NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
कम्प्यूटर शिक्षकों पर पुलिस का लाठीचार्ज:  "यह कश्मीर नहीं है साहब, बल्कि हरियाणा का दृश्य है!"
हज़ारों कंप्यूटर शिक्षक हरियाणा राज्य सरकार से समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जब स्थानीय पुलिस ने उन्हें डंडो  से मारना शुरू कर दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Sep 2019
teacher protest
Image courtesy:Hindustan times

"यह कश्मीर नहीं है साहब , बल्कि हरियाणा का दृश्य  है और ये कश्मीर के भटके हुए पत्थरबाज़ नहीं, सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा देने वाले शिक्षक हैं।" ग़लती बस इतनी है कि उन्हें भूख लगती है, उनके बच्चे उनसे खाना मांगते हैं, लेकिन बच्चों को नहीं पता कि पहले लाठी खानी पड़ती है।"   

ये कहा था हरियाणा के पंचकूला में 16 सितंबर को पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण  लाठी चार्ज के बाद प्रदर्शन कर रहे कंप्यूटर शिक्षकों ने।

कंप्यूटर शिक्षक कल्याण संघ (CTWA) के बैनर तले लगभग 650 कंप्यूटर शिक्षक, हरियाणा राज्य सरकार से समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जब स्थानीय पुलिस ने उन्हें डंडो  से मारना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उनमें से कई बुरी तरह घायल हो गए और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

CTWA अध्यक्ष बलराम धीमान ने न्यूज़क्लिक को बताया कि "राज्य में हज़ारों कंप्यूटर शिक्षक 20 अगस्त के बाद से विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध की मुख्य मांग है कि 2,200 कंप्यूटर शिक्षक और अन्य 2,300 कंप्यूटर लैब सहायक, जो 2013 से सेवा में हैं, उन्हें नियमित किया जाए।"

हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें आउटसोर्स करने के बाद 2013 में सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए निजी कंपनियों द्वारा कंप्यूटर शिक्षकों और लैब सहायकों को काम पर रखा गया था। हालांकि, कम वेतन, कोई भत्ते और नौकरी की सुरक्षा नहीं होने के कारण शिक्षक और सहायकों ने नियमितीकरण की मांग की।

कंप्यूटर लैब सहायक संघ के महिपाल सिंह सैनी ने कहा, "राज्य में प्रयोगशाला सहायकों को पिछले छह महीने से उनका मासिक वेतन नहीं मिला है, और कल [17 सितंबर को] हमें सिर्फ़ एक महीने का वेतन मिला।"

सैनी के अनुसार, हरियाणा के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में कंप्यूटर शिक्षकों के लिए लगभग 3,300 पद स्वीकृत हैं। हालांकि, उनमें से कोई भी अभी तक भरा नहीं गया है। इसके बजाय, अनुबंध के आधार पर शिक्षकों को काम पर रखा गया है जो रोज़ शोषण का शिकार हैं।

धीमान ने कहा, "जब हम वर्षों से समान काम कर रहे है, अब उन ख़ाली पदों पर हमें समायोजित क्यों नहीं कर रही सरकार? यही हम सरकार से मांग कर रहे हैं।"

दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा राज्य में इस साल के आख़िर में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावों से पहले, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर नीतिगत बदलाव की श्रृंखला की घोषणा करके राज्य में सरकारी कर्मचारियों के वोटों के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हालांकि, अधिकांश घोषणाओं के साथ ही राज्य में कर्मचारियों के श्रम अधिकारों को ताक पर रख दिया गया, श्रमिक ठेकाकरण को ख़त्म करने और समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर सड़कों पर हैं। 

क्या खट्टर सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान देगी! अभी यह देखना बाक़ी है।

Haryana
haryana govt.
Manohar Lal khattar
teachers protest
lathicharge on teacher's
Government schools

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली


बाकी खबरें

  • इतवार की कविता : हॉकी खेलती लड़कियाँ
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : हॉकी खेलती लड़कियाँ
    08 Aug 2021
    टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन कर कांस्य पदक हासिल किया है। लड़कियों के नाम पेश है कात्यायनी की यह कविता...
  • Vandana Katariya
    राज वाल्मीकि
    जाति की ज़ंजीर से जो जकड़ा हुआ है,  कैसे कहें मुल्क वह आज़ाद है!
    08 Aug 2021
    हाल ही में हॉकी की स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के सामने जातिवादी हुड़दंगियों ने जो हुड़दंग मचाया वह न केवल शर्मसार कर देने वाला है बल्कि लोगों की जातिवादी सोच को उजागर करता है।
  • banks
    अजय कुमार
    धन्नासेठों की बीमार कंपनियों से पैसा वसूलने वाला क़ानून पूरी तरह बेकार
    08 Aug 2021
    ज्यादातर बैंक वसूल न होने वाले पैसे को पहले ही बट्टे खाते में डाल चुके होते हैं। इसलिए उनकी चिंता पैसा वसूलने कि नहीं बल्कि बट्टे खाते को बंद करने की होती है। इसके अलावा, वसूली करने वाले अधिकारी…
  • 'एक दुआ': कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित एक महत्वपूर्ण फिल्म
    रचना अग्रवाल
    'एक दुआ': कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित एक महत्वपूर्ण फिल्म
    08 Aug 2021
    चाहे ओलंपिक में हमारी महिला खिलाड़ी हों, चाहे शाहीन बाग़ में संघर्ष करने वाली बहादुर महिलाएं या किसान आन्दोलन की अगुवाई करने वाली किसान महिलाएं; महिलाएं अपने परिवार और इस देश दोनों की नैया पार लगाने…
  • विक्रम और बेताल: 'सरकार जी' और पिंजरे में बंद तोता-मैना की कहानी
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विक्रम और बेताल: 'सरकार जी' और पिंजरे में बंद तोता-मैना की कहानी
    08 Aug 2021
    "जम्बूद्वीप के भारत खण्ड में एक समय में सरकार जी नामक राजा राज करता था। उस राजा को राज करने के अलावा और भी बहुत से काम और शौक थे। वह राजा अपनी प्रजा से अधिक पक्षियों को प्यार करता था...”।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License