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भारत
राजनीति
कन्हैया व अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब
अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि उसने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बगैर आरोप-पत्र क्यों दाखिल किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jan 2019
kanhiya kumar
Image Courtesy: News18 इंडिया

नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्रनेता कन्हैया कुमार और नौ अन्य के खिलाफ राजद्रोह के मामले में दिल्ली के पटियाल हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट को बिना उचित अनुमति के दाखिल करने पर फटकार लगाई है।

अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि उसने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बगैर आरोप-पत्र क्यों दाखिल किया। मुख्य महानगर दंडाधिकारी दीपक शेरावत ने दिल्ली पुलिस से पूछा, "आपने अनुमति के बगैर आरोप-पत्र क्यों दाखिल किया? आपके पास कोई विधिक विभाग नहीं है।"

पुलिस ने अदालत को आश्वस्त किया कि वह 10 दिनों के भीतर जरूरी मंजूरी प्राप्त करेगी।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह फरवरी की तिथि तय की है।

दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में 14 जनवरी को आरोप-पत्र दाखिल किया था जिसमें जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और सात अन्य कश्मीरी छात्रों को आरोपी बनाया गया है।

आरोप-पत्र में राजद्रोह, जानबूझ कर चोट पहुंचाने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज को सही बताकर इस्तेमाल करने, अवैध जुटान के लिए दंड, समान उद्देश्य के साथ अवैध जुटान, बलवा और आपराधिक साजिश से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यह मामला संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में जेएनयू परिसर में 9 फरवरी, 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। 

कन्हैया कुमार और खालिद दोनों ने आरोप-पत्र दाखिल किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह राजनीति से प्रेरित है और नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भाजपा सरकार की मुद्दे से भटकाने वाली चाल है। 

(इनपुट आईएएनएस)

JNU
JNU Sedition case
Kanhaiya Kumar
Umar khalid
Anirban Bhattacharya
delhi police
patiyala house court

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