NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
केरल में पहली ट्रांसजेंडर टीवी पत्रकार सामने आई
सादिया ने कहा, ‘‘ मुझ जैसे कई लोग हैं जो मीडिया के पेशे में आए। लेकिन मैं पहली टीवी पत्रकार हूं।’’ सादिया ने सोमवार को लैंडर ‘विक्रम’ के आर्बिटर से सफलतापूर्वक अलग होने पर देश के दूसरे चंद्रमिशन की इस उपलब्धि की अपनी पहली रिपोर्टिंग की।
भाषा
03 Sep 2019
saadiya
फोटो साभार : indiatimes

तिरुवनंतपुरम: हीदी सादिया ने केरल के पहले ट्रांसजेंडर टीवी पत्रकार के रूप इतिहास रचा है और उन्होंने सोमवार को लैंडर ‘विक्रम’ के आर्बिटर से सफलतापूर्वक अलग होने पर देश के दूसरे चंद्रमिशन की इस उपलब्धि की अपनी पहली रिपोर्टिंग की।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के के श्यालजा ने उसे बधाई देते हुए फेसबुक पर लिखा, ‘‘सादिया देश के दूसरे ट्रांसजेंडरों के लिए प्रेरणास्रोत है। अपनी डिग्री के बाद उसने पत्रकारिता में पी जी डिप्लोमा किया और वह कैराली न्यूज़ से जुड़ी। उसने चंद्रयान 2 की उपलब्धि की रिपोर्टिंग की।’’

सादिया को केरल की सत्ताधारी माकपा द्वारा संचालित खबरिया चैनल कैराली ने नौकरी दी। उन्होंने सोमवार को चंद्रयान 2 पर अपनी पहली लाइव रिपोर्टिंग की।
heidi saadiya.jpg

सादिया ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ मुझ जैसे कई लोग हैं जो मीडिया के पेशे में आए। लेकिन मैं पहली टीवी पत्रकार हूं।’’

उन्होंने कहा,‘‘मैं इस स्थान से जुड़कर सौभाग्यशाली महसूस करती हूं। पत्रकार की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है और मैं इस काम की गंभीरता को समझती हूं।’’

उन्होंने यह बताया कि जब वह मेंगलुरु में मेडिसीन की पढ़ाई के लिए गयी तब कैसे उसे मुश्किल स्थिति से जूझना पड़ा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी रैगिंग की गयी और मुझे अपमानित किया गया। मुझे छह महीने बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। उसके बाद मैं बेंगलुरु चली गयी जहां मैंने लिंग परिवर्तन सर्जरी करायी। उसके लिए मेरे माता-पिता अब भी मुझसे नाराज हैं। अब मैं आशा करती हूं कि एक दिन जरूर वे समझेंगे।’’

इग्नू से बीए (साहित्य) करने के बाद सादिया ने तिरुवनंतपुरम से इलेक्ट्रोनिक पत्रकारिता में डिप्लोमा किया।

सादिया ने कहा, ‘‘ पत्रकारिता संस्थान में मित्रों ने मेरा सहयोग किया। मैं प्रथम श्रेणी से पास हुई। कुछ मीडिया घराने मुझे नौकरी पर रखने के लिए अनिच्छुक थे। लेकिन कैराली ने मेरी पात्रता पर गौर किया और मुझे मौका दिया।

उन्होंने कहा कि समाज द्वारा तैयार किये गये अवरोधों को तोड़ना मुश्किल होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम किसी के भी दास नहीं हैं। मैं चाहती हूं कि हम अपनी अपनी सीमाओं से बाहर आएं और अपने हिसाब से बनें। यदि जीवन में कुछ मुश्किले हैं तो उससे बाहर निकलने के लिए कुछ कदम उठाना सदैव बेहतर होता है। हमें मौकों का इस्तेमाल करने और कठिन मेहनत करने की जरूरत है।’’

Kerala
The first transgender TV journalist
break the social inequality
social equality

Related Stories

केरल सरकार ने दहेज निषेध नियमावली में किया बदलाव, ज़िले में तैनात किए ‘दहेज निषेध अधिकारी’

बिहार की प्रवासी महिला मलयालम साक्षरता परीक्षा में रही अव्वल

केरल में होगा देश का पहला सरकारी ट्रांसजेंडर कला उत्सव ‘वर्णपकित्त-2019’

इकोलॉजिकल इमरजेंसी की तरफ तो नहीं बढ़ रहे हम!

कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई, अधिकांश नदियां उफान पर

एफ़आरए : आदिवासियों की ज़मीनों पर फ़ैसला कल


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License