीज़ों की मौत

केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया

किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन

खोज ख़बर: हिजाब विवाद हो या नफ़रती भाषण, सब कुछ चुनाव के लिए कब तक


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License